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क्या आज से अनजान कॉलर की पहचान होगी आसान?: फोन पर नंबर के साथ दिख सकता है नाम, कैसे काम करेगी CNAP सर्विस?
Sun, 01 Nov 2026 07:12 AM IST
जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Sun, 01 Nov 2026 07:12 AM IST
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सीएनएपी सर्विस
- फोटो :
एआई जनरेटेड
विस्तार
अगर आपके फोन पर किसी अनजान नंबर से कॉल आती है, तो अब आपको यह जानने के लिए कॉल उठाने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा कि फोन किसने किया है। एक नवंबरर से देश में कॉलर नेम प्रजेंटेशन (CNAP) सर्विस शुरू हो सकती है। इसके तहत कॉल आने पर मोबाइल स्क्रीन पर नंबर के साथ कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई देगा। दूरसंचार विभागने सभी टेलिकॉम कंपनियों को इस सर्विस को शुरू करने के निर्देश दिए हैं। शुरुआत में यह सुविधा 4G और इससे ऊपर के नेटवर्क पर मिल सकती है।यूजर्स को क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं?
- भारत में एक नवंबर से मोबाइल यूजर्स के लिए कॉलिंग का अनुभव बदल सकता है। दूरसंचार विभाग ने सभी टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को कॉलर नेम प्रजेंटेशन यानी सीएनएपी सर्विस शुरू करने का निर्देश दिया है। इस सुविधा के लागू होने के बाद जब भी किसी अनजान नंबर से कॉल आएगी, तो मोबाइल स्क्रीन पर उस नंबर के साथ कॉलर का नाम भी दिखाई दे सकता है।
- अभी ऐसा होने पर यूजर को थर्ड-पार्टी एप का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन यह नियम लागू होने के बाद आइडेंटिफिकेशन के लिए अलग से एप डाउनलोड करने या सर्विस के लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। टेलिकॉम कंपनियों को इसे अपने नेटवर्क पर उपलब्ध कराना होगा।
सीएनएपी का पूरा नाम कॉलिंग नेम प्रजेंटेशन है। यह टेलिकॉम कंपनियों के नेटवर्क पर काम करने वाली कॉलर पहचान सुविधा है। इसके जरिए कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति को मोबाइल स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम और फोन नंबर दोनों दिखाई देंगे। इसमें नाम उस टेलिकॉम कंपनी के सब्सक्राइबर डेटाबेस से लिया जाएगा, जिसके नेटवर्क से कॉल की जा रही है। यानी अनजान नंबर से कॉल आने पर स्क्रीन पर सिम कार्ड के सब्सक्राइबर रिकॉर्ड में दर्ज नाम दिखाया जाएगा।
फोन पर कैसे दिखाई देगा कॉलर का नाम?
सीएनएपी सर्विस शुरू होने के बाद इनकमिंग कॉल के दौरान मोबाइल स्क्रीन पर दो जानकारियां दिखाई देंगी। अगर कॉल करने वाले का नंबर आपके फोन में पहले से सेव है, तो आपके कॉन्टैक्ट में सेव नाम ही दिखाई देगा। वहीं, अगर नंबर सेव नहीं है, तो टेलिकॉम कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज नाम स्क्रीन पर दिखेगा। इस तरह यूजर्स को अनजान नंबर से आने वाली कॉल के बारे में पहले से कुछ जानकारी मिल सकेगी।
किन यूजर्स को मिलेगी सीएनएपी सर्विस?
- दूरसंचार विभाग के निर्देश के अनुसार, शुरुआत में सीएनएपी सर्विस 4G और इससे ऊपर की तकनीक वाले वायरलेस नेटवर्क पर लागू होगी। इसमें 4G और 5G यूजर्स शामिल हैं। टेलिकॉम कंपनियों को यह सुविधा अपने ग्राहकों के लिए डिफॉल्ट रूप से उपलब्ध करानी होगी।
- फिलहाल 2G और 3G नेटवर्क के साथ लैंडलाइन कनेक्शन पर इस सुविधा को लागू करने का फैसला अलग से किया जाएगा। यानी इन नेटवर्क के यूजर्स को अभी सीएनएपी सर्विस के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
इंटरनेशनल कॉल आने पर क्या दिखेगा?
अब अगर आपके नंबर पर कहीं विदेश से फोन आता है और वह नंबर फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव नहीं है, तो स्क्रीन पर कॉलर का नाम दिखाने के बजाय इंटरनेशनल कॉल लिखा आएगा। इससे यूजर्स को यह समझने में मदद मिलेगी कि कॉल भारत के बाहर से की जा रही है।
क्या सीएनएपी से साइबर ठगी पर लगेगी रोक?
- एक्सपर्ट्स के अनुसार सीएनएपी सर्विस शुरू करने का एक खास उद्देश्य अनजान कॉल की पहचान को आसान बनाना है। इससे यूजर्स को कॉल रिसीव करने से पहले कॉलर के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिल सकेगी। उम्मीद है कि इससे फर्जी कॉल और फोन के जरिए होने वाली ठगी के मामलों को कम करने में मदद मिलेगी।
- हालांकि, केवल नाम दिखाई देने से किसी कॉल के पूरी तरह सुरक्षित होने की गारंटी नहीं मिलेगी। इसलिए किसी अनजान कॉल पर बैंक डिटेल, ओटीपी या दूसरी निजी जानकारी साझा करने से बचना जरूरी है।
क्या हर कॉलर का नाम दिखाई देगा?
- एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ऐसा भी हो सकता है कि कुछ मामलों में कॉलर का नाम दिखाई न दे। क्योंकि जिन यूजर्स ने कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन (CLIR) सुविधा ली हुई है, उनका नाम सीएनएपी के तहत सामने नहीं आएगा। इसके अलावा, इंटरनेशनल कॉल के लिए अनसेव्ड नंबर पर इंटरनेशनल कॉल का टैग दिखाया जाएगा।
- इसलिए सीएनएपी अनजान कॉल की पहचान को आसान जरूर बनाएगी, लेकिन इसे हर तरह की फर्जी या स्पैम कॉल रोकने वाली सर्विस नहीं माना जा सकता है।