WhatsApp का नया फीचर: चैट के नंबर, तारीख और पते पर टैप करते ही खुलेंगे शॉर्टकट, क्या आपके फोन में आया?
WhatsApp चैट में आए फोन नंबर, तारीख, पते और ईमेल के नीचे अब डॉटेट लाइन दिखेगी। इस पर टैप करते ही कॉल, कॉन्टैक्ट सेव, कैलेंडर इवेंट या मैप्स जैसे शॉर्टकट मिलेंगे। क्या आपके फोन में यह आ गया है? जानिए फीचर कैसे काम करता है और प्राइवेसी पर क्या असर होगा।
विस्तार
अब चैट में आए किसी फोन नंबर को कॉपी करके डायल करने या पता कॉपी करके मैप्स में डालने की झंझट नहीं रहेगी। WhatsApp एक ऐसा फीचर ला रहा है, जो मैसेज में लिखी जरूरी जानकारी को खुद पहचानकर उस पर सीधे काम करने का रास्ता दे देता है। कंपनी इसे 'मैसेज टेक्स्ट एक्शन' कह रही है। फिलहाल यह कुछ चुनिंदा एंड्रॉइड और आईफोन यूजर्स तक ही पहुंचा है।
कैसे काम करता है ये फीचर?
WhatsApp अब मैसेज में लिखे फोन नंबर, तारीख, समय, पते और ईमेल को पहचान लेता है। जो जानकारी उसे मिलती है, उसके नीचे डॉटेड लाइन दिख जाती है। उस पर टैप करते ही एक छोटा मेन्यू खुलता है, जिसमें उस जानकारी से जुड़े विकल्प दिखते हैं। यह सुविधा आने वाले और भेजे गए, दोनों तरह के मैसेज पर मिलती है। अगर आपको यह लाइन पसंद नहीं, तो आप उसे नजरअंदाज करके पहले की तरह चैट कर सकते हैं। मेन्यू के ऊपर पहचाना गया टेक्स्ट भी दिखता है, ताकि आप देख सकें कि ऐप ने सही चीज पकड़ी या नहीं।
किस जानकारी पर क्या विकल्प मिलेंगे?
- फोन नंबर: उसे कॉपी कर सकते हैं, कॉन्टैक्ट बना सकते हैं या सीधे कॉल लगा सकते हैं। अगर नंबर किसी बिजनेस का है, तो ऐप उसकी जानकारी भी दिखा सकता है।
- तारीख या समय: तारीख की जानकारी कॉपी करने के अलावा फोन के कैलेंडर में जोड़ी जा सकती है, या WhatsApp के अंदर ही इवेंट बनाया जा सकता है। ग्रुप चैट में कोई मीटिंग, जन्मदिन या प्लान शेयर हो, तब यह काफी काम आएगा।
- पता: उसे मैप्स में खोल सकते हैं या कॉपी कर सकते हैं।
- ईमेल: उसे कॉपी कर सकते हैं या सीधे फोन के मेल ऐप में खोल सकते हैं।
क्या प्राइवेसी पर असर पड़ेगा?
कंपनी का कहना है कि यह जानकारी यूजर के अपने फोन पर ही पहचानी जाती है। ऐप तय पैटर्न देखकर समझता है कि कौन सा टेक्स्ट तारीख, नंबर या ईमेल जैसा दिख रहा है। इस प्रक्रिया में मैसेज की सामग्री या सुझाए गए एक्शन WhatsApp के सर्वर तक नहीं भेजे जाते। कंपनी के मुताबिक इसका एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पर भी कोई असर नहीं पड़ता, यानी आपकी निजी चैट पहले जितनी ही सुरक्षित रहेगी।
गलत पहचान हो तो?
अगर ऐप ने कुछ गलत पकड़ लिया हो या गैर-ज़रूरी सुझाव दिया हो, तो यूज़र फीडबैक भी दे सकते हैं। मेन्यू में सुझाव को मददगार या मददगार नहीं बताने का विकल्प है। मददगार नहीं चुनने पर वजह बतानी होती है, जैसे गलत टेक्स्ट पकड़ा गया या जिस एक्शन की जरूरत नहीं थी, वह सुझा दिया गया। कंपनी के मुताबिक इस फीडबैक के साथ सिर्फ एक संकेत जाता है, मैसेज का कंटेंट नहीं। इससे फीचर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
आपके फोन में कब मिलेगा?
यह फीचर अभी WhatsApp के लेटेस्ट एंड्रॉइड और आईफोन वर्जन पर कुछ चुनिंदा यूजर्स को दिख रहा है, इसलिए हो सकता है आपके फोन में अभी न आया हो। कंपनी ने सबके लिए आने की तारीख नहीं बताई है, पर उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में इसे और यूजर्स मिलेंगे। इसे पाने के लिए ऐप को अपडेट रखना बेहतर रहेगा।