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स्मार्टफोन से क्यों गायब हुई नोटिफिकेशन लाइट: क्यों हटाया गया यह काम का फीचर? जानें यूजर्स पर क्या हुआ असर
Fri, 25 Sep 2026 04:59 PM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 25 Sep 2026 04:59 PM IST
सार
समय के साथ स्मार्टफोन्स से नोटिफिकेशन एलईडी लाइट गायब हो गई हैं। बेजल-लेस डिस्प्ले और ऑलवेज-ऑन डिस्प्ले जैसी एडवांस तकनीक के आने से अब फोन निर्माता कंपनियों ने नोटिफिकेशन LED को हटा दिया है। हालांकि, इसके हटने से स्मार्टफोन यूजर्स में स्क्रीन टाइम बढ़ा है और उन्हें बार-बार फोन चेक करने की लत लग गई है।
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स्मार्टफोन नोटिफिकेशन एलईडी
- फोटो : एआई
विस्तार
कुछ साल पहले तक जब भी हमारे फोन पर कोई मैसेज या मिस्ड कॉल आती थी, तो फोन के ऊपरी हिस्से में एक छोटी सी लाइट (Notification LED) ब्लिंक करने लगती थी। फोन को छुए बिना ही यह लाइट बता देती थी कि कोई नोटिफिकेशन आया है। ये छोटी सी नोटिफिकेशन लाइट यह भी बताती थी कि कोई लेकिन अब, लगभग हर नए स्मार्टफोन से यह हार्डवेयर नोटिफिकेशन एलईडी चुपचाप हटा दी गई है। आखिर कंपनियों ने यह कदम क्यों उठाया और इससे हम यूजर्स पर क्या असर पड़ रहा है? आइए जानते हैं।
क्यों गायब हुई नोटिफिकेशन एलईडी?
क्यों जरूरी थी नोटिफिकेशन लाइट?
बढ़ गई स्क्रीन टाइम
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क्यों गायब हुई नोटिफिकेशन एलईडी?
- नोटिफिकेशन एलईडी को हटाने के पीछे सबसे बड़ी वजह स्मार्टफोन की डिस्प्ले तकनीक में हुआ बदलाव है। फोन निर्माता कंपनियों ने एमोलेड (AMOLED) स्क्रीन्स और ऑलवेज-ऑन डिस्प्ले (AOD) फीचर्स को अपनाना शुरू कर दिया, जिससे एक अलग एलईडी लाइट की जरूरत लगभग खत्म हो गई। AOD फीचर फोन की स्क्रीन के एक छोटे से हिस्से को स्लीप मोड में भी ऑन रखता है, जिससे स्क्रीन पर ही समय, बैटरी स्टेटस और नोटिफिकेशन आइकॉन दिखाई दे जाते हैं।
- इसके अलावा, स्मार्टफोन कंपनियों ने बेजल (स्क्रीन के किनारे की पट्टी) को छोटा करना शुरू कर दिया, जिससे फोन के फ्रंट पर एक्स्ट्रा सेंसर या एलईडी लगाने की जगह काफी कम हो गई।
- कंपनियों के लिए अलग LED लगाने के बजाय स्क्रीन आधारित नोटिफिकेशन देना ज्यादा आसान और डिजाइन के लिहाज से बेहतर विकल्प बन गया।
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क्यों जरूरी थी नोटिफिकेशन लाइट?
- इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत थी कि यूजर को फोन उठाने या स्क्रीन ऑन करने की जरूरत नहीं पड़ती थी। टेबल पर रखा फोन दूर से देखकर भी पता चल सकता था कि कोई नया मैसेज या अलर्ट आया है। कुछ फोन में अलग-अलग एप के लिए अलग रंग भी सेट किए जा सकते थे। उदाहरण के लिए एक रंग मैसेज और दूसरा मिस्ड कॉल का संकेत दे सकता था।
- आज इसके बदले ऑलवेज-ऑन डिस्प्ले, एज लाइटिंग, स्क्रीन फ्लैश या लॉक स्क्रीन आइकन जैसे विकल्प मिलते हैं, जो यूजर्स को नोटिफिकेशन देखने के लिए बार-बार फोन चेक करने के लिए मजबूर कर देते हैं। इससे कई लोगों को बार-बार फोन चेक करने की लग लग गई है।
बढ़ गई स्क्रीन टाइम
- स्मार्टफोन में नोटिफिकेशन LED के न होने से स्क्रीन टाइम भी बढ़ा है। पहले जहां आप बस एलईडी लाइट को देखकर समझ जाते थे कि नोटिफिकेशन जरूरी है या उसे टाला जा सकता है। वहीं, अब इसके न होने से आपको बार-बार फोन की स्क्रीन ऑन करनी पड़ती है। इससे काम से ध्यान भी भटकता है और स्क्रीन टाइम भी बढ़ता है। नोटिफिकेशन एलईडी के न मिलने से कई यूजर्स की आदत हो गई है कि वे बिना मतलब फोन चेक करते रहते हैं।
- सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि नोटिफिकेशन लाइट न मिलने की वजह से यूजर्स में "फियर ऑफ मिसिंग आउट" (FOMO) बढ़ गया है, यानी उन्हें यह डर सताने लगा कि कहीं उनसे कोई जरूरी जानकारी मिस न हो जाए। देखा जाए तो अब नोटिफिकेशन लाइट न मिलने के कारण हम स्क्रीन पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं, जिसका सीधा असर हमारे मानसिक व्यवहार पर पड़ रहा है।