मेरठ: करेंसी चेस्ट में मिले 4.63 लाख के नकली नोटों की क्राइम ब्रांच करेगी जांच, एटीएस भी करेगी मॉनिटरिंग
मेरठ के मंगलपांडे नगर स्थित एक्सिस बैंक की करेंसी चेस्ट में 1323 नकली नोट मिले हैं, जिनकी कीमत 4.63 लाख रुपये है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच करेगी और एटीएस मॉनिटरिंग करेगी।
विस्तार
मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र के मंगलपांडे नगर स्थित एक्सिस बैंक की शाखा के करेंसी चेस्ट में 4.63 लाख रुपये के नकली नोट मिलने के मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। बैंक की करेंसी चेस्ट से 1323 जाली नोट बरामद हुए हैं। मामले की एटीएस भी मॉनिटरिंग करेगी। नकली नोट मिलने के बाद पुलिस और बैंक अधिकारियों में हड़कंप है।
13 माह की रकम की जांच में मिले नकली नोट
हरियाणा के हिसार निवासी एक्सिस बैंक प्रबंधक सरताज सिंह ने 16 सितंबर को एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को शिकायत दी थी। बैंक प्रबंधक के अनुसार मंगलपांडे नगर स्थित करेंसी चेस्ट से एक्सिस बैंक की 186 शाखाएं जुड़ी हैं। इन शाखाओं में जमा धनराशि निरीक्षण के लिए करेंसी चेस्ट भेजी जाती है। करीब 13 माह तक प्राप्त धनराशि की जांच के दौरान नकली नोटों का पता चला।
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1323 नकली नोट बरामद
करेंसी चेस्ट से कुल 1323 नकली नोट मिले हैं। इनमें 500, 200, 100 और 50 रुपये के नोट शामिल हैं। बैंक अधिकारी अब करीब नौ महीने तक जमा हुई रकम से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य जानकारी जुटा रहे हैं। बरामद नकली नोटों को जांच के लिए नासिक भेजे जाने की तैयारी है।
क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच
सिविल लाइन पुलिस ने मामले की प्राथमिक रिपोर्ट तैयार कर एसएसपी को सौंप दी है। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने मामले की गंभीरता से जांच के निर्देश दिए हैं। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि एसएसपी ने जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। एसपी क्राइम के निर्देशन में टीम मामले की जांच करेगी।
2024 में भी मिले थे 2.37 लाख के नकली नोट
इसी एक्सिस बैंक में वर्ष 2024 में भी 2.37 लाख रुपये के नकली नोट मिलने का मामला सामने आया था। इस संबंध में सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी चल रही है। दो साल बाद दोबारा इसी शाखा के करेंसी चेस्ट में नकली नोट मिलने से बैंक और पुलिस अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।
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हाईटेक मशीनें लगाने की मांग
बैंकों में नकली नोटों की पहचान के लिए हाईटेक मशीनें लगाने की मांग भी उठ रही है। बैंक कर्मचारी यूनियनों की मांग पर विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने भारतीय रिजर्व बैंक को पत्र लिखकर ऐसी मशीनें उपलब्ध कराने की मांग की है।
इंडियन बैंक कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी ललित शर्मा के अनुसार निजी बैंक अधिक सक्रिय होकर काम कर रहे हैं। यूनियन बैंक यूनियन के सचिव अहमद रहमान ने कहा कि एक कैशियर दिनभर में करीब एक करोड़ रुपये तक का लेनदेन करता है। ऐसे में नकली नोटों की पहचान के लिए हाईटेक मशीनों की जरूरत है।
एनआईए भी बढ़ा सकती है जांच का दायरा
सहारनपुर में पीएनबी की करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी कर रही है। इसी मामले के संदर्भ में एनआईए की नजर मेरठ के एक्सिस बैंक मामले पर भी होने की बात सामने आई है। हालांकि, मेरठ मामले में एनआईए द्वारा जांच का दायरा बढ़ाए जाने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।