{"_id":"6a58bc29136a5163b5077c6b","slug":"using-same-password-everywhere-here-why-security-risk-2026-07-16","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Tech Tips: हर जगह एक ही Password रखने के क्या खतरे हो सकते हैं? जानिए सुरक्षित पासवर्ड बनाने के आसान तरीके","category":{"title":"Tech Tips in Hindi","title_hn":"टेक टिप्स एंड ट्रिक्स","slug":"tip-of-the-day"}}
Tech Tips: हर जगह एक ही Password रखने के क्या खतरे हो सकते हैं? जानिए सुरक्षित पासवर्ड बनाने के आसान तरीके
Thu, 16 Jul 2026 06:56 PM IST
जागृति
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति
Updated Thu, 16 Jul 2026 06:56 PM IST
सार
Password Security: क्या आप भी अपने फेसबुक, जीमेल, नेट बैंकिंग और ऑनलाइन शॉपिंग एप्स के लिए एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल करते हैं? अगर हां, तो आप अनजाने में साइबर अपराधियों को अपने पूरे डिजिटल एप्स की चाबी दे रहे हैं। आइए जानते हैं कि एक ही पासवर्ड हर जगह इस्तेमाल करने से क्या-क्या खतरे हैं और आपकी सुरक्षा के लिए एक मजबूत पासवर्ड जरूरी क्यों है?
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Strong Password Safety Tips: आज के समय में इंटरनेट यूजर्स की ओर से की जाने वाली एक छोटी लापरवाही आपकी जेब खाली कर सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब आप कई अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर एक ही पासवर्ड का उपयोग करते हैं, तो आपका पूरा डिजिटल डेटा खतरे में पड़ जाता है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
डोमिनो इफेक्ट क्या है और यह कैसे नुकसान करता है ?
- मान लीजिए आपने किसी शॉपिंग वेबसाइट और अपने ईमेल का पासवर्ड एक जैसा ही रखा है और किसी एक चूक की वजह से वह पासवर्ड हैकर्स के हाथ लग गया, तो साइबर अपराधी उसी पासवर्ड की मदद से आपके ईमेल, सोशल मीडिया और दूसरे महत्वपूर्ण अकाउंट में भी लॉगिन करने की कोशिश कर सकते हैं। इसे ही डोमिनो इफेक्ट कहा जाता है।
- बात नुकसान की करें, तो अगर आपकी बैंकिंग सेवाओं या UPI से जुड़ी जानकारी उसी ईमेल या पासवर्ड से जुड़ी है, तो साइबर ठग आपके वित्तीय खातों तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में बैंकिंग फ्रॉड और पैसों का नुकसान होने का जोखिम बढ़ जाता है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
पहचान की चोरी का भी रहता है खतरा
इतना ही नहीं ईमेल और अन्य निजी अकाउंट तक पहुंच मिलने के बाद साइबर अपराधी आपकी व्यक्तिगत जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका उपयोग पहचान की चोरी (Identity Theft), फर्जी लोन लेने या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
ऑफिस डेटा भी हो सकता है लीक
कई लोग अपने निजी और ऑफिस अकाउंट के लिए भी एक जैसा पासवर्ड रखते हैं। ऐसे में अगर पर्सनल अकाउंट हैक हो जाए, तो कंपनी के संवेदनशील दस्तावेज और डेटा भी जोखिम में पड़ सकते हैं। इससे पेशेवर नुकसान और नौकरी पर भी असर पड़ सकता है।
इतना ही नहीं ईमेल और अन्य निजी अकाउंट तक पहुंच मिलने के बाद साइबर अपराधी आपकी व्यक्तिगत जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका उपयोग पहचान की चोरी (Identity Theft), फर्जी लोन लेने या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
ऑफिस डेटा भी हो सकता है लीक
कई लोग अपने निजी और ऑफिस अकाउंट के लिए भी एक जैसा पासवर्ड रखते हैं। ऐसे में अगर पर्सनल अकाउंट हैक हो जाए, तो कंपनी के संवेदनशील दस्तावेज और डेटा भी जोखिम में पड़ सकते हैं। इससे पेशेवर नुकसान और नौकरी पर भी असर पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
हैकर्स कैसे करते हैं हमला?
- डिजिटल सुविधाएं बढ़ने के साथ ही हैकर्स भी एडवांस हो रहे हैं। ऐसे में साइबर अपराधी क्रेडेंशियल स्टफिंग बॉट्स और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं।
- ये टूल इंटरनेट पर लीक हुए पासवर्ड को हजारों वेबसाइटों पर अपने-आप टेस्ट करते हैं। अगर पासवर्ड मेल खा जाए, तो अकाउंट तक पहुंच बनाना आसान हो जाता है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
कैसे रहे सुरक्षित?
ऑनलाइन सुरक्षा मजबूत करने के लिए कुछ आसान लेकिन जरूरी कदम अपनाए जा सकते हैं।
ऑनलाइन सुरक्षा मजबूत करने के लिए कुछ आसान लेकिन जरूरी कदम अपनाए जा सकते हैं।
- हर अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड बनाएं।
- पासवर्ड में बड़े और छोटे अक्षर, अंक तथा स्पेशल कैरेक्टर (@, #, $) शामिल करें।
- बिटवार्डन या डैशलेन जैसे भरोसेमंद पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करें।
- सभी अकाउंट में मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) या टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखें।
- समय-समय पर अपने पासवर्ड बदलते रहें और उन्हें किसी के साथ साझा न करें।