Landlord-Tenant: किराएदार से परेशान हैं मकान मालिक? इन मामलों में तुरंत कर सकते हैं कार्रवाई, जानें नियम
Landlord Evict Tenant: किराएदार को बिना नोटिस घर से निकालना सामान्य तौर पर कानून के खिलाफ माना जाता है, लेकिन कुछ गंभीर परिस्थितियों में मकान मालिक के पास तुरंत कार्रवाई करने या कोर्ट जाने का रास्ता होता है। जानिए किन मामलों में यह संभव है और किन कदमों से मकान मालिक को बचना चाहिए।
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अगर आपने अपना घर किराए पर दिया है और अब किराएदार उसे खाली नहीं कर रहा तो घबराकर कोई ऐसा कदम न उठाएं जिससे आपकी मुश्किल और बढ़ जाए। अक्सर मकान मालिकों को लगता है कि किराएदार को बिना नोटिस घर से निकालना हर स्थिति में गैरकानूनी है। हालांकि, ऐसा हर मामले में नहीं होता। कुछ परिस्थितियां ऐसी भी हैं, जहां मकान मालिक किराएदार से घर खाली करने के लिए कह सकता है या जरूरत पड़ने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। दरअसल ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट और संबंधित राज्य के रेंट कंट्रोल एक्ट में किराएदारी से जुड़े नियम बताए गए हैं। हालांकि, किराएदार को बिना उचित नोटिस के घर से निकालना कानून का उल्लंघन माना जाता है। लेकिन कुछ गंभीर मामलों में अपवाद हो सकते हैं। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर आप अपना मकान किराए पर दे रहे हैं तो आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन परिस्थितियों में आप किराएदार को निकाल सकते हैं। तो आइए जानते हैं।
इन हालात में हो सकती है कार्रवाई
अगर किराएदार कई महीनों यानी करीब 2 से 3 महीने या उससे ज्यादा समय से किराया नहीं चुका रहा है तो मकान मालिक उससे घर खाली करने के लिए कह सकता है। इसी तरह अगर किराएदार ने रेंट एग्रीमेंट में तय नियमों का उल्लंघन किया है तो मकान मालिक उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है और घर खाली करने के लिए कह सकता है। मामला तब और गंभीर हो जाता है जब मकान का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों जैसे जुआ, अवैध काम या नशीले पदार्थों की बिक्री के लिए किया जा रहा हो। ऐसी स्थिति में मकान मालिक के पास तत्काल कदम उठाने या कोर्ट जाने का विकल्प हो सकता है। इसके अलावा अगर किराएदार ने मकान के स्ट्रक्चर को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया है तो भी घर खाली कराने की कार्रवाई की जा सकती है। लगातार शोर-शराबे से पड़ोसियों को परेशानी होने की स्थिति में भी मकान मालिक कार्रवाई कर सकता है।
ये गलतियां बिल्कुल न करें
हालांकि, किराएदार से विवाद होने पर मकान मालिक खुद कानून हाथ में नहीं ले सकता। बिजली-पानी का कनेक्शन काटना, ताला बदलना, किराएदार का सामान बाहर फेंकना या उसे धमकाना गलत कदम हो सकते हैं और इससे कानूनी परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे मामलों में सही प्रक्रिया अपनाना और जरूरत पड़ने पर कानूनी सलाह लेना ही सुरक्षित रास्ता है। अपने मनमाने ढंग से कोई भी काम करने से अच्छा है कि कानून का रास्ता ही अपनाएं।
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