सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Ayodhya: Nripendra Misra says an experienced executive officer should be appointed for the Ram Mandir

Ayodhya: नृपेंद्र मिश्र बोले- राम मंदिर में की जानी चाहिए अनुभवी कार्याधिकारी की नियुक्ति, यह गंभीर मामला

अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Wed, 17 Jun 2026 08:45 PM IST
विज्ञापन
सार

नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि दान राशि में गबन प्रकरण पहले की तुलना में अधिक गंभीर है। कहा कि एसआईटी अपनी रिपोर्ट निर्धारित समय में प्रस्तुत करेगी और सभी तथ्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन करेगी। 

Ayodhya: Nripendra Misra says an experienced executive officer should be appointed for the Ram Mandir
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दानराशि में गड़बड़ी और उसकी जांच के लिए गठित एसआईटी की पड़ताल के बीच राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र का बड़ा बयान सामने आया है। एक चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा है कि राम मंदिर जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के धार्मिक केंद्र के प्रबंधन के लिए जल्द से जल्द एक अनुभवी और सक्षम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अथवा विशेष कार्याधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए, जिसे प्रबंधन संचालन में पर्याप्त स्वतंत्रता प्राप्त हो।



राम मंदिर में दानराशि विवाद पर नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि यदि विवाद मंदिर के प्रबंधन से जुड़ा है तो स्वाभाविक रूप से मंदिर की सेवा और व्यवस्थाओं से जुड़े सभी लोगों को दुख होगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले भूमि क्रय से जुड़ा एक मामला सामने आया था। उस समय ट्रस्ट की बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई थी और भविष्य में भूमि खरीद की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। उन्होंने कहा कि वह घटना एक प्रकार की चेतावनी थी कि यदि व्यवस्थाओं में पारदर्शिता नहीं होगी तो कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - राजभर बोले- आपकी लंका में आग लगने वाली है, आइये हमारे घर; 2-4 किलो आलू, प्याज और बोरी भर गेंहू मिलेगा
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - अखिलेश बोले- हम गोरखपुर में भाजपा को जीरो पर लाने के लिए काम करेंगे, इस सरकार के लिए धर्म का मतलब धन


नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि वर्तमान प्रकरण पहले की तुलना में अधिक गंभीर चुनौती है। कहा कि एसआईटी अपनी रिपोर्ट निर्धारित समय में प्रस्तुत करेगी और सभी तथ्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन करेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सनातन धर्म का अंतरराष्ट्रीय प्रतीक बन चुका है। इसलिए यहां का प्रशासन और प्रबंधन देश के अन्य प्रमुख मंदिरों की तुलना में सर्वोच्च स्तर का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक ऐसे अनुभवी अधिकारी की आवश्यकता है जो ट्रस्ट के नियंत्रण में कार्य करे, लेकिन दैनिक प्रशासनिक और प्रबंधकीय निर्णयों में उसे पर्याप्त स्वतंत्रता प्राप्त हो। इस दिशा में शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए।

भक्तों का विश्वास सर्वोपरि
- नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था की सबसे बड़ी पूंजी श्रद्धालुओं का विश्वास होता है। राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए यहां पारदर्शिता, जवाबदेही और उत्कृष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने के लिए संस्थागत सुधारों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed