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BCCI: विदेशी दौरे पर वैभव के साथ माता-पिता को क्यों भेज रहा है बीसीसीआई? सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कारण
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Thu, 18 Jun 2026 05:06 PM IST
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सार
भारतीय टीम की नई बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने गए हैं। बीसीसीआई ने इन दोनों दौरों पर वैभव के माता-पिता को साथ भेजने का फैसला लिया है। अब बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने इसका कारण बताया है।
वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
वैभव सूर्यवंशी के माता पिता को इस महीने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर साथ जाने की अनुमति देने के भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के फैसले के बारे में बोर्ड सचिव देवाजीत सैकिया जानकारी दी है। सैकिया ने कहा कि 15 साल के एक स्कूली बच्चे को सीनियर टीम में आसानी से ढलने की सहूलियत देना जरूरी है। भारतीय टी20 टीम में पहली बार जगह बनाने वाले सूर्यवंशी को सात मैचों (आयरलैंड के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ पांच) के लिए चुना गया है।
आयरलैंड दौरे से होगी शुरुआत
दौरे की शुरूआत 26 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मैच से होगी। सैकिया ने कहा, सभी राष्ट्रीय टीमों में सीनियर स्तर पर 14-15 साल का खिलाड़ी टीम में नहीं होता है। कई दशक बाद हमारे पास वैभव सूर्यवंशी जैसा खिलाड़ी है। एक समय सचिन तेंदुलकर (टेस्ट डेब्यू के समय 16 वर्ष छह महीने) थे जिन्होंने कम उम्र में राष्ट्रीय टीम में डेब्यू किया। जब टीम में इतनी कम उम्र का खिलाड़ी हो तो मसले हो सकते हैं।
सैकिया ने कहा, उसे सहज बनाने और सीनियर टीम में आसानी से ढलने के लिए हमें लगा कि इससे मदद मिलेगी। टीम में बाकी सभी खिलाड़ी 18 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और टीम प्रबंधन के सदस्य भी वयस्क हैं। हमें लगा कि इस फैसले से वैभव के लिए काफी आसान हो जाएगा। जब स्कूल के बच्चे ट्रिप पर जाते हैं तो एक सीनियर व्यक्ति उनके साथ होता है। वैभव अभी बच्चा है। अभी स्कूल में ही है। हमें लगा कि उसके माता-पिता का साथ जाना सही होगा।
दौरे की शुरूआत 26 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मैच से होगी। सैकिया ने कहा, सभी राष्ट्रीय टीमों में सीनियर स्तर पर 14-15 साल का खिलाड़ी टीम में नहीं होता है। कई दशक बाद हमारे पास वैभव सूर्यवंशी जैसा खिलाड़ी है। एक समय सचिन तेंदुलकर (टेस्ट डेब्यू के समय 16 वर्ष छह महीने) थे जिन्होंने कम उम्र में राष्ट्रीय टीम में डेब्यू किया। जब टीम में इतनी कम उम्र का खिलाड़ी हो तो मसले हो सकते हैं।
सैकिया ने कहा, उसे सहज बनाने और सीनियर टीम में आसानी से ढलने के लिए हमें लगा कि इससे मदद मिलेगी। टीम में बाकी सभी खिलाड़ी 18 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और टीम प्रबंधन के सदस्य भी वयस्क हैं। हमें लगा कि इस फैसले से वैभव के लिए काफी आसान हो जाएगा। जब स्कूल के बच्चे ट्रिप पर जाते हैं तो एक सीनियर व्यक्ति उनके साथ होता है। वैभव अभी बच्चा है। अभी स्कूल में ही है। हमें लगा कि उसके माता-पिता का साथ जाना सही होगा।
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सूर्यवंशी पर कार्रवाई को लेकर क्या बोले सैकिया?
सैकिया ने सोशल मीडिया पर चल रही इन अटकलों पर भी हैरानी जताई कि भारतीय बोर्ड श्रीलंका ए के खिलाड़ी के साथ हाल ही में एक मैच के दौरान मैदान पर हुई बहस को लेकर सूर्यवंशी के खिलाफ कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पर बहुत कुछ चल रहा है कि बीसीसीआई कार्रवाई करेगा। क्या बीसीसीआई मैच रेफरी है? ऐसे मामलों में अंपायर और मैच रेफरी फैसले लेते हैं। जो कुछ हुआ, वह खेल का हिस्सा था और बीसीसीआई की इसमें कोई भूमिका नहीं है। यह मैच रेफरी का काम है। अगर कोई गलती कर रहा है तो वह फैसला लेंगे।
सैकिया ने सोशल मीडिया पर चल रही इन अटकलों पर भी हैरानी जताई कि भारतीय बोर्ड श्रीलंका ए के खिलाड़ी के साथ हाल ही में एक मैच के दौरान मैदान पर हुई बहस को लेकर सूर्यवंशी के खिलाफ कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पर बहुत कुछ चल रहा है कि बीसीसीआई कार्रवाई करेगा। क्या बीसीसीआई मैच रेफरी है? ऐसे मामलों में अंपायर और मैच रेफरी फैसले लेते हैं। जो कुछ हुआ, वह खेल का हिस्सा था और बीसीसीआई की इसमें कोई भूमिका नहीं है। यह मैच रेफरी का काम है। अगर कोई गलती कर रहा है तो वह फैसला लेंगे।