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Ayodhya News: शिक्षा विभाग के सात करोड़ के घोटाले की जांच में सीबीआई ने मारा छापा
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 17 Jun 2026 10:03 PM IST
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अयोध्या। शिक्षा विभाग से जुड़े कथित लगभग सात करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले की जांच के तहत सीबीआई ने बुधवार को अयोध्या में बड़ी कार्रवाई करते हुए देवकाली क्षेत्र स्थित पवन कुमार मालवीय के आवास पर छापा मारा। कोतवाली नगर क्षेत्र की देवकाली पुलिस चौकी के निकट स्थित आवास पर पहुंची सीबीआई टीम ने सीबीआई की डीआईजी शिवानी तिवारी के निर्देशन में चार-पांच गाड़ियों से पहुंची टीम ने करीब तीन घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज व अभिलेख अपने कब्जे में लिए।
जानकारी के अनुसार सीबीआई की टीम सुबह करीब छह बजे अयोध्या पहुंची थी। यह कार्रवाई अमेठी जनपद के वित्त एवं लेखा विभाग व बेसिक शिक्षा विभाग में हुए कथित करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई। बताया जा रहा है कि मामले में उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई थी, जिसके बाद एजेंसी ने प्रकरण दर्ज कर विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू की। सूत्रों की मानें तो पवन कुमार मालवीय, विजय कुमार मालवीय और मनोज कुमार मालवीय भाई हैं।
सूत्रों के मुताबिक वित्त एवं लेखा विभाग के कुछ कर्मचारियों ने वेतन, भत्तों और एरियर के नाम पर फर्जीवाड़ा करते हुए करोड़ों रुपये की धनराशि कई शिक्षकों के खातों में स्थानांतरित कर दी थी। जांच में वित्त एवं लेखा विभाग के कनिष्ठ लिपिक मनोज कुमार मालवीय का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग में कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। छापेमारी के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने अभिलेखों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। स्पेशल कोर्ट की ओर से जारी सर्च वारंट के आधार पर अयोध्या के अलावा अमेठी, लखनऊ, प्रतापगढ़ और कुशीनगर में भी एक साथ छापा मार जांच की गई। जांच के दौरान समाचार लिखे जाने तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई थी। एजेंसी जब्त दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड का परीक्षण कर रही है। सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि सीबीआई ने सुबह करीब छह बजे देवकाली स्थित पवन कुमार मालवीय के आवास पर छापामारी की है।
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20 वर्ष पहले भी पड़ चुका है छापा
सूत्रों के अनुसार एक गबन के मामले में 20 वर्ष पूर्व भी देवकाली स्थित उनके मकान पर छापेमारी हो चुकी है। तब जो मामला था वह पवन मालवीय के परिवारीजन से जुड़ा हुआ था जिस पर टीम ने छापा मारकर जांच की थी।
जानकारी के अनुसार सीबीआई की टीम सुबह करीब छह बजे अयोध्या पहुंची थी। यह कार्रवाई अमेठी जनपद के वित्त एवं लेखा विभाग व बेसिक शिक्षा विभाग में हुए कथित करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई। बताया जा रहा है कि मामले में उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई थी, जिसके बाद एजेंसी ने प्रकरण दर्ज कर विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू की। सूत्रों की मानें तो पवन कुमार मालवीय, विजय कुमार मालवीय और मनोज कुमार मालवीय भाई हैं।
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सूत्रों के मुताबिक वित्त एवं लेखा विभाग के कुछ कर्मचारियों ने वेतन, भत्तों और एरियर के नाम पर फर्जीवाड़ा करते हुए करोड़ों रुपये की धनराशि कई शिक्षकों के खातों में स्थानांतरित कर दी थी। जांच में वित्त एवं लेखा विभाग के कनिष्ठ लिपिक मनोज कुमार मालवीय का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग में कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। छापेमारी के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने अभिलेखों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। स्पेशल कोर्ट की ओर से जारी सर्च वारंट के आधार पर अयोध्या के अलावा अमेठी, लखनऊ, प्रतापगढ़ और कुशीनगर में भी एक साथ छापा मार जांच की गई। जांच के दौरान समाचार लिखे जाने तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई थी। एजेंसी जब्त दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड का परीक्षण कर रही है। सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि सीबीआई ने सुबह करीब छह बजे देवकाली स्थित पवन कुमार मालवीय के आवास पर छापामारी की है।
20 वर्ष पहले भी पड़ चुका है छापा
सूत्रों के अनुसार एक गबन के मामले में 20 वर्ष पूर्व भी देवकाली स्थित उनके मकान पर छापेमारी हो चुकी है। तब जो मामला था वह पवन मालवीय के परिवारीजन से जुड़ा हुआ था जिस पर टीम ने छापा मारकर जांच की थी।