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Ayodhya News: चिकित्सकों की कमी झेल रहे मरीज, रात में सीजेरियन प्रसव पर संकट
Fri, 11 Sep 2026 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 11 Sep 2026 12:52 AM IST
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अयोध्या। जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी का खामियाजा मरीजों, खासकर गर्भवती महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों के अधिकांश पद लंबे समय से रिक्त हैं। ऐसे में मरीजों को समय पर उपचार मिलने में दिक्कत हो रही है। सबसे गंभीर स्थिति रात के समय सीजेरियन प्रसव के दौरान बनती है, जब एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की उपलब्धता चुनौती बन जाती है।
जिला महिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञों के कुल 17 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इसके सापेक्ष महज पांच चिकित्सक ही तैनात हैं। यानी 12 पद रिक्त पड़े हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या का दबाव बढ़ जाता है और गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकीय परामर्श के लिए इंतजार करना पड़ता है। प्रसव के गंभीर मामलों में भी सीमित चिकित्सकीय संसाधनों के बीच सेवाएं संचालित करनी पड़ रही हैं।
वहीं, अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के पांच पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल एक चिकित्सक की तैनाती है। चार पद खाली होने से रात के समय आपात स्थिति में सीजेरियन प्रसव कराना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की उपलब्धता नहीं होने पर ऑपरेशन को लेकर स्थिति गंभीर हो जाती है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशाराम त्यागी ने बताया कि जरूरत पड़ने पर एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की ऑन-कॉल व्यवस्था की जाती है। हालांकि, कई बार डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो पाते, जिससे परेशानी बढ़ जाती है। विशेषज्ञों की कमी के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
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जिला महिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञों के कुल 17 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इसके सापेक्ष महज पांच चिकित्सक ही तैनात हैं। यानी 12 पद रिक्त पड़े हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या का दबाव बढ़ जाता है और गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकीय परामर्श के लिए इंतजार करना पड़ता है। प्रसव के गंभीर मामलों में भी सीमित चिकित्सकीय संसाधनों के बीच सेवाएं संचालित करनी पड़ रही हैं।
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वहीं, अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के पांच पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल एक चिकित्सक की तैनाती है। चार पद खाली होने से रात के समय आपात स्थिति में सीजेरियन प्रसव कराना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की उपलब्धता नहीं होने पर ऑपरेशन को लेकर स्थिति गंभीर हो जाती है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशाराम त्यागी ने बताया कि जरूरत पड़ने पर एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की ऑन-कॉल व्यवस्था की जाती है। हालांकि, कई बार डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो पाते, जिससे परेशानी बढ़ जाती है। विशेषज्ञों की कमी के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
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