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Ayodhya News: बाढ़-दशरथ समाधि की सुरक्षा को तेज हुई तैयारियां
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 19 Jun 2026 08:59 PM IST
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समाधि स्थल के पास बंधे पर कटान रोकने का कार्य जोरों पर है
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पूरा बाजार। सरयू नदी की संभावित कटान से राजा दशरथ की समाधि और अयोध्या-बिल्वहरिघाट तटबंध को सुरक्षित रखने की तैयारियां तेज हो गई हैं। बाढ़ कार्य खंड ने करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से तीन परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। इन सुरक्षा कार्यों को बरसात से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बाढ़ कार्य खंड के अभियंता तटबंध के संवेदनशील हिस्सों पर बोल्डर पिचिंग करा रहे हैं। पहले से निर्मित स्परों को मजबूत करने का काम भी जारी है। राजा दशरथ की समाधि तटबंध के अंतिम छोर पर स्थित है। इसे हर वर्ष बरसात के दौरान सरयू की कटान का खतरा बना रहता है। अधिशासी अभियंता संजय सिंह ने बताया कि तटबंध के किलोमीटर 3.430 और 3.600 पर बने दो स्परों की मरम्मत हो रही है। उनका सुदृढ़ीकरण कार्य भी तेजी से चल रहा है। समाधि स्थल के समीप तटबंध पर बोल्डर पिचिंग का कार्य भी प्रगति पर है। विभाग का लक्ष्य 30 जून तक सभी कार्य पूरे कराने का है। अधिकतम 10 जुलाई तक यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
संजय सिंह ने बताया कि बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है। इसलिए सभी एजेंसियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पर का निर्माण नदी की धारा को नियंत्रित कर कटान रोकने के उद्देश्य से किया जाता है। यह कार्य क्षेत्र को बाढ़ से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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कटान रोकने का बना है 13 किलोमीटर तटबंध
नयाघाट से दशरथ समाधि तक लगभग 13 किलोमीटर लंबे तटबंध का निर्माण किया गया था। इसका उद्देश्य क्षेत्र को बाढ़ और कटान से बचाना है। दशरथ समाधि को राम मंदिर सर्किट से जोड़ने के लिए तटबंध के समानांतर फोरलेन मार्ग भी बन रहा है। यह मार्ग अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में समाधि स्थल और तटबंध की सुरक्षा को लेकर विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है।
बाढ़ कार्य खंड के अभियंता तटबंध के संवेदनशील हिस्सों पर बोल्डर पिचिंग करा रहे हैं। पहले से निर्मित स्परों को मजबूत करने का काम भी जारी है। राजा दशरथ की समाधि तटबंध के अंतिम छोर पर स्थित है। इसे हर वर्ष बरसात के दौरान सरयू की कटान का खतरा बना रहता है। अधिशासी अभियंता संजय सिंह ने बताया कि तटबंध के किलोमीटर 3.430 और 3.600 पर बने दो स्परों की मरम्मत हो रही है। उनका सुदृढ़ीकरण कार्य भी तेजी से चल रहा है। समाधि स्थल के समीप तटबंध पर बोल्डर पिचिंग का कार्य भी प्रगति पर है। विभाग का लक्ष्य 30 जून तक सभी कार्य पूरे कराने का है। अधिकतम 10 जुलाई तक यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
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संजय सिंह ने बताया कि बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है। इसलिए सभी एजेंसियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पर का निर्माण नदी की धारा को नियंत्रित कर कटान रोकने के उद्देश्य से किया जाता है। यह कार्य क्षेत्र को बाढ़ से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कटान रोकने का बना है 13 किलोमीटर तटबंध
नयाघाट से दशरथ समाधि तक लगभग 13 किलोमीटर लंबे तटबंध का निर्माण किया गया था। इसका उद्देश्य क्षेत्र को बाढ़ और कटान से बचाना है। दशरथ समाधि को राम मंदिर सर्किट से जोड़ने के लिए तटबंध के समानांतर फोरलेन मार्ग भी बन रहा है। यह मार्ग अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में समाधि स्थल और तटबंध की सुरक्षा को लेकर विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है।