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Ayodhya News: सफाईकर्मी हड़ताल पर, कचरे में तब्दील हुआ अस्पताल
Thu, 29 Oct 2026 11:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 29 Oct 2026 11:34 PM IST
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अयोध्या। सफाईकर्मियों की कुछ घंटे की हड़ताल में ही जिला अस्पताल के वार्ड कचरे में तब्दील हो गए हैं। वार्डों में गंदगी और दुर्गंध से मरीजों का बुरा हो गया।पुरुष सर्जिकल वार्ड में एक मरीज मुंह पर कपड़ा रखकर किसी तरह भर्ती मिला। इमरजेंसी के बाहर कूड़े का ढेर लगा था। जनरल, बच्चा और मेडिसिन वार्ड में मरीजों के बेड के आसपास कचरा फैला मिला। सर्जिकल वार्ड में बाथरूम का गंदा पानी भरा था।
जिला अस्पतालों में सफाई का काम पीसीएस प्राइम क्लियरिंग सर्विस के माध्यम से कराया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार, जिला अस्पताल में करीब 25 और महिला अस्पताल में लगभग 22 सफाईकर्मी तैनात हैं। मेडिकल कॉलेज में 100 से अधिक सफाईकर्मी काम करते हैं। सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें दो महीने से मानदेय नहीं मिला है। चार महीने से ईपीएफ की कटौती भी नहीं हो रही है। महिला अस्पताल में भी कर्मचारियों ने विरोध जताया। बाद में एक अधिकारी ने उन्हें वहां से हटा दिया।
इसके बाद बृहस्पतिवार को सफाईकर्मी मानदेय मिलने के बाद ही काम पर अड़ गए। इससे परिसर में झाड़ू-पोछा नहीं लगा। जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए। हालांकि शाम को अस्पताल प्रबंधन ने जल्द मानदेय का भुगतान कराने का आश्वासन देकर सभी को मना लिया। सीएमएस राजेश सिंह ने बताया कि शुक्रवार तक मानदेय मिल जाएगा। सफाई कर्मचारी काम पर लौट आए हैं।
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बीमारी के साथ गंदगी भी झेलनी पड़ रही
जिला अस्पताल के पुरुष सर्जिकल वार्ड में जगह-जगह गंदगी फैली थी। दुर्गंध से परेशान एक मरीज मुंह पर कपड़ा रखकर लेटा था। बाथरूम का गंदा पानी भी वार्ड में घुस रहा था। मरीज के तीमारदार ओमप्रकाश निषाद ने बताया कि सफाई के लिए कर्मचारियों से कहा गया, लेकिन कोई नहीं आया।
बच्चा वार्ड में कूड़े का ढेर, बेड के नीचे भी गंदगी
इमरजेंसी के बाहर कूड़े का ढेर लगा था। जनरल, बच्चा और मेडिसिन वार्ड में मरीजों के बेड के पास कचरा जमा था। डस्टबिन से निकला कूड़ा बेड के आसपास और नीचे फैला हुआ था। इसी माहौल में मरीजों का इलाज चल रहा था। पहले से बीमार और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों के लिए ऐसी स्थिति संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकती है।
निर्जला व्रत रखकर भी प्रदर्शन को मजबूर महिलाएं
दिलीप कुमार, राम पलट, ममता, शीलू, रेखा और हेमा सहित अन्य सफाईकर्मियों ने बताया कि दो महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। महिला कर्मचारियों ने कहा कि करवा चौथ का निर्जला व्रत रखने के बावजूद उन्हें ड्यूटी करनी पड़ रही है। घर छोड़कर काम पर आने के बाद भी समय से मानदेय नहीं मिल रहा है। दीपावली नजदीक है, लेकिन भुगतान अटका होने से त्योहार की तैयारियां करना भी मुश्किल हो रहा है।
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जिला अस्पतालों में सफाई का काम पीसीएस प्राइम क्लियरिंग सर्विस के माध्यम से कराया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार, जिला अस्पताल में करीब 25 और महिला अस्पताल में लगभग 22 सफाईकर्मी तैनात हैं। मेडिकल कॉलेज में 100 से अधिक सफाईकर्मी काम करते हैं। सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें दो महीने से मानदेय नहीं मिला है। चार महीने से ईपीएफ की कटौती भी नहीं हो रही है। महिला अस्पताल में भी कर्मचारियों ने विरोध जताया। बाद में एक अधिकारी ने उन्हें वहां से हटा दिया।
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इसके बाद बृहस्पतिवार को सफाईकर्मी मानदेय मिलने के बाद ही काम पर अड़ गए। इससे परिसर में झाड़ू-पोछा नहीं लगा। जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए। हालांकि शाम को अस्पताल प्रबंधन ने जल्द मानदेय का भुगतान कराने का आश्वासन देकर सभी को मना लिया। सीएमएस राजेश सिंह ने बताया कि शुक्रवार तक मानदेय मिल जाएगा। सफाई कर्मचारी काम पर लौट आए हैं।
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बीमारी के साथ गंदगी भी झेलनी पड़ रही
जिला अस्पताल के पुरुष सर्जिकल वार्ड में जगह-जगह गंदगी फैली थी। दुर्गंध से परेशान एक मरीज मुंह पर कपड़ा रखकर लेटा था। बाथरूम का गंदा पानी भी वार्ड में घुस रहा था। मरीज के तीमारदार ओमप्रकाश निषाद ने बताया कि सफाई के लिए कर्मचारियों से कहा गया, लेकिन कोई नहीं आया।
बच्चा वार्ड में कूड़े का ढेर, बेड के नीचे भी गंदगी
इमरजेंसी के बाहर कूड़े का ढेर लगा था। जनरल, बच्चा और मेडिसिन वार्ड में मरीजों के बेड के पास कचरा जमा था। डस्टबिन से निकला कूड़ा बेड के आसपास और नीचे फैला हुआ था। इसी माहौल में मरीजों का इलाज चल रहा था। पहले से बीमार और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों के लिए ऐसी स्थिति संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकती है।
निर्जला व्रत रखकर भी प्रदर्शन को मजबूर महिलाएं
दिलीप कुमार, राम पलट, ममता, शीलू, रेखा और हेमा सहित अन्य सफाईकर्मियों ने बताया कि दो महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। महिला कर्मचारियों ने कहा कि करवा चौथ का निर्जला व्रत रखने के बावजूद उन्हें ड्यूटी करनी पड़ रही है। घर छोड़कर काम पर आने के बाद भी समय से मानदेय नहीं मिल रहा है। दीपावली नजदीक है, लेकिन भुगतान अटका होने से त्योहार की तैयारियां करना भी मुश्किल हो रहा है।