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Ayodhya News: आधार कार्ड दिखाइए...रामलला के सुगम दर्शन पाइए
Thu, 10 Sep 2026 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 10 Sep 2026 12:44 AM IST
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राममंदिर में दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु।
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अयोध्या। रामनगरी के साधु-संतों के लिए राम मंदिर में रामलला के सुगम दर्शन की विशेष व्यवस्था बनने जा रही है। स्थानीय साधु-संत अब केवल आधार कार्ड दिखाकर रामलला के विशेष दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए मंदिर में अलग लेन आरक्षित करने की योजना पर भी मंथन चल रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट ने इस व्यवस्था को लगभग अंतिम रूप दे दिया है और जल्द ही इसे लागू किए जाने की तैयारी है।
ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अयोध्या के संत-धर्माचार्यों को दर्शन के लिए लंबी कतार में लगने से राहत देने के उद्देश्य से यह व्यवस्था तैयार की जा रही है। स्थानीय संतों को प्रवेश मार्ग पर अपना आधार कार्ड दिखाना होगा। इसके बाद निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन करते हुए उन्हें रामलला के दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए अलग लेन निर्धारित किए जाने की योजना है, ताकि संतों को दर्शन में अनावश्यक असुविधा न हो। प्रस्तावित व्यवस्था में स्थानीय साधु-संतों के लिए किसी अलग पास की अनिवार्यता नहीं होगी।
आधार कार्ड के जरिये उनकी पहचान सुनिश्चित कर दर्शन की सुविधा देने की योजना है। हालांकि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के तहत सभी संतों को निर्धारित जांच और सुरक्षा प्रोटोकाल से गुजरना होगा। ट्रस्ट का मानना है कि अयोध्या के संत-धर्माचार्य रामनगरी की धार्मिक परंपरा और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में उनके लिए दर्शन की सुगम व्यवस्था उपलब्ध कराने पर लंबे समय से विचार किया जा रहा है।
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नित्य दर्शन पास को लेकर भी चल रहा मंथन
नित्य दर्शन पास की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव को लेकर भी ट्रस्ट स्तर पर मंथन चल रहा है। वर्तमान में राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से 2743 नित्य दर्शन पास जारी किए गए हैं। ये पास एक वर्ष के लिए जारी होते हैं और इनके जरिये श्रद्धालु प्रतिदिन रामलला के दर्शन कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, भविष्य में नित्य दर्शन पास की व्यवस्था को समाप्त कर अयोध्यावासियों के लिए अलग व्यवस्था किए जाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव यह है कि जो स्थानीय लोग नियमित रूप से रामलला के दर्शन करना चाहते हैं, उन्हें किसी निर्धारित पहचान-पत्र के आधार पर दर्शन की सुविधा दी जाए और वे भी तय सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन करते हुए मंदिर में प्रवेश कर सकें।
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ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अयोध्या के संत-धर्माचार्यों को दर्शन के लिए लंबी कतार में लगने से राहत देने के उद्देश्य से यह व्यवस्था तैयार की जा रही है। स्थानीय संतों को प्रवेश मार्ग पर अपना आधार कार्ड दिखाना होगा। इसके बाद निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन करते हुए उन्हें रामलला के दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए अलग लेन निर्धारित किए जाने की योजना है, ताकि संतों को दर्शन में अनावश्यक असुविधा न हो। प्रस्तावित व्यवस्था में स्थानीय साधु-संतों के लिए किसी अलग पास की अनिवार्यता नहीं होगी।
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आधार कार्ड के जरिये उनकी पहचान सुनिश्चित कर दर्शन की सुविधा देने की योजना है। हालांकि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के तहत सभी संतों को निर्धारित जांच और सुरक्षा प्रोटोकाल से गुजरना होगा। ट्रस्ट का मानना है कि अयोध्या के संत-धर्माचार्य रामनगरी की धार्मिक परंपरा और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में उनके लिए दर्शन की सुगम व्यवस्था उपलब्ध कराने पर लंबे समय से विचार किया जा रहा है।
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नित्य दर्शन पास को लेकर भी चल रहा मंथन
नित्य दर्शन पास की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव को लेकर भी ट्रस्ट स्तर पर मंथन चल रहा है। वर्तमान में राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से 2743 नित्य दर्शन पास जारी किए गए हैं। ये पास एक वर्ष के लिए जारी होते हैं और इनके जरिये श्रद्धालु प्रतिदिन रामलला के दर्शन कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, भविष्य में नित्य दर्शन पास की व्यवस्था को समाप्त कर अयोध्यावासियों के लिए अलग व्यवस्था किए जाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव यह है कि जो स्थानीय लोग नियमित रूप से रामलला के दर्शन करना चाहते हैं, उन्हें किसी निर्धारित पहचान-पत्र के आधार पर दर्शन की सुविधा दी जाए और वे भी तय सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन करते हुए मंदिर में प्रवेश कर सकें।