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Ayodhya News: जन-जन में राम की अनुभूति होती है, उसी स्मृति को कैनवास पर उतार रहा हूं
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 17 Jun 2026 09:55 PM IST
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शिविर में पेंटिंग बनाती मध्यप्रदेश की तृप्ति जोशी और तेलंगाना की अर्पिता रेड्डी।
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अयोध्या। रामनगरी में कलर्स ऑफ अयोध्या अखिल भारतीय कला शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देशभर के कलाकार अपनी कलाकृतियों के माध्यम से रामकथा को चित्रित कर रहे हैं। वे आस्था और लोक स्मृतियों को रंगों में सहेज रहे हैं।
गुजरात के वरिष्ठ कलाकार कनु पटेल ने बताया कि वे जन-जन में राम की अनुभूति को कैनवास पर उतार रहे हैं। उन्होंने बचपन से सुनी राम स्तुति को चित्रों का रूप दिया है। पटेल ने रामानंद सागर के साथ रामायण के कला निर्देशन में भी काम किया है। उन्होंने धारावाहिक कृष्णा में द्रोणाचार्य की भूमिका भी निभाई थी। उनकी हर चित्रकला एक नई रामकथा कहती है। यह शिविर रामनगरी में कला और आस्था का संगम प्रस्तुत कर रहा है। बिहार के शिव श्याम शर्मा भगवान के निराकार से साकार रूप को चित्रित कर रहे हैं। उनकी कृति ''भए प्रगट कृपाला'' के भाव को प्रतीकों से दर्शाती है।
तृप्ति जोशी की अनूठी कृति
मध्य प्रदेश से पहली बार अयोध्या आई तृप्ति जोशी रामधनुष पर चंद्रहास को अपनी कृति का केंद्र बना रही हैं। उन्होंने भगवान राम की पादुकाओं को भी इसमें शामिल किया है। चित्र में पादुकाओं के साथ अंगूठियों का प्रयोग किया गया है। यह राम और हनुमान से जुड़ी पाताल लोक की कथा को दर्शाता है। इसमें हनुमान समय की अनंतता का बोध करते हैं।
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अन्य कलाकारों का योगदान
शिविर में हरियाणा के राम विरंजन भी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। ओडिशा के मानस रंजन जेना सहित विभिन्न राज्यों के कलाकार अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को कैनवास पर उतार रहे हैं। महाराष्ट्र के रामचंद्र खरटमल, तेलंगाना की अर्पिता रेड्डी, अवधेश मिश्र, पश्चिम बंगाल के सूर्यकांत दास और महाराष्ट्र के डगलस जॉन भी शिविर में शामिल हैं।
गुजरात के वरिष्ठ कलाकार कनु पटेल ने बताया कि वे जन-जन में राम की अनुभूति को कैनवास पर उतार रहे हैं। उन्होंने बचपन से सुनी राम स्तुति को चित्रों का रूप दिया है। पटेल ने रामानंद सागर के साथ रामायण के कला निर्देशन में भी काम किया है। उन्होंने धारावाहिक कृष्णा में द्रोणाचार्य की भूमिका भी निभाई थी। उनकी हर चित्रकला एक नई रामकथा कहती है। यह शिविर रामनगरी में कला और आस्था का संगम प्रस्तुत कर रहा है। बिहार के शिव श्याम शर्मा भगवान के निराकार से साकार रूप को चित्रित कर रहे हैं। उनकी कृति ''भए प्रगट कृपाला'' के भाव को प्रतीकों से दर्शाती है।
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तृप्ति जोशी की अनूठी कृति
मध्य प्रदेश से पहली बार अयोध्या आई तृप्ति जोशी रामधनुष पर चंद्रहास को अपनी कृति का केंद्र बना रही हैं। उन्होंने भगवान राम की पादुकाओं को भी इसमें शामिल किया है। चित्र में पादुकाओं के साथ अंगूठियों का प्रयोग किया गया है। यह राम और हनुमान से जुड़ी पाताल लोक की कथा को दर्शाता है। इसमें हनुमान समय की अनंतता का बोध करते हैं।
अन्य कलाकारों का योगदान
शिविर में हरियाणा के राम विरंजन भी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। ओडिशा के मानस रंजन जेना सहित विभिन्न राज्यों के कलाकार अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को कैनवास पर उतार रहे हैं। महाराष्ट्र के रामचंद्र खरटमल, तेलंगाना की अर्पिता रेड्डी, अवधेश मिश्र, पश्चिम बंगाल के सूर्यकांत दास और महाराष्ट्र के डगलस जॉन भी शिविर में शामिल हैं।