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जीवन जीने की कला सिखाती है रामायण: अमरेश्वरानंद
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 09 Jun 2026 11:14 PM IST
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बीकापुर। लुत्फाबाद बछौली के जोगी वीर बाबा सिद्ध पीठ पर नौ दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ का सोमवार शाम समापन हुआ। अंतिम दिन कथा प्रवाचक अमरेश्वरानंद ने रामायण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रामायण हमें जीवन जीने का सही तरीका सिखाती है।
अमरेश्वरानंद ने भरत के चित्रकूट से अयोध्या प्रस्थान का वर्णन किया। उन्होंने चरण पादुका स्थापना के प्रसंग को भी विस्तार से बताया। प्रवाचक ने भरत के जीवन चरित्र को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि रामायण आदर्श, सेवा, त्याग और बलिदान की सीख देती है। भगवान श्रीराम ने दीन-दुखियों को संगठित कर समाज की बुराइयां दूर कीं। अमरेश्वरानंद ने जोर दिया कि बुराई पर हमेशा धर्म की जीत होती है। राम कथा व्यक्ति को बुरी आदतें बदलने और भगवान से जोड़ने का माध्यम है।
कथा प्रवाचक अमरेश्वरानंद ने श्रद्धालुओं को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संकट में भी सत्य का पालन करना चाहिए। उन्होंने मानव धर्म निभाने की आवश्यकता पर बल दिया। कथा के दौरान कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। समापन पर आरती और प्रसाद वितरण किया गया। इसके बाद कथा को विश्राम दिया गया।
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अमरेश्वरानंद ने भरत के चित्रकूट से अयोध्या प्रस्थान का वर्णन किया। उन्होंने चरण पादुका स्थापना के प्रसंग को भी विस्तार से बताया। प्रवाचक ने भरत के जीवन चरित्र को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि रामायण आदर्श, सेवा, त्याग और बलिदान की सीख देती है। भगवान श्रीराम ने दीन-दुखियों को संगठित कर समाज की बुराइयां दूर कीं। अमरेश्वरानंद ने जोर दिया कि बुराई पर हमेशा धर्म की जीत होती है। राम कथा व्यक्ति को बुरी आदतें बदलने और भगवान से जोड़ने का माध्यम है।
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कथा प्रवाचक अमरेश्वरानंद ने श्रद्धालुओं को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संकट में भी सत्य का पालन करना चाहिए। उन्होंने मानव धर्म निभाने की आवश्यकता पर बल दिया। कथा के दौरान कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। समापन पर आरती और प्रसाद वितरण किया गया। इसके बाद कथा को विश्राम दिया गया।