{"_id":"697ba7d1db1316bbed043c2b","slug":"two-prisoners-escaped-from-jail-11-including-jail-superintendent-suspended-ayodhya-news-c-97-1-ayo1005-142062-2026-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: जेल से भाग निकले दो बंदी, जेल अधीक्षक सहित 11 निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: जेल से भाग निकले दो बंदी, जेल अधीक्षक सहित 11 निलंबित
विज्ञापन
जेल की इसी दीवार से कंबल के सहारे भाग निकले बंदी।
- फोटो : जेल की इसी दीवार से कंबल के सहारे भाग निकले बंदी।
विज्ञापन
अयोध्या। जिला कारागार में हत्या, डकैती, दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध में निरुद्ध दो आरोपी बुधवार रात जेल फांदकर भाग निकले। बृहस्पतिवार सुबह बंदियों की गणना के समय इसकी जानकारी हुई तो हलचल मच गई। मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर समेत 11 अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। बंदियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है।
जिला कारागार के कारापाल जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि सुल्तानपुर के करौंदी कला क्षेत्र के अमरे मऊ निवासी शेर अली को हत्या, डकैती, जानलेवा हमला समेत अन्य मामलों में 28 नवंबर, 2024 को बंद किया गया था। वहीं, अमेठी के मुसाफिरखाना निवासी गोलू अग्रहरि दुष्कर्म, छेड़छाड़, चोरी आदि मामलों में 14 सितंबर, 2025 से निरुद्ध था। शेर अली के खिलाफ बीकापुर, जौनपुर के सरपतहा व सुल्तानपुर के जयसिंहपुर थाने में कई मामले दर्ज हैं। वहीं, गोलू अग्रहरि के खिलाफ इनायतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज है।
दोनों आरोपी जेल के विशेष सुरक्षा कक्ष के कोठरी संख्या चार में निरुद्ध थे। बुधवार शाम जेल बंद होते समय वह दोनों कोठरी में मौजूद थे। बृहस्पतिवार सुबह 06:30 बजे जेल वार्डर नरेंद्र कुमार मिश्रा और सुरेश कुमार, उप कारापाल राजू उर्फ राजदीप की उपस्थिति में इनकी कोठरी का ताला खोलकर गणना के लिए पुकारा गया। आवाज न आने पर उन्होंने कोठरी में घुसकर देखा तो दोनों अंदर नहीं मिले। कोठरी के पीछे की दीवार पर लगी खिड़की से लगभग 25-30 ईंटें निकली थीं।
इसके बाद उच्चाधिकारियों को सूचित करके जेल परिसर में चेकिंग अभियान चलाया गया। कारागार की हर कोठरी, छत व छिपने के संभावित स्थानों पर सर्च अभियान चला। कारागार के सीसीटीवी कंट्रोल रूम में स्थापित कैमरों से बंदियों की रात की आवाजाही देखी गई, लेकिन दोनों बंदियों की कोई जानकारी नहीं मिल सकी। मौके पर एक कंबल, लगभग 25 फुट लंबा बांस, 25-30 फुट लंबी सरिया आदि मिले हैं।
उधर, घटना के बाद शासन स्तर से कार्रवाई का चाबुक चला है। डीजी जेल पीसी मीणा ने निगरानी में लापरवाही में वरिष्ठ जेल अधीक्षक यूपी मिश्रा, जेलर जेके यादव, डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी, एक हेर्ड वार्डर व तीन वार्डर व चार अन्य को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठाई गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई होगी।
डीआईजी जेल ने किया जेल का निरीक्षण
डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रीय ने जेल का निरीक्षण किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि घटना से जाहिर है किसी ने ड्यूटी स्थल पर सही से निगरानी नहीं की है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। आरोपियों को गिरफ्तार करके दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना के बाद डीएम निखिल टीकाराम फुंडे और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने भी जेल का निरीक्षण किया है।
घटना के खुलासे के लिए लगीं तीन टीमें
जेल प्रशासन ने सुबह लगभग सात बजे स्थानीय पुलिस को सूचित किया। सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी, नगर कोतवाल अश्विनी पांडेय, एसओजी प्रभारी अमरेश त्रिपाठी आदि मौके पर गए और मामले की छानबीन शुरू की। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। नगर कोतवाल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें काम कर रही हैं। जल्द ही उन्हें दबोच लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पूरी टीम ने दोपहर तक ही लगभग सौ सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन बंदियों का कहीं सुराग नहीं लगा। अंदेशा है वह लोग पोस्टमार्टम हाउस और भाजपा कार्यालय के बीच से निकले हैं। रेलवे ट्रैक या उसके आसपास के इलाकों से उनके भागने की आशंका है।
वाच टॉवर पर नहीं थे कर्मी
सूत्रों के अनुसार निगरानी के लिए जेल के चारों तरफ बने वाच टॉवर पर कोई कर्मचारी तैनात नहीं था। बंदियों के भागने में यह भी मददगार साबित हुआ। डीआईजी जेल ने कहा कि इसके पीछे कार्मिकों का अभाव बताया गया है। इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है।
Trending Videos
जिला कारागार के कारापाल जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि सुल्तानपुर के करौंदी कला क्षेत्र के अमरे मऊ निवासी शेर अली को हत्या, डकैती, जानलेवा हमला समेत अन्य मामलों में 28 नवंबर, 2024 को बंद किया गया था। वहीं, अमेठी के मुसाफिरखाना निवासी गोलू अग्रहरि दुष्कर्म, छेड़छाड़, चोरी आदि मामलों में 14 सितंबर, 2025 से निरुद्ध था। शेर अली के खिलाफ बीकापुर, जौनपुर के सरपतहा व सुल्तानपुर के जयसिंहपुर थाने में कई मामले दर्ज हैं। वहीं, गोलू अग्रहरि के खिलाफ इनायतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोनों आरोपी जेल के विशेष सुरक्षा कक्ष के कोठरी संख्या चार में निरुद्ध थे। बुधवार शाम जेल बंद होते समय वह दोनों कोठरी में मौजूद थे। बृहस्पतिवार सुबह 06:30 बजे जेल वार्डर नरेंद्र कुमार मिश्रा और सुरेश कुमार, उप कारापाल राजू उर्फ राजदीप की उपस्थिति में इनकी कोठरी का ताला खोलकर गणना के लिए पुकारा गया। आवाज न आने पर उन्होंने कोठरी में घुसकर देखा तो दोनों अंदर नहीं मिले। कोठरी के पीछे की दीवार पर लगी खिड़की से लगभग 25-30 ईंटें निकली थीं।
इसके बाद उच्चाधिकारियों को सूचित करके जेल परिसर में चेकिंग अभियान चलाया गया। कारागार की हर कोठरी, छत व छिपने के संभावित स्थानों पर सर्च अभियान चला। कारागार के सीसीटीवी कंट्रोल रूम में स्थापित कैमरों से बंदियों की रात की आवाजाही देखी गई, लेकिन दोनों बंदियों की कोई जानकारी नहीं मिल सकी। मौके पर एक कंबल, लगभग 25 फुट लंबा बांस, 25-30 फुट लंबी सरिया आदि मिले हैं।
उधर, घटना के बाद शासन स्तर से कार्रवाई का चाबुक चला है। डीजी जेल पीसी मीणा ने निगरानी में लापरवाही में वरिष्ठ जेल अधीक्षक यूपी मिश्रा, जेलर जेके यादव, डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी, एक हेर्ड वार्डर व तीन वार्डर व चार अन्य को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठाई गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई होगी।
डीआईजी जेल ने किया जेल का निरीक्षण
डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रीय ने जेल का निरीक्षण किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि घटना से जाहिर है किसी ने ड्यूटी स्थल पर सही से निगरानी नहीं की है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। आरोपियों को गिरफ्तार करके दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना के बाद डीएम निखिल टीकाराम फुंडे और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने भी जेल का निरीक्षण किया है।
घटना के खुलासे के लिए लगीं तीन टीमें
जेल प्रशासन ने सुबह लगभग सात बजे स्थानीय पुलिस को सूचित किया। सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी, नगर कोतवाल अश्विनी पांडेय, एसओजी प्रभारी अमरेश त्रिपाठी आदि मौके पर गए और मामले की छानबीन शुरू की। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। नगर कोतवाल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें काम कर रही हैं। जल्द ही उन्हें दबोच लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पूरी टीम ने दोपहर तक ही लगभग सौ सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन बंदियों का कहीं सुराग नहीं लगा। अंदेशा है वह लोग पोस्टमार्टम हाउस और भाजपा कार्यालय के बीच से निकले हैं। रेलवे ट्रैक या उसके आसपास के इलाकों से उनके भागने की आशंका है।
वाच टॉवर पर नहीं थे कर्मी
सूत्रों के अनुसार निगरानी के लिए जेल के चारों तरफ बने वाच टॉवर पर कोई कर्मचारी तैनात नहीं था। बंदियों के भागने में यह भी मददगार साबित हुआ। डीआईजी जेल ने कहा कि इसके पीछे कार्मिकों का अभाव बताया गया है। इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है।
