UP: राम मंदिर की पूजा-पद्धति में बड़ा बदलाव, जल्द होगी धार्मिक समिति गठित की बैठक; जानें नई कार्ययोजना
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नई धार्मिक समिति जल्द पहली बैठक कर मंदिर की पूजा-पद्धति और धार्मिक परंपराओं की नई कार्ययोजना तय करेगी। समिति सभी प्रमुख धार्मिक आयोजनों, वैदिक अनुष्ठानों, पुजारियों की आचार-संहिता और पूजा-विधि की निगरानी करेगी तथा आवश्यक सुधारात्मक निर्णय लेने का अधिकार भी रखेगी।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से गठित नई धार्मिक समिति के गठन के साथ ही राम मंदिर की पूजा-पद्धति और धार्मिक परंपराओं के संचालन में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। समिति की पहली बैठक जल्द आयोजित होगी, जिसमें वर्षभर होने वाले धार्मिक आयोजनों, वैदिक अनुष्ठानों और पूजा-परंपराओं की समीक्षा कर उन्हें अधिक शास्त्रसम्मत, व्यवस्थित और भव्य स्वरूप देने पर विचार किया जाएगा।
स्वरूप और वैदिक विधि पर समिति अंतिम निर्णय लेगी
नई व्यवस्था के तहत राम मंदिर में प्रतिदिन होने वाली पूजा-अर्चना से लेकर वार्षिक धार्मिक उत्सवों की रूपरेखा धार्मिक समिति के मार्गदर्शन में तय होगी। मंदिर में मकर संक्रांति, वसंत पंचमी, होली, रामनवमी, सीता नवमी, सावन झूला उत्सव, रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, शारदीय और वासंतिक नवरात्र, विजयादशमी, दीपोत्सव, अन्नकूट, देवोत्थान एकादशी, विवाह पंचमी और हनुमान जयंती सहित सभी प्रमुख धार्मिक आयोजनों की तिथि, स्वरूप और वैदिक विधि पर समिति अंतिम निर्णय लेगी।
अब तक इन आयोजनों का संचालन राम मंदिर ट्रस्ट करता था, लेकिन नई व्यवस्था में धार्मिक विषयों से जुड़े फैसले समिति की संस्तुति के आधार पर लिए जाएंगे। इसका उद्देश्य अयोध्या की प्राचीन वैष्णव एवं वैदिक रामानंदी परंपरा के अनुरूप मंदिर की धार्मिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना है।
निर्णय लेने का अधिकार भी समिति के पास रहेगा
राम मंदिर में प्रतिदिन होने वाली पूजा-अर्चना और धार्मिक व्यवस्थाओं की भी नियमित समीक्षा की जाएगी। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि सभी पुजारी निर्धारित ड्रेस कोड, शास्त्रसम्मत पूजा-विधि, आचार-संहिता और वैदिक नियमों का पूरी तरह पालन करें।
पूजा में किसी प्रकार की त्रुटि, प्रक्रिया में बदलाव या सुधार की आवश्यकता होने पर समिति आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर सकेगी। आवश्यकता पड़ने पर धार्मिक व्यवस्थाओं में सुधारात्मक निर्णय लेने का अधिकार भी समिति के पास रहेगा।