UP: राम मंदिर ट्रस्ट में बदलाव की कवायद, संतों संग नए चेहरों पर मंथन; चंपत राय की वापसी से किया इनकार
राम मंदिर ट्रस्ट नई प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर संतों से लगातार मंथन कर रहा है। नए पदों और जिम्मेदारियों पर चर्चा के बीच पूर्व महासचिव की वापसी से इनकार किया गया। दानपात्र चोरी की घटना को स्वीकार करते हुए ट्रस्ट से जुड़े अन्य आरोपों को निराधार बताया गया और पारदर्शी व्यवस्था का भरोसा दिलाया गया।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब नई प्रबंधन व्यवस्था को लेकर सक्रिय हो गया है। छह जुलाई को हुई ट्रस्ट बैठक के तीसरे दिन ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने अयोध्या के प्रमुख संतों के साथ बंद कमरे में बैठक कर नई व्यवस्था के संचालन पर राय-मशविरा किया। बैठक में ट्रस्ट के पूर्व आमंत्रित सदस्य गोपाल राव व साहित्यकार यतींद्र मिश्र भी पहुंचे। संतों के साथ बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब हाल के दिनों में कई संत पूर्व महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर बयान दे चुके हैं।
बैठक में अधिकारी राजकुमार दास, महंत अवधेश दास, महंत जन्मेजय शरण और महंत रामजी शरण सहित अन्य मौजूद रहे। चर्चा नई प्रशासनिक व्यवस्था, संत समाज की भूमिका और आगे की कार्यप्रणाली को लेकर हुई। ट्रस्ट की ओर से संत समाज का भरोसा कायम रखने की कोशिश के रूप में भी इस बैठक को देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार राम मंदिर ट्रस्ट में नए पदों पर चयन के लिए भी संतों से राय मांगी गई।
बैठक के दौरान साहित्यकार यतींद्र मिश्र भी कोषाध्यक्ष से मिलने पहुंचे। सूत्रों का दावा है कि उन्हें ट्रस्ट में नए सदस्य के रूप में शामिल किए जाने पर गंभीरता से विचार चल रहा है। बताया जा रहा है कि छह जुलाई की ट्रस्ट बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव भी रखा जा चुका है। वहीं महासचिव पद के लिए विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा का नाम भी चर्चा में है, हालांकि ट्रस्ट की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
चंपत राय चंपत हो गए हैं, नहीं होगी वापसी
बैठक के बाद बाहर निकले संतों से जब बैठक को लेकर सवाल किया गया तो संतों ने बताया कि नई व्यवस्था को लेकर मंथन किया जा रहा है। सब पहले से बेहतर होगा। वहीं, महंत जन्मेजय शरण ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अब चंपत राय के ट्रस्ट में वापसी की कोई संभावना नहीं है, उन्होंने व्यंगात्मक लहजे में कहा कि चंपत राय चंपत हो गए हैं। महंत अवधेश दास ने कहा कि चोरी हुई गलत है, कार्रवाई हो रही है। बाकी सब कुछ ठीक है।
चढ़ावा चोरी हुई, बाकी आरोप बेबुनियाद
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण पर लंबे समय बाद चुप्पी तोड़ते हुए ट्रस्ट के पूर्व आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने कहा कि दानपात्र से चोरी की घटना हुई है, यह गलत है और इसकी जांच चल रही है, लेकिन इसके अलावा ट्रस्ट से जुड़े अन्य आरोप निराधार हैं। गोपाल राव ने कहा कि वह ट्रस्ट की बैठकों में आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल होते रहे हैं। उनके, चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के खिलाफ लगाए जा रहे कई आरोप भ्रामक हैं।
उन्होंने बताया कि नैतिक आधार पर ट्रस्ट ने उनसे फिलहाल बैठकों से दूर रहने का अनुरोध किया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने तक यदि ट्रस्ट को उनकी जरूरत होगी तो वह पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि 15 जुलाई को वे मंदिर जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट बैठक में स्पष्ट किया गया है कि दानपात्र से चोरी की घटना के अलावा अन्य अभिलेख और सामान सुरक्षित हैं तथा बाकी तरह की चर्चाएं केवल अफवाह हैं।