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आयुष्मान : दो साल बाद भी बाराचवर सीएचसी में नहीं खुला खाता, देवकली में हुआ सिर्फ एक प्रसव
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बॉराचवर। स्रोत- सोशल मीडिया
आयुष्मान योजना से जिले के 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोड़े गए हैं। दो सीएचसी पात्रों को मुफ्त इलाज देने में फिसड्डी है। दो साल मेें अभी तक बाराचवर सीएचसी में एक भी पात्र का उपचार नहीं हुआ है। वहीं, देवकली सीएचसी मेें एक महिला का प्रसव हुआ है। आठ साल के आंकड़े को देखे तो बिरनो, बरूईन और मरदह सीएचसी में आयुष्मान योजन के तहत इलाज कराने वाले पात्रों की संख्या 100 से नीचे हैं। योजना से संबद्ध ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों में मात्र 18540 मरीजों का ही उपचार हो सका है। जिले में 14.96 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष 10.31 लाख पात्रों का गोल्डेन कार्ड बन चुका है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेहतर और निशुल्क उपचार की सुविधा मुहैया कराने के लिए वर्ष 2018 में आयुष्मान योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को पांच लाख तक के उपचार की सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकारी अस्पतालों के साथ- साथ निजी अस्पतालों को भी संबद्ध किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रोें को भी योजना से जोड़ा गया है। बाराचवर और देवकली सीएचसी को दो साल पहले आयुष्मान योजना से जोड़ा गया।
एक नजर में आंकड़े
केंद्र - इलाज पाने वाले लाभार्थी
भदौरा सीएचसी- 1051, सैदपुर - 698, मनिहारी- 1610, कासिमाबाद- 598, सुभाखरपुर- 661, जखनिया- 461, करंडा- 435, सादात- 689, खानपुर- 1355, मुहम्मदाबाद- 1509, रेवतीपुर 1395, गोड़ऊर- 1265, बिरनो- 35, बरूईन- 91, मरदह- 86, देवकली- 1, बाराचवर-0
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सरकारी से अधिक निजी अस्पतालों में हुआ उपचार
गाजीपुर। आयुष्मान योजना से जनपद के 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 20 निजी अस्पताल संबंद्ध है। संबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों के आंकड़ों को देखा जाए तो सरकारी अस्पतालों में वर्ष 2018 से अबतक मात्र 18 हजार 540 पात्र मरीजों का ही उपचार हो सका है। वहीं निजी अस्पतालों में 104012 मरीजों का उपचार हुआ है। निजी अस्पतालों में सबसे अधिक जनरल सर्जरी और आंख की सर्जरी का लाभ पात्र मरीजों को मिला है। ऐसे में संबद्ध निजी अस्पतालों में उपचार का आंकड़ा सरकारी अस्पतालों की अपेक्षा काफी अधिक है।
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पांच सीएचसी पर तैनात नहीं है आयुष्मान मित्र
गाजीपुर। जिले के पांच सीएचसी पर आयुष्मान मित्रों की तैनाती नहीं है। ऐसे में वहां तैनात ऑपरेटर ही काम कर रहे है। यहीं वजह है कि पात्र मरीजों का आंकड़ा जस का तस बना हुआ है। बिरनो, बरूईन, मरदह, देवकली और बाराचवर में आयुष्मान मित्रों की तैनाती अबतक नहीं होने से पात्र मरीजों को उपचार का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों भदौरा, सैदपुर, मनिहारी, कासिमाबाद, सुभाखरपुर, जखनिया, करंडा, सादात, खानपुर, मुहम्मदाबाद, रेवतीपुर, गोड़ऊर में आयुष्मान मित्रों की तैनाती है।
-- -- -- -ये हैं मानक...
निजी अस्पताल में कम से कम 50 बेड होने चाहिए।
0 अस्पतालों के पास एनएबीएच (नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर प्रोवाईडर्स ) की मान्यता या प्रमाण होना अनिवार्य है।
0 24 घंटे योग्य चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य रूप से रहे।
0 आपातकालीन और प्रसव, आईसीयू सेवाएं उपलब्ध हो।
0 क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण होना चाहिए।
0 अग्निशमन विभाग से फायर सेफ्टी एनओसी होना चाहिए।
0 प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का प्रमाण पत्र।
इनसेट...-- -- -- -- --
सीएचसी मेें जनरल मेडिसिन व प्रसव संबंधी उपचार
गाजीपुर। आयुष्मान से संबद्ध सीएचसी पर जनरल मेडिसिन के तहत उपचार मिलता है। आयुष्मान के आईटी मैनेजर अमित उपाध्याय ने बताया कि सीएचसी के लिए योजना के तहत जनरल मेडिसिन का पैकेज है। इसमें मलेरिया, टायफाइड, बुखार जैसी बीमारियां शामिल है, जिसमें मरीज को एक दिन भर्ती होना पड़े। वहीं प्रसव संबंधित उपचार मुहैया होता है। सैदपुर, कासिमाबाद और मुहम्मदाबाद सीएचसी पर सर्जन तैनात हैं। ऐसे में यहां पात्र मरीजों को यहां प्रसव की सुविधा मिलती है। अमित उपाध्याय ने बताया कि बाराचवर और देवकली करीब दो वर्ष पूर्व संबद्ध हुआ था। वजह दोनों पूर्व में पीएचसी थे।
यहां करें शिकायत
आयुष्मान पात्रों को उपचार में परेशानी होने पर टोल फ्री 1455 नंबर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
वर्जन
पांच जगहों पर आयुष्मान मित्रों की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। जहां पात्र मरीजों का आंकड़ा शून्य है, वहां के कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि पात्रों का उपचार कराए। जिले में जो कंपनी आयुष्मान मित्रों की तैनाती करती है, उन्हें भी निर्देशित किया गया है कि जिन जगहों पर आयुष्मान मित्र नहीं है। वहां तैनात किए जाए, जिससे पात्रों को उपचार की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके।- डॉ. रामकुमार, एसीएमओ नोडल आयुष्मान योजना
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आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेहतर और निशुल्क उपचार की सुविधा मुहैया कराने के लिए वर्ष 2018 में आयुष्मान योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को पांच लाख तक के उपचार की सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकारी अस्पतालों के साथ- साथ निजी अस्पतालों को भी संबद्ध किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रोें को भी योजना से जोड़ा गया है। बाराचवर और देवकली सीएचसी को दो साल पहले आयुष्मान योजना से जोड़ा गया।
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एक नजर में आंकड़े
केंद्र - इलाज पाने वाले लाभार्थी
भदौरा सीएचसी- 1051, सैदपुर - 698, मनिहारी- 1610, कासिमाबाद- 598, सुभाखरपुर- 661, जखनिया- 461, करंडा- 435, सादात- 689, खानपुर- 1355, मुहम्मदाबाद- 1509, रेवतीपुर 1395, गोड़ऊर- 1265, बिरनो- 35, बरूईन- 91, मरदह- 86, देवकली- 1, बाराचवर-0
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सरकारी से अधिक निजी अस्पतालों में हुआ उपचार
गाजीपुर। आयुष्मान योजना से जनपद के 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 20 निजी अस्पताल संबंद्ध है। संबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों के आंकड़ों को देखा जाए तो सरकारी अस्पतालों में वर्ष 2018 से अबतक मात्र 18 हजार 540 पात्र मरीजों का ही उपचार हो सका है। वहीं निजी अस्पतालों में 104012 मरीजों का उपचार हुआ है। निजी अस्पतालों में सबसे अधिक जनरल सर्जरी और आंख की सर्जरी का लाभ पात्र मरीजों को मिला है। ऐसे में संबद्ध निजी अस्पतालों में उपचार का आंकड़ा सरकारी अस्पतालों की अपेक्षा काफी अधिक है।
पांच सीएचसी पर तैनात नहीं है आयुष्मान मित्र
गाजीपुर। जिले के पांच सीएचसी पर आयुष्मान मित्रों की तैनाती नहीं है। ऐसे में वहां तैनात ऑपरेटर ही काम कर रहे है। यहीं वजह है कि पात्र मरीजों का आंकड़ा जस का तस बना हुआ है। बिरनो, बरूईन, मरदह, देवकली और बाराचवर में आयुष्मान मित्रों की तैनाती अबतक नहीं होने से पात्र मरीजों को उपचार का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों भदौरा, सैदपुर, मनिहारी, कासिमाबाद, सुभाखरपुर, जखनिया, करंडा, सादात, खानपुर, मुहम्मदाबाद, रेवतीपुर, गोड़ऊर में आयुष्मान मित्रों की तैनाती है।
निजी अस्पताल में कम से कम 50 बेड होने चाहिए।
0 अस्पतालों के पास एनएबीएच (नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर प्रोवाईडर्स ) की मान्यता या प्रमाण होना अनिवार्य है।
0 24 घंटे योग्य चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य रूप से रहे।
0 आपातकालीन और प्रसव, आईसीयू सेवाएं उपलब्ध हो।
0 क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण होना चाहिए।
0 अग्निशमन विभाग से फायर सेफ्टी एनओसी होना चाहिए।
0 प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का प्रमाण पत्र।
इनसेट...
सीएचसी मेें जनरल मेडिसिन व प्रसव संबंधी उपचार
गाजीपुर। आयुष्मान से संबद्ध सीएचसी पर जनरल मेडिसिन के तहत उपचार मिलता है। आयुष्मान के आईटी मैनेजर अमित उपाध्याय ने बताया कि सीएचसी के लिए योजना के तहत जनरल मेडिसिन का पैकेज है। इसमें मलेरिया, टायफाइड, बुखार जैसी बीमारियां शामिल है, जिसमें मरीज को एक दिन भर्ती होना पड़े। वहीं प्रसव संबंधित उपचार मुहैया होता है। सैदपुर, कासिमाबाद और मुहम्मदाबाद सीएचसी पर सर्जन तैनात हैं। ऐसे में यहां पात्र मरीजों को यहां प्रसव की सुविधा मिलती है। अमित उपाध्याय ने बताया कि बाराचवर और देवकली करीब दो वर्ष पूर्व संबद्ध हुआ था। वजह दोनों पूर्व में पीएचसी थे।
यहां करें शिकायत
आयुष्मान पात्रों को उपचार में परेशानी होने पर टोल फ्री 1455 नंबर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
वर्जन
पांच जगहों पर आयुष्मान मित्रों की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। जहां पात्र मरीजों का आंकड़ा शून्य है, वहां के कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि पात्रों का उपचार कराए। जिले में जो कंपनी आयुष्मान मित्रों की तैनाती करती है, उन्हें भी निर्देशित किया गया है कि जिन जगहों पर आयुष्मान मित्र नहीं है। वहां तैनात किए जाए, जिससे पात्रों को उपचार की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके।- डॉ. रामकुमार, एसीएमओ नोडल आयुष्मान योजना