जमानिया। प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को भाषा सिखाने के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर गतिविधियों और संवाद के माध्यम से सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। हेतिमपुर स्थित बीआरसी सभागार में चल रहे पांच दिवसीय एफएलएन शिक्षक प्रशिक्षण के पांचवें और छठे बैच के दूसरे दिन बुधवार को शिक्षकों को भाषा शिक्षण की आसान और प्रभावी तकनीकों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में शिक्षकों को बताया गया कि कक्षा एक से तीन तक के बच्चों के भाषाई विकास के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण और संवाद बेहद जरूरी है। प्रशिक्षक एवं एआरपी अरविंद सिंह ने भाषा शिक्षण के विभिन्न आयामों के साथ प्राथमिक स्तर पर गणित की बुनियादी अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने के तौर-तरीके साझा किए। इस दौरान एआरपी सुरेश कुमार, मनोज पांडेय, अखिलेश गिरी, प्रेम यादव समेत शिक्षक मौजूद रहे।