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Ghazipur News: एप्रोच मार्ग के निर्माण में आई तेजी, पाइलिंग का काम शुरू
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गंगा पर स्थित रेल सह रोड ब्रिज का निर्माणाधीन एप्रोच मार्ग-संवाद
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सुहवल। गंगा नदी पर स्थित रेल सह रोड ब्रिज के दोनों ओर डबल लेन एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) की ओर से 52 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य कराया गया है। निर्माण के पहले चरण में पाइलिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है।
एप्रोच मार्ग के निर्माण के लिए लगभग डेढ़ वर्ष की समय सीमा निर्धारित की गई है। अगर कार्य निर्बाध गति से चलता रहा, तो 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद आवश्यक लोड टेस्टिंग के बाद एप्रोच को वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। फ्लाई-ओवर के दोनों ओर बनने वाले एप्रोच की कुल लंबाई 1 किलोमीटर 260 मीटर होगी। जबकि इसकी चौड़ाई 16.100 मीटर प्रस्तावित है। परियोजना के तहत कुल 24 पिलरों का निर्माण किया जाना है, जिसके लिए 105 पाइलिंग की जानी है। अब तक 45 पाइलिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है।
पाइलिंग कार्य पूर्ण होते ही पिलरों और वायडक्ट के निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। पी-1 साइड पर 3 तथा पी-2 साइड पर 21 पिलरों का निर्माण प्रस्तावित है। फ्लाईओवर और एप्रोच को मिलाकर इस परियोजना की कुल लंबाई 3 किलोमीटर 110 मीटर होगी। एप्रोच निर्माण का प्रस्ताव करीब डेढ़ वर्ष पूर्व 2024 में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया था।
2025 की शुरुआत में स्वीकृति मिलने के साथ ही बजट आवंटित हुआ और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि अधिग्रहण कार्य प्रारंभ किया गया। परियोजना के लिए सदर और जमानिया तहसील क्षेत्र के छह गांवों की लगभग चार हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। एप्रोच रोड के निर्माण से न केवल कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा, बल्कि हर प्रकार के छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन भी सुगम होगा। फ्लाईओवर और एप्रोच मार्ग से 100 टन भार के वाहन आसानी से गुजर सकेंगे, जिससे व्यापार, परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा।
वहीं एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर देवदत्त सिंह ने बताया कि एप्रोच निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और फिलहाल पाइलिंग का काम तेजी से चल रहा है। पाइलिंग पूर्ण होते ही पिलर और वायडक्ट का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
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एप्रोच मार्ग के निर्माण के लिए लगभग डेढ़ वर्ष की समय सीमा निर्धारित की गई है। अगर कार्य निर्बाध गति से चलता रहा, तो 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद आवश्यक लोड टेस्टिंग के बाद एप्रोच को वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। फ्लाई-ओवर के दोनों ओर बनने वाले एप्रोच की कुल लंबाई 1 किलोमीटर 260 मीटर होगी। जबकि इसकी चौड़ाई 16.100 मीटर प्रस्तावित है। परियोजना के तहत कुल 24 पिलरों का निर्माण किया जाना है, जिसके लिए 105 पाइलिंग की जानी है। अब तक 45 पाइलिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है।
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पाइलिंग कार्य पूर्ण होते ही पिलरों और वायडक्ट के निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। पी-1 साइड पर 3 तथा पी-2 साइड पर 21 पिलरों का निर्माण प्रस्तावित है। फ्लाईओवर और एप्रोच को मिलाकर इस परियोजना की कुल लंबाई 3 किलोमीटर 110 मीटर होगी। एप्रोच निर्माण का प्रस्ताव करीब डेढ़ वर्ष पूर्व 2024 में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया था।
2025 की शुरुआत में स्वीकृति मिलने के साथ ही बजट आवंटित हुआ और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि अधिग्रहण कार्य प्रारंभ किया गया। परियोजना के लिए सदर और जमानिया तहसील क्षेत्र के छह गांवों की लगभग चार हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। एप्रोच रोड के निर्माण से न केवल कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा, बल्कि हर प्रकार के छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन भी सुगम होगा। फ्लाईओवर और एप्रोच मार्ग से 100 टन भार के वाहन आसानी से गुजर सकेंगे, जिससे व्यापार, परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा।
वहीं एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर देवदत्त सिंह ने बताया कि एप्रोच निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और फिलहाल पाइलिंग का काम तेजी से चल रहा है। पाइलिंग पूर्ण होते ही पिलर और वायडक्ट का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
