Almora News: शिक्षक पदों के लिए हुई काउंसलिंग में हंगामा, विभाग को बुलानी पड़ी पुलिस; डीएम भी मौके पर पहुंचे
अल्मोड़ा में 241 शिक्षक पदों के लिए चल रही काउंसलिंग के दौरान भारी भीड़ और अव्यवस्थाओं के चलते अभ्यर्थियों ने हंगामा किया। हालात बिगड़ने पर पुलिस बुलानी पड़ी।
विस्तार
अल्मोड़ा जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में 241 शिक्षकों के पदों के लिए डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन) प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की नियुक्ति के लिए अटल उत्कृष्ट पीएमश्री जीआईसी अल्मोेड़ा में काउंसलिंग के दौरान हंगामा हो गया। हंगामा इतना बढ़ा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। इसके बाद मामला किसी तरह शांत हुआ। देर रात डीएम अंशुल सिंह भी मौके पर पहुंचे और दुबारा काउंसलिंग शुरू हुई।
दरअसल सोमवार को अटल उत्कृष्ट पीएमश्री जीआईसी अल्मोड़ा के सभागार में सुबह दस बजे से काउंसलिंग शुरू हुई। इस दौरान प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए लगभग 2500 से अधिक अभ्यर्थी पहुंचे। देर शाम तक करीब 700 से 800 अभ्यर्थियों की ही काउंसलिंग हो सकी। शिक्षा विभाग ने शेष रह गए अभ्यर्थियों की काउंसलिंग मंगलवार को करने का निर्णय लिया। इस दौरान वहां पहुंचे अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा था। सोमवार को काउंसलिंग में नंबर नहीं आने से नाराज कुछ अभ्यर्थियों ने वहां हंगामा कर दिया।
कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन अभ्यर्थी नहीं माने। इस दौरान कर्मचारियों और अभ्यर्थियों के बीच बहस हो गई। हंगामा बढ़ते देख शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पुलिस को बुला लिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने भी अभ्यर्थियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन अभ्यर्थी काउंसलिंग कराने की जिद पर अड़े रहे। इस दौरान अभ्यर्थी पुलिस से भी उलझ गए और उनके बीच नोकझोक हो गई। मामला शांत नहीं हुआ तो पुलिस के उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने मामले को शांत कराया। देर रात डीएम अंशुल सिंह भी मौके पर पहुंचे और अभ्यर्थियों की मांग पर देर रात को ही दुबारा काउंसलिंग शुरू हुई।
जिले वार काउंसलिंग नहीं होने से नाराज थे अभ्यर्थी
काउंसलिंग में अल्मोड़ा के अलावा बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग समेत अन्य जिलों से भी अभ्यर्थी पहुंचे थे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि शिक्षा विभाग ने जिलेवार काउंसलिंग नहीं की। इस कारण काउंसलिंग में पहुंचे सभी अभ्यर्थियों का नंबर नहीं आ पाया। काशीपुर से पहुंची सोनम ने बताया कि सुबह से काउंसलिंग के लिए इंतजार कर रही थी लेकिन देर शाम तक भी नंबर नहीं आया है। अब रात को अल्मोड़ा ही रूकना पड़ेगा। कवींद्र लाल वर्मा ने कहा कि काउंसलिंग जिलेवार होनी चाहिए थी। इससे भीड़ कम होती और अभ्यर्थियों को दिक्ततों का सामना नहीं करना पड़ता।
तीन-तीन टेबलों में हुई काउंसलिंग
अल्मोड़ा जिले के लिए 6634 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। सुबह से ही जीआईसी परिसर में अभ्यर्थियों की भीड़ होने लगी थी। दिन भर परिसर में अभ्यर्थियों की भीड़ रही। अधिक अभ्यर्थियों के पहुंचने से उन्हें काउंसिलिंग के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ा। शिक्षा विभाग की ओर से विज्ञान वर्ग के लिए तीन टेबल और कला वर्ग की काउंसिलिंग के लिए तीन टेबल लगाई गई। इन टेबलों में अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन का कार्य किया गया।
हंगामे के बाद ये अधिकारी पहुंचे मौके पर
जिलाधिकारी अंशुल सिंह, एडीएम युक्ता मिश्र, एसडीएम संजय कुमार, तहसीलदार ज्योति मकवाल, सीओ गोपाल दत्त जोशी आदि मौजूद रहे।
अभ्यर्थियों के अधिक संख्या में आने के कारण सभी अभ्यर्थियों का नंबर समय पर नहीं आ सका। इससे मंगलवार को काउंसलिंग कराने का निर्णय लिया गया। अभ्यर्थियों की आपत्ति के बाद रात में ही दुबारा काउंसलिंग की गई।-रवि मेहता, प्रभारी जिला शिक्षाधिकारी प्रारंभिक शिक्षा