{"_id":"69f4eb41772c46fa970a5ff5","slug":"flight-of-embarrassment-passengers-from-dehradun-reached-haldwani-bageshwar-news-c-231-1-shld1005-124502-2026-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: फजीहत की उड़ान... देहरादून के यात्री पहुंच गए हल्द्वानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: फजीहत की उड़ान... देहरादून के यात्री पहुंच गए हल्द्वानी
विज्ञापन
विज्ञापन
गरुड़ (बागेश्वर)। सुगम, आरामदायक और समय की बचत करने वाली हेलीसेवा गरुड़ के सात यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गई। मेलाडुंगरी से देहरादून जाने के लिए हेलीकॉप्टर में सवार हुए इन लोगों को पायलट ने हल्द्वानी पहुंचा दिया। यात्रियों की नाराजगी के बाद वापस उन्हें गरुड़ लाने के बाद देहरादून भेजा गया। सुविधा के नाम पर भारी-भरकम किराया चुकाने के बावजूद लोगों को पूरे दिन परेशानी झेलनी पड़ी। जहां आधे घंटे में वह देहरादून पहुंच जाते वहीं दून पहुंचने में उनका पूरा दिन निकल गया।
रोजाना की तरह शुक्रवार की सुबह हल्द्वानी से 8:50 बजे हेलीकॉप्टर मेलाडूंगरी हेलीपैड पहुंचा। हल्द्वानी से चार यात्री सवार होकर आए थे। वापसी में हेलीकॉप्टर में सात यात्री सवार हुए। सभी यात्री देहरादून जाने के लिए बैठे थे लेकिन वह सुबह करीब 9:30 बजे हल्द्वानी के गोलापार हेलीपैड पहुंच गए। दोपहर बाद 3:25 बजे हल्द्वानी से देहरादून के यात्रियों को लेकर हेलीकॉप्टर दोबारा गरुड़ को रवाना हुआ। मेलाडुंगरी हेलीपैड में हेलीकॉप्टर करीब 10 मिनट तक खड़ा रहा लेकिन हेलीकॉप्टर से केवल एक यात्री हेरिटेज एविएशन के इंचार्ज संदीप शर्मा बाहर निकले। बाकी सभी यात्री भीतर ही बैठे रहे। तब तक मामले की जानकारी फैल चुकी थी। सूचना के बाद नायब तहसीलदार भूपाल गिरी और राजस्व उपनिरीक्षक अजय साह भी मौके पर पहुंच गए। प्रशासन ने हेरिटेज एविएशन प्रबंधन को पूरे मामले की लिखित रिपोर्ट देने को कहा।
इनसेट
आखिर किसके स्तर से हुई गलती, बताने को कोई तैयार नहीं
देहरादून के यात्रियों को गलती से हल्द्वानी पहुंचाने के मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग और मीडिया कर्मी हेलीपैड पहुंच गए। हालांकि वहां तैनात कर्मचारी मामले में कुछ बताने की बजाय नियमों का हवाला देकर फोट-वीडियो बनाने पर प्रतिबंध होने की बात करने लगे। लोगों का कहना था कि कम से कम चूक कैसे हुई इसकी जानकारी तो दी जानी चाहिए। जब हेलीपैड के कर्मचारियों ने कुछ भी बताने से मना कर दिया तो लोगों ने प्रशासन काे सूचना दी। इसके बाद नायब तहसीलदार और राजस्व उपनिरीक्षक मौके पर पहुंचे। अब तक इस चूक के बारे में कंपनी की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है।
कोट
मैं शुक्रवार की शाम ही गरुड़ पहुंचा हूं। मामले के बारे में जानकारी कर रहा हूं। जांच करने के बाद रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी। -संदीप शर्मा, इंचार्ज, हेरिटेज एविएशन
कोट
यह गंभीर मामला है। इसकी जांच करने के निर्देश तहसीलदार को दे दिए गए हैं। देहरादून के यात्रियों को हल्द्वानी पहुंचाने के मामले में चूक किसके स्तर से हुई इसकी जांच की जाएगी। जांच के आधार पर ही अग्रिम कार्रवाई होगी। -आकांक्षा कोंडे, डीएम, बागेश्वर
-- -- -- --
तीन महीने के बच्चे के साथ परेशान रहे देवेश और सुमन
गरुड़ (बागेश्वर)। हेरिटेज एविएशन के हेलीकॉप्टर के देहरादून की बजाय हल्द्वानी पहुंचने के कारण यात्रियों को काफी परेशान हुए। हेलीकॉप्टर में एक पुरुष, तीन महिलाएं और चार बच्चे सवार थे। गलत रूट के कारण देवेश और उनकी पत्नी सुमन को तीन महीने के बच्चे के साथ परेशानी झेलनी पड़ी।
संवाद न्यूज एजेंसी से फोन पर हुई बातचीत में देवेश ने बताया कि वह निजी कार्य से पत्नी-बच्चे के साथ देहरादून जा रहे थे। रूट के अनुसार हल्द्वानी से मेलाडुंगरी हेलीपैड आए हेलीकॉप्टर को देहरादून के लिए उड़ान भरनी थी। सभी यात्रियों के पास देहरादून का ही टिकट भी था लेकिन पायलट उन्हें लेकर वापस हल्द्वानी को चल दिया। जब हेलीकॉप्टर कौसानी के समीप उड़ान भर रहा था तभी किसी यात्री ने पूछा कि इस रूट से देहरादून कैसे जाएंगे। पायलट ने बताया कि वह तो हल्द्वानी जा रहा है। इसके बाद हेलीकॉप्टर ने यात्रियों को गौलापार के हेलीपैड पर उतार दिया।
वहां पहुंचने के बाद यात्रियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। लगातार विरोध के बाद मामला कंपनी प्रबंधन तक पहुंचा। गलती का अहसास होने के बाद कंपनी ने अंबाला जा रहीं एक महिला और उनके दो बेटों को टैक्सी के माध्यम से अंबाला पहुंचाने की व्यवस्था की। बाकी यात्री हेलीपैड पर ही इंतजार करते रहे जहां कंपनी की ओर से उनके भोजन की व्यवस्था की गई। बाद में दूसरे हेलीकॉप्टर से पांच लोगों को हल्द्वानी से गरुड़ और वहां से देहरादून भेजा गया। अच्छी बात यह रही कि यात्रियों से किसी तरह का अन्य किराया नहीं लिया गया।
बारिश के कारण भी बन गया था डर का माहौल
देवेश ने बताया कि हेलीकॉप्टर में महिलाएं अधिक थीं। दून की बजाय हल्द्वानी पहुंचने के कारण महिलाएं और बच्चे काफी परेशान हो गए थे। वापसी में जब गरुड़ से दून को जा रहे थे तो गौचर और कर्णप्रयाग के बीच तेज बारिश से भी सामना हुआ। उस समय सभी यात्री काफी डर गए थे। भगवान का साथ रहा कि किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई। देवेश ने बताया कि चूक किसके स्तर पर हुई इसकी तो जानकारी नहीं हो सकी लेकिन व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से काफी दिक्कत हुई। जल्दी के लिए हेलीसेवा ली थी लेकिन फजीहत झेलनी पड़ी।
Trending Videos
रोजाना की तरह शुक्रवार की सुबह हल्द्वानी से 8:50 बजे हेलीकॉप्टर मेलाडूंगरी हेलीपैड पहुंचा। हल्द्वानी से चार यात्री सवार होकर आए थे। वापसी में हेलीकॉप्टर में सात यात्री सवार हुए। सभी यात्री देहरादून जाने के लिए बैठे थे लेकिन वह सुबह करीब 9:30 बजे हल्द्वानी के गोलापार हेलीपैड पहुंच गए। दोपहर बाद 3:25 बजे हल्द्वानी से देहरादून के यात्रियों को लेकर हेलीकॉप्टर दोबारा गरुड़ को रवाना हुआ। मेलाडुंगरी हेलीपैड में हेलीकॉप्टर करीब 10 मिनट तक खड़ा रहा लेकिन हेलीकॉप्टर से केवल एक यात्री हेरिटेज एविएशन के इंचार्ज संदीप शर्मा बाहर निकले। बाकी सभी यात्री भीतर ही बैठे रहे। तब तक मामले की जानकारी फैल चुकी थी। सूचना के बाद नायब तहसीलदार भूपाल गिरी और राजस्व उपनिरीक्षक अजय साह भी मौके पर पहुंच गए। प्रशासन ने हेरिटेज एविएशन प्रबंधन को पूरे मामले की लिखित रिपोर्ट देने को कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनसेट
आखिर किसके स्तर से हुई गलती, बताने को कोई तैयार नहीं
देहरादून के यात्रियों को गलती से हल्द्वानी पहुंचाने के मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग और मीडिया कर्मी हेलीपैड पहुंच गए। हालांकि वहां तैनात कर्मचारी मामले में कुछ बताने की बजाय नियमों का हवाला देकर फोट-वीडियो बनाने पर प्रतिबंध होने की बात करने लगे। लोगों का कहना था कि कम से कम चूक कैसे हुई इसकी जानकारी तो दी जानी चाहिए। जब हेलीपैड के कर्मचारियों ने कुछ भी बताने से मना कर दिया तो लोगों ने प्रशासन काे सूचना दी। इसके बाद नायब तहसीलदार और राजस्व उपनिरीक्षक मौके पर पहुंचे। अब तक इस चूक के बारे में कंपनी की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है।
कोट
मैं शुक्रवार की शाम ही गरुड़ पहुंचा हूं। मामले के बारे में जानकारी कर रहा हूं। जांच करने के बाद रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी। -संदीप शर्मा, इंचार्ज, हेरिटेज एविएशन
कोट
यह गंभीर मामला है। इसकी जांच करने के निर्देश तहसीलदार को दे दिए गए हैं। देहरादून के यात्रियों को हल्द्वानी पहुंचाने के मामले में चूक किसके स्तर से हुई इसकी जांच की जाएगी। जांच के आधार पर ही अग्रिम कार्रवाई होगी। -आकांक्षा कोंडे, डीएम, बागेश्वर
तीन महीने के बच्चे के साथ परेशान रहे देवेश और सुमन
गरुड़ (बागेश्वर)। हेरिटेज एविएशन के हेलीकॉप्टर के देहरादून की बजाय हल्द्वानी पहुंचने के कारण यात्रियों को काफी परेशान हुए। हेलीकॉप्टर में एक पुरुष, तीन महिलाएं और चार बच्चे सवार थे। गलत रूट के कारण देवेश और उनकी पत्नी सुमन को तीन महीने के बच्चे के साथ परेशानी झेलनी पड़ी।
संवाद न्यूज एजेंसी से फोन पर हुई बातचीत में देवेश ने बताया कि वह निजी कार्य से पत्नी-बच्चे के साथ देहरादून जा रहे थे। रूट के अनुसार हल्द्वानी से मेलाडुंगरी हेलीपैड आए हेलीकॉप्टर को देहरादून के लिए उड़ान भरनी थी। सभी यात्रियों के पास देहरादून का ही टिकट भी था लेकिन पायलट उन्हें लेकर वापस हल्द्वानी को चल दिया। जब हेलीकॉप्टर कौसानी के समीप उड़ान भर रहा था तभी किसी यात्री ने पूछा कि इस रूट से देहरादून कैसे जाएंगे। पायलट ने बताया कि वह तो हल्द्वानी जा रहा है। इसके बाद हेलीकॉप्टर ने यात्रियों को गौलापार के हेलीपैड पर उतार दिया।
वहां पहुंचने के बाद यात्रियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। लगातार विरोध के बाद मामला कंपनी प्रबंधन तक पहुंचा। गलती का अहसास होने के बाद कंपनी ने अंबाला जा रहीं एक महिला और उनके दो बेटों को टैक्सी के माध्यम से अंबाला पहुंचाने की व्यवस्था की। बाकी यात्री हेलीपैड पर ही इंतजार करते रहे जहां कंपनी की ओर से उनके भोजन की व्यवस्था की गई। बाद में दूसरे हेलीकॉप्टर से पांच लोगों को हल्द्वानी से गरुड़ और वहां से देहरादून भेजा गया। अच्छी बात यह रही कि यात्रियों से किसी तरह का अन्य किराया नहीं लिया गया।
बारिश के कारण भी बन गया था डर का माहौल
देवेश ने बताया कि हेलीकॉप्टर में महिलाएं अधिक थीं। दून की बजाय हल्द्वानी पहुंचने के कारण महिलाएं और बच्चे काफी परेशान हो गए थे। वापसी में जब गरुड़ से दून को जा रहे थे तो गौचर और कर्णप्रयाग के बीच तेज बारिश से भी सामना हुआ। उस समय सभी यात्री काफी डर गए थे। भगवान का साथ रहा कि किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई। देवेश ने बताया कि चूक किसके स्तर पर हुई इसकी तो जानकारी नहीं हो सकी लेकिन व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से काफी दिक्कत हुई। जल्दी के लिए हेलीसेवा ली थी लेकिन फजीहत झेलनी पड़ी।
