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Bageshwar News: कांडा और कौसानी में ओलावृष्टि, बागेश्वर में बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 02 May 2026 10:09 PM IST
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बागेश्वर/कौसानी/कांडा। जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। एक बार फिर से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत को बर्बाद किया है। जिला मुख्यालय में बारिश से मौसम सुहावना रहा। अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
शनिवार को सुबह से बादल छाये थे। हालांकि दिन चढ़ने के साथ मौसम साफ हुआ और धूप खिल गई। दोपहर बाद तक धूप-छांव का खेल चलता रहा। चार बजे बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश होने लगी। पांच बजे बाद कौसानी में ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई। कांडा और कमस्यार के गांवों में करीब दस मिनट तक ओलावृष्टि हुई। जिला मुख्यालय में साढ़े छह बजे से झमाझम बारिश शुरू हो गई। किसान साधो सिंह, मदन सिंह, नरेंद्र सिंह, रघुवर सिंह आदि ने बताया कि ओले गिरने से लौकी, कद्दू, तोरई, लाही, मूली, प्याज, उगल, बींस, शिमला मिर्च, बैंगन, टमाटर आदि सब्जियों के पौधों को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में तैयार गेहूं की कटाई का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल भी बर्बाद हो रही है। कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजकुमार ने बताया कि ओलावृष्टि फसल, सब्जी और फलों के लिए नुकसानदायक है। बारिश होने पर नुकसान से अधिक लाभ किसानों को हो सकता है।
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शनिवार को सुबह से बादल छाये थे। हालांकि दिन चढ़ने के साथ मौसम साफ हुआ और धूप खिल गई। दोपहर बाद तक धूप-छांव का खेल चलता रहा। चार बजे बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश होने लगी। पांच बजे बाद कौसानी में ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई। कांडा और कमस्यार के गांवों में करीब दस मिनट तक ओलावृष्टि हुई। जिला मुख्यालय में साढ़े छह बजे से झमाझम बारिश शुरू हो गई। किसान साधो सिंह, मदन सिंह, नरेंद्र सिंह, रघुवर सिंह आदि ने बताया कि ओले गिरने से लौकी, कद्दू, तोरई, लाही, मूली, प्याज, उगल, बींस, शिमला मिर्च, बैंगन, टमाटर आदि सब्जियों के पौधों को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में तैयार गेहूं की कटाई का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल भी बर्बाद हो रही है। कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजकुमार ने बताया कि ओलावृष्टि फसल, सब्जी और फलों के लिए नुकसानदायक है। बारिश होने पर नुकसान से अधिक लाभ किसानों को हो सकता है।
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