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Bageshwar News: मेला स्थल की दीवारें कराएंगी पहाड़ की लोक कला और संस्कृति के दर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Fri, 02 Jan 2026 12:00 AM IST
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बागेश्वर के सरयू घाटों के किनारे चित्र उकेरते कलाकार। संवाद
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बागेश्वर। उत्तरायणी मेले की तैयारियों के बीच नगर की सजावट का काम तेजी से चल रहा है। मेला स्थल नुमाइशखेत, बागनाथ मंदिर से लेकर नदियों के किनारे बनी दीवारों पर चित्रकारी की जा रही है। विशेष तौर पर उकेरे जाने वाले इन चित्रों के माध्यम से मेलार्थी पहाड़ की लोक कला और संस्कृति के दर्शन कर सकेंगे।
इस बार नगर की सजावट का जिम्मा आर्ट प्रशिक्षण केंद्र के विद्यार्थी उठा रहे हैं। केंद्र के आठ से दस छात्राएं अपने हुनर को रंग और ब्रश के माध्यम से दीवारों पर प्रदर्शित कर रही हैं। केंद्र के प्रबंधक नंदन सिंह ड्याराकोटी ने बताया कि बागनाथ मंदिर के आगे से शवदाह स्थल तक बनी दीवार मनुष्य के जन्म, जवानी, बुढ़ापे और मृत्यु तक के चक्र का दर्शन कराएगी। नागों से लिपटे भगवान भोलेनाथ, शेर के साथ माता पार्वती की तस्वीर ब्याघ्रेश्वर यानि बागेश्वर नगर के बनने की कहानी बताएगी।
राजुला मालूशाही की कहानी को भी सरयू नदी किनारे बनी दीवार पर उकेरा जा रहा है। नुमाइइशखेत मैदान और सरयू नदी किनारे की दीवारों पर ओखल-मूसल, पहाड़ी वाद्य यंत्र, किसान आदि की तस्वीरें होंगी। इनके माध्यम से मेलार्थियों को पहाड़ के वास्तविक जीवन को समझने का मौका मिलेगा। दीवार चित्रण में अंजलि बिष्ट, गायत्री पांडेय, अवनि बिष्ट, हिमाद्री साह, प्रार्थना बिष्ट, आद्या, भावना प्रहरी, तानिया जोशी, मीनाक्षी, दर्शन सिंह, गोविंद सिंह शामिल हैं।
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इस बार नगर की सजावट का जिम्मा आर्ट प्रशिक्षण केंद्र के विद्यार्थी उठा रहे हैं। केंद्र के आठ से दस छात्राएं अपने हुनर को रंग और ब्रश के माध्यम से दीवारों पर प्रदर्शित कर रही हैं। केंद्र के प्रबंधक नंदन सिंह ड्याराकोटी ने बताया कि बागनाथ मंदिर के आगे से शवदाह स्थल तक बनी दीवार मनुष्य के जन्म, जवानी, बुढ़ापे और मृत्यु तक के चक्र का दर्शन कराएगी। नागों से लिपटे भगवान भोलेनाथ, शेर के साथ माता पार्वती की तस्वीर ब्याघ्रेश्वर यानि बागेश्वर नगर के बनने की कहानी बताएगी।
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राजुला मालूशाही की कहानी को भी सरयू नदी किनारे बनी दीवार पर उकेरा जा रहा है। नुमाइइशखेत मैदान और सरयू नदी किनारे की दीवारों पर ओखल-मूसल, पहाड़ी वाद्य यंत्र, किसान आदि की तस्वीरें होंगी। इनके माध्यम से मेलार्थियों को पहाड़ के वास्तविक जीवन को समझने का मौका मिलेगा। दीवार चित्रण में अंजलि बिष्ट, गायत्री पांडेय, अवनि बिष्ट, हिमाद्री साह, प्रार्थना बिष्ट, आद्या, भावना प्रहरी, तानिया जोशी, मीनाक्षी, दर्शन सिंह, गोविंद सिंह शामिल हैं।

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