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Chamoli News: शीतकाल के बाद बदरीनाथ मास्टर प्लान का काम फिर शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 11 Mar 2026 04:35 PM IST
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फोटो
इंजीनियरों की टीम और 50 से अधिक मजदूर पहुंचे
तीर्थ पुरोहित आवास और रीवर फ्रंट के कार्यों को पूर्ण करने की रहेगी चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। शीतकाल में तीन माह से बंद पड़ा बदरीनाथ मास्टर प्लान का काम फिर से शुरू हो गया है। लोक निर्माण विभाग की कार्यदायी संस्था पीआईयू की 30 इंजीनियरों और 50 से अधिक मजदूरों की टीम बदरीनाथ धाम पहुंच गई है। इस वर्ष कार्यदायी संस्था के सम्मुख तीर्थ पुरोहित आवास और रीवर फ्रंट के कार्यों को पूरा करने की चुनौती रहेगी। फिलहाल टीम की ओर से जगह-जगह पर जमी बर्फ को हटाने का काम किया जा रहा है।
बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत धाम में दूसरे चरण के कार्य चल रहे हैं। बदरीनाथ मंदिर परिसर के 75 मीटर हिस्से में अब सौंदर्यीकरण के काम किए जाने हैं। मगर क्षेत्र में किसी भी तरह से पौराणिक चीजों से छेड़छाड़ नहीं की जानी है। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम की ओर से इस क्षेत्र का गहनता से सर्वे किया जाएगा। पीआईयू के अधिशासी अभियंता योगेश मनराल का कहना है कि बदरीनाथ मास्टर प्लान का काम फिर से शुरू कर दिया गया है। धाम में इंजीनियरों की टीम पहुंच गई है। 50 से अधिक मजदूर भी पहुंच गए हैं। तीर्थ पुरोहित आवास और रीवर फ्रंट के कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
इंसेट
यात्रा के बीच मास्टर प्लान के कार्यों को संचालित करने की भी रहेगी चुनौती
बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा के बीच मास्टर प्लान के कार्यों को संचालित करने की चुनौति भी कार्यदायी संस्था के सामने रहेगी। बदरीनाथ मंदिर तक पहुंच मार्ग पर अलकनंदा पर निर्मित पुल के निचले हिस्से में दीवार निर्माण कार्य किया जाना है। यहां बड़ी संख्या में तीर्थयात्री इकटठा रहते हैं। इसके अलावा मंदिर के इर्दगिर्द निर्माण कार्य को भी संचालित किया जाना है। पीआईयू के अधिकारियों का कहना है कि आगामी बरसात तक अधिक से अधिक कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। संवाद
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इंजीनियरों की टीम और 50 से अधिक मजदूर पहुंचे
तीर्थ पुरोहित आवास और रीवर फ्रंट के कार्यों को पूर्ण करने की रहेगी चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। शीतकाल में तीन माह से बंद पड़ा बदरीनाथ मास्टर प्लान का काम फिर से शुरू हो गया है। लोक निर्माण विभाग की कार्यदायी संस्था पीआईयू की 30 इंजीनियरों और 50 से अधिक मजदूरों की टीम बदरीनाथ धाम पहुंच गई है। इस वर्ष कार्यदायी संस्था के सम्मुख तीर्थ पुरोहित आवास और रीवर फ्रंट के कार्यों को पूरा करने की चुनौती रहेगी। फिलहाल टीम की ओर से जगह-जगह पर जमी बर्फ को हटाने का काम किया जा रहा है।
बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत धाम में दूसरे चरण के कार्य चल रहे हैं। बदरीनाथ मंदिर परिसर के 75 मीटर हिस्से में अब सौंदर्यीकरण के काम किए जाने हैं। मगर क्षेत्र में किसी भी तरह से पौराणिक चीजों से छेड़छाड़ नहीं की जानी है। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम की ओर से इस क्षेत्र का गहनता से सर्वे किया जाएगा। पीआईयू के अधिशासी अभियंता योगेश मनराल का कहना है कि बदरीनाथ मास्टर प्लान का काम फिर से शुरू कर दिया गया है। धाम में इंजीनियरों की टीम पहुंच गई है। 50 से अधिक मजदूर भी पहुंच गए हैं। तीर्थ पुरोहित आवास और रीवर फ्रंट के कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
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यात्रा के बीच मास्टर प्लान के कार्यों को संचालित करने की भी रहेगी चुनौती
बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा के बीच मास्टर प्लान के कार्यों को संचालित करने की चुनौति भी कार्यदायी संस्था के सामने रहेगी। बदरीनाथ मंदिर तक पहुंच मार्ग पर अलकनंदा पर निर्मित पुल के निचले हिस्से में दीवार निर्माण कार्य किया जाना है। यहां बड़ी संख्या में तीर्थयात्री इकटठा रहते हैं। इसके अलावा मंदिर के इर्दगिर्द निर्माण कार्य को भी संचालित किया जाना है। पीआईयू के अधिकारियों का कहना है कि आगामी बरसात तक अधिक से अधिक कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। संवाद