{"_id":"69679041d0795b48510e371e","slug":"mother-chandika-and-anasuya-met-at-the-sangam-devotees-cheered-karnpryag-news-c-48-1-kpg1002-120640-2026-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: मां चंडिका और अनसूया का संगम तट पर हुआ मिलन, भक्तों ने लगाए जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: मां चंडिका और अनसूया का संगम तट पर हुआ मिलन, भक्तों ने लगाए जयकारे
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 14 Jan 2026 06:16 PM IST
विज्ञापन
कर्णप्रयाग संगम तट पर मां अनुसूया देवी से मिलती मां चंडिका देवी। संवाद
विज्ञापन
फोटो
सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु, पश्वाओं और एरवालों ने किया देवनृत्य
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। मकर संक्रांति पर मां चंडिका और मां अनसूया ने संगम तट पर स्नान किया। अलकनंदा और पिंडर के मिलनस्थल पर दो देवियों के इस मिलन के दर्शन के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे मां अनसूया की डोली ने संगम तट पर स्नान किया। नदी में स्नान के दौरान देवी के पश्वाओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। नदी में स्नान के बाद पुजारियों ने देवी का शृंगार किया। दोपहर बाद जिलासू की मां चंडिका भी संगम तट पर पहुंचीं और स्नान किया। देवी के एरवालों ने अवतरित होकर देवनृत्य किया। इसके बाद मां चंडिका ने मां अनसूया से भेंट की। दोनों देवियों का मिल देख पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाए। मां चंडिका के एरवालों ने मां अनसूया को भेंट दी। इसके बाद मां चंडिका और मां अनसूया उमा देवी मंदिर पहुंचीं यहां देवी के पश्वाओं और एरवालों ने देवनृत्य किया। इस मौके पर मां चंडिका दिवारा समिति के अध्यक्ष दिलबर सिंह चौहान, सचिव ईश्वर राणा, मां अनसूया के पुजारी डॉ. चंद्र शेखर पुजारी आदि मौजूद रहे। वहीं बाजार में मेला लगा रहा। लोगों ने जमकर बर्तन, रजाई, खिलौने आदि की खरीदारी की।
इंसेट
एसडीआरएफ की टीम रही तैनात
कर्णप्रयाग। मकर संक्रांति पर संगम तट पर स्नान को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम उपकरणों सहित संगम तट पर तैनात रही। संगम तट के किनारे एसडीआरएफ के जवान अलर्ट रहे। इस दौरान रस्सी के सहारे लोगों को स्नान कराया। इस मौके पर एसआई जगमोहन, अपर उपनिरीक्षक देवेंद्र नेगी, किशन, राजेंद्र शैलानी और प्रदीप आदि मौजूद रहे। संवाद
दिनभर लगता रहा जाम
कर्णप्रयाग। मकर संक्रांति पर बदरीनाथ हाईवे सहित नगर को जोड़ने वाले विभिन्न मार्गों पर दिनभर जाम लगता रहा। होमगार्ड और पुलिस के जवानों को जाम खुलवाने के लिए पसीना बहाना पड़ा। सुबह से दोपहर तक हाईवे और अन्य मोटर मार्गों पर वाहन रेंगरेंग कर आगे बढ़े। बाजार में मेला लगने से हुई भीड़ से भी वाहनों का जाम लगा। संवाद
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
शिवालयों में की पूजा, संगम पर उमड़ी भीड़
रुद्रप्रयाग। मकर संक्रांति पर्व जिले में लोगों ने श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया। लोगों ने संगम तट पर स्नान किया। सुबह शिवालयों में पहुंचकर जल चढ़ाया। सुबह से ही संगम तट पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही। विभिन्न गांवों से लोगों ने यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना की और नदी में डुबकी लगाई। लोगों ने कहा कि मकर संक्रांति पर स्नान करने से दुख दूर होते है।
सुरक्षा की दृष्टि से एसडीआरएफ के जवान नदी किनारे तैनात रहे। इधर ऊखीमठ स्थित बाबा केदार के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में भी शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। उन्होंने बाबा केदारनाथ से आशीर्वाद लेकर शिवलिंग पर जल अर्पित किया। वहीं शीतकालीन यात्रा के संचालन के बाद से ही ओंकारेश्वर मंदिर में भक्त रोजाना उमड़ रहे हैं। गुप्तकाशी में भी बाबा विश्वनाथ के मंदिर में भक्त बड़ी संख्या में पहुंचे। कोटेश्वर मंदिर के महंत शिवानंद गिरी महाराज, व संगम स्थित रुद्रनाथ मंदिर महंत धर्मानंद महाराज ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व को सूर्य का उत्तरायण में प्रवेश होता है और इसके बाद से दिन बड़े होने लगते हैं। इस अवसर पर पूजा-अर्चना और खिचड़ी का विशेष महत्व है। संवाद
19 को ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी यात्रा
रुद्रप्रयाग। तल्लानागपुर की आराध्य देवी मां चंडिका इन दिनों अपने उत्तर दिवारा में गांव का भ्रमण कर रही हैं। 4 जनवरी से उत्तर दिवारा प्रारंभ होकर 19 जनवरी को ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। इस दौरान माता अपनी ध्याणियों सहित ग्रामीणों को आशीर्वाद दे रही हैं। तुंगेश्वर मंदिर समिति अध्यक्ष मानवेंद्र बर्तवाल ने बताया कि आयोजन में भक्त यात्रा को संचालित कर रहे हैं। वहीं धीर सिंह झिंकवाण, भानु प्रकाश नेगी, पवत बर्तवाल, सते सिंह नेगी आदि साथ चल रहे हैं। संवाद
Trending Videos
सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु, पश्वाओं और एरवालों ने किया देवनृत्य
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। मकर संक्रांति पर मां चंडिका और मां अनसूया ने संगम तट पर स्नान किया। अलकनंदा और पिंडर के मिलनस्थल पर दो देवियों के इस मिलन के दर्शन के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे मां अनसूया की डोली ने संगम तट पर स्नान किया। नदी में स्नान के दौरान देवी के पश्वाओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। नदी में स्नान के बाद पुजारियों ने देवी का शृंगार किया। दोपहर बाद जिलासू की मां चंडिका भी संगम तट पर पहुंचीं और स्नान किया। देवी के एरवालों ने अवतरित होकर देवनृत्य किया। इसके बाद मां चंडिका ने मां अनसूया से भेंट की। दोनों देवियों का मिल देख पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाए। मां चंडिका के एरवालों ने मां अनसूया को भेंट दी। इसके बाद मां चंडिका और मां अनसूया उमा देवी मंदिर पहुंचीं यहां देवी के पश्वाओं और एरवालों ने देवनृत्य किया। इस मौके पर मां चंडिका दिवारा समिति के अध्यक्ष दिलबर सिंह चौहान, सचिव ईश्वर राणा, मां अनसूया के पुजारी डॉ. चंद्र शेखर पुजारी आदि मौजूद रहे। वहीं बाजार में मेला लगा रहा। लोगों ने जमकर बर्तन, रजाई, खिलौने आदि की खरीदारी की।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंसेट
एसडीआरएफ की टीम रही तैनात
कर्णप्रयाग। मकर संक्रांति पर संगम तट पर स्नान को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम उपकरणों सहित संगम तट पर तैनात रही। संगम तट के किनारे एसडीआरएफ के जवान अलर्ट रहे। इस दौरान रस्सी के सहारे लोगों को स्नान कराया। इस मौके पर एसआई जगमोहन, अपर उपनिरीक्षक देवेंद्र नेगी, किशन, राजेंद्र शैलानी और प्रदीप आदि मौजूद रहे। संवाद
दिनभर लगता रहा जाम
कर्णप्रयाग। मकर संक्रांति पर बदरीनाथ हाईवे सहित नगर को जोड़ने वाले विभिन्न मार्गों पर दिनभर जाम लगता रहा। होमगार्ड और पुलिस के जवानों को जाम खुलवाने के लिए पसीना बहाना पड़ा। सुबह से दोपहर तक हाईवे और अन्य मोटर मार्गों पर वाहन रेंगरेंग कर आगे बढ़े। बाजार में मेला लगने से हुई भीड़ से भी वाहनों का जाम लगा। संवाद
शिवालयों में की पूजा, संगम पर उमड़ी भीड़
रुद्रप्रयाग। मकर संक्रांति पर्व जिले में लोगों ने श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया। लोगों ने संगम तट पर स्नान किया। सुबह शिवालयों में पहुंचकर जल चढ़ाया। सुबह से ही संगम तट पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही। विभिन्न गांवों से लोगों ने यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना की और नदी में डुबकी लगाई। लोगों ने कहा कि मकर संक्रांति पर स्नान करने से दुख दूर होते है।
सुरक्षा की दृष्टि से एसडीआरएफ के जवान नदी किनारे तैनात रहे। इधर ऊखीमठ स्थित बाबा केदार के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में भी शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। उन्होंने बाबा केदारनाथ से आशीर्वाद लेकर शिवलिंग पर जल अर्पित किया। वहीं शीतकालीन यात्रा के संचालन के बाद से ही ओंकारेश्वर मंदिर में भक्त रोजाना उमड़ रहे हैं। गुप्तकाशी में भी बाबा विश्वनाथ के मंदिर में भक्त बड़ी संख्या में पहुंचे। कोटेश्वर मंदिर के महंत शिवानंद गिरी महाराज, व संगम स्थित रुद्रनाथ मंदिर महंत धर्मानंद महाराज ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व को सूर्य का उत्तरायण में प्रवेश होता है और इसके बाद से दिन बड़े होने लगते हैं। इस अवसर पर पूजा-अर्चना और खिचड़ी का विशेष महत्व है। संवाद
19 को ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी यात्रा
रुद्रप्रयाग। तल्लानागपुर की आराध्य देवी मां चंडिका इन दिनों अपने उत्तर दिवारा में गांव का भ्रमण कर रही हैं। 4 जनवरी से उत्तर दिवारा प्रारंभ होकर 19 जनवरी को ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। इस दौरान माता अपनी ध्याणियों सहित ग्रामीणों को आशीर्वाद दे रही हैं। तुंगेश्वर मंदिर समिति अध्यक्ष मानवेंद्र बर्तवाल ने बताया कि आयोजन में भक्त यात्रा को संचालित कर रहे हैं। वहीं धीर सिंह झिंकवाण, भानु प्रकाश नेगी, पवत बर्तवाल, सते सिंह नेगी आदि साथ चल रहे हैं। संवाद

कर्णप्रयाग संगम तट पर मां अनुसूया देवी से मिलती मां चंडिका देवी। संवाद