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Chamoli News: अपनी भूमि पर आवास निर्माण पर रोक के विरोध में प्रदर्शन
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जिला विकास प्राधिकरण की ओर से लगाई रोक हटाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। ग्राम गोपेश्वर के मूल निवासियों ने अपनी निजी भूमि पर आवास निर्माण और पैतृक भवनों के पुनर्निर्माण पर जिला विकास प्राधिकरण की ओर से लगाई जा रही रोक के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण चमोली को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्यों पर लगी रोक हटाने और मकानों पर लगाई गई सील हटाने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि रुद्रनाथ-गोपीनाथ मंदिर के 300 मीटर दायरे में आवासीय भवनों के निर्माण पर रोक लगाई जा रही है जबकि स्थानीय परिवार पीढ़ियों से इस क्षेत्र में निवास करते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के लिए किए गए ऑनलाइन आवेदन लंबे समय से लंबित हैं जिससे भवन निर्माण की अनुमति मिलने में अनावश्यक विलंब हो रहा है। ग्रामीणों ने मूल गोपेश्वर गांव और मंदिर से जुड़े हक-हकूकधारी परिवारों के क्षेत्र को आवासीय जोन घोषित करने, स्थानीय निवासियों को अपनी निजी भूमि और जर्जर पैतृक भवनों के पुनर्निर्माण के लिए जटिल अनुमति प्रक्रिया से छूट देने की मांग की। इस मौके पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पुष्पा पासवान, नगर पालिका के पूर्व सभासद नवल भट्ट, पुजारी आचार्य महादेव भट्ट, शिक्षाविद सुशीला सेमवाल, राज्य आंदोलनकारी चंद्रकला बिष्ट, शांति प्रसाद भट्ट, पुष्पा नेगी, महेंद्र नेगी आदि मौजूद रहे।
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जिला विकास प्राधिकरण की ओर से लगाई रोक हटाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। ग्राम गोपेश्वर के मूल निवासियों ने अपनी निजी भूमि पर आवास निर्माण और पैतृक भवनों के पुनर्निर्माण पर जिला विकास प्राधिकरण की ओर से लगाई जा रही रोक के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण चमोली को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्यों पर लगी रोक हटाने और मकानों पर लगाई गई सील हटाने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि रुद्रनाथ-गोपीनाथ मंदिर के 300 मीटर दायरे में आवासीय भवनों के निर्माण पर रोक लगाई जा रही है जबकि स्थानीय परिवार पीढ़ियों से इस क्षेत्र में निवास करते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के लिए किए गए ऑनलाइन आवेदन लंबे समय से लंबित हैं जिससे भवन निर्माण की अनुमति मिलने में अनावश्यक विलंब हो रहा है। ग्रामीणों ने मूल गोपेश्वर गांव और मंदिर से जुड़े हक-हकूकधारी परिवारों के क्षेत्र को आवासीय जोन घोषित करने, स्थानीय निवासियों को अपनी निजी भूमि और जर्जर पैतृक भवनों के पुनर्निर्माण के लिए जटिल अनुमति प्रक्रिया से छूट देने की मांग की। इस मौके पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पुष्पा पासवान, नगर पालिका के पूर्व सभासद नवल भट्ट, पुजारी आचार्य महादेव भट्ट, शिक्षाविद सुशीला सेमवाल, राज्य आंदोलनकारी चंद्रकला बिष्ट, शांति प्रसाद भट्ट, पुष्पा नेगी, महेंद्र नेगी आदि मौजूद रहे।
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