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Chamoli News: मरम्मत के इंतजार में स्कूल, टपकती छत के नीचे चल रही कक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Fri, 13 Feb 2026 05:40 PM IST
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-छत का सीमेंट उखड़ने व दरारे आने से कमरों में टपक रहा पानी
जर्जर भवन में चल रहा है प्राथमिक विद्यालय भौरियाबगड़
देवाल। ब्लॉक के भौरियाबगड़ गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की हालत बेहद दयनीय है। विद्यालय का भवन जर्जर हो चुका है और छत में पड़ी दरारों से बारिश के साथ-साथ पाले का पानी भी कमरों के अंदर टपक रहा है। ऐसी स्थिति में 16 छात्र-छात्राएं टपकती छत और बदबूदार कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कई बार मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
गांव के इस प्राथमिक विद्यालय में कुल 16 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में तीन कमरे हैं, जिनमें से दो कमरों में कक्षाएं संचालित होती हैं, जबकि एक कमरे का उपयोग कार्यालय के रूप में किया जाता है। भवन की छत में दरारें पड़ चुकी हैं और कई जगहों से सीमेंट उखड़ चुका है, जिसके कारण बारिश के दिनों में पानी सीधे कमरों में टपकता है।
जनवरी और फरवरी में तापमान गिरने से क्षेत्र में अधिक मात्रा में पाला गिरता है। यह पाला पिघलकर छत की दरारों से होते हुए कमरों के भीतर आ जाता है। कमरों में पानी भर जाने से शिक्षक बच्चों को सूखी जगह पर बैठाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। कई बार स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि विद्यालय में छुट्टी करनी पड़ती है। विद्यालय की बदहाल स्थिति से छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टपकती छत और नमी के कारण कमरों में बदबू बनी रहती है, जिससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है। ग्राम प्रधान कलावती देवी ने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से कई बार प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से शीघ्र मरम्मत कराए जाने की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में शिक्षा मिल सके।
वर्जन-- -
भौरियाबगड़ विद्यालय के छत मरम्मत का प्रस्ताव आपदा में 2024 में भेजा गया था। लेकिन धनराशि नहीं मिल पाई। इस बार विद्यालय से प्रपोजल आ गया है। जिला योजना में इसे भेजा जाएगा।
-- -योगेंद्र प्रसाद सेमवाल, उप शिक्षा अधिकारी देवाल।
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जर्जर भवन में चल रहा है प्राथमिक विद्यालय भौरियाबगड़
देवाल। ब्लॉक के भौरियाबगड़ गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की हालत बेहद दयनीय है। विद्यालय का भवन जर्जर हो चुका है और छत में पड़ी दरारों से बारिश के साथ-साथ पाले का पानी भी कमरों के अंदर टपक रहा है। ऐसी स्थिति में 16 छात्र-छात्राएं टपकती छत और बदबूदार कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कई बार मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
गांव के इस प्राथमिक विद्यालय में कुल 16 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में तीन कमरे हैं, जिनमें से दो कमरों में कक्षाएं संचालित होती हैं, जबकि एक कमरे का उपयोग कार्यालय के रूप में किया जाता है। भवन की छत में दरारें पड़ चुकी हैं और कई जगहों से सीमेंट उखड़ चुका है, जिसके कारण बारिश के दिनों में पानी सीधे कमरों में टपकता है।
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जनवरी और फरवरी में तापमान गिरने से क्षेत्र में अधिक मात्रा में पाला गिरता है। यह पाला पिघलकर छत की दरारों से होते हुए कमरों के भीतर आ जाता है। कमरों में पानी भर जाने से शिक्षक बच्चों को सूखी जगह पर बैठाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। कई बार स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि विद्यालय में छुट्टी करनी पड़ती है। विद्यालय की बदहाल स्थिति से छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टपकती छत और नमी के कारण कमरों में बदबू बनी रहती है, जिससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है। ग्राम प्रधान कलावती देवी ने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से कई बार प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से शीघ्र मरम्मत कराए जाने की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में शिक्षा मिल सके।
वर्जन
भौरियाबगड़ विद्यालय के छत मरम्मत का प्रस्ताव आपदा में 2024 में भेजा गया था। लेकिन धनराशि नहीं मिल पाई। इस बार विद्यालय से प्रपोजल आ गया है। जिला योजना में इसे भेजा जाएगा।

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