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Chamoli News: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हिमांशु पंवार का हृदयघात से निधन
Sun, 05 Jul 2026 05:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 05 Jul 2026 05:15 PM IST
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12 दिन पहले ही हुआ था बेटी का जन्म
कर्णप्रयाग। गैरसैंण डांगतोली के 26 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हिमांशु पंवार का हृदयघात से निधन हो गया। रविवार को रामगंगा नदी के तट पर उनकी अंत्येष्टि की गई जिसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। उनके घर में 12 दिन पहले ही बेटी का जन्म हुआ था, जिससे खुशी का माहौल गम में बदल गया। बेटी का नामकरण सात जुलाई को होना तय था। नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। भंडारी ने कहा कि हिमांशु अपने चैनल के माध्यम से क्षेत्र की समस्याओं को उठाते थे। सुबेर संस्था के संस्थापक नवीन प्रकाश ने बताया कि हिमांशु संस्था के साथ मिलकर अनाथ बच्चों की पढ़ाई में मदद करते थे। उनके अचानक चले जाने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। रविवार को हिमांशु की अंत्येष्टि में स्थानीय लोगों के अलावा गौचर, कर्णप्रयाग, आदिबदरी, लंगासू आदि क्षेत्रों से लोगों ने पहुंचकर संवेदना जताई।
हृदयघात के लक्षण और बचाव
उपजिलाचिकित्सालय के फिजिशियन सतेंद्र कंडारी ने हृदयघात के संकेतों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल का दौरा पड़ने से पहले सीने में ऐंठन पड़ सकती है। सांस फूलना और हाथ में दर्द भी इसके लक्षण हैं। कई बार छाती पर भारीपन महसूस होता है। शरीर में बहुत पसीना आना भी एक संकेत है। कंडारी ने सलाह दी कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाना चाहिए।
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कर्णप्रयाग। गैरसैंण डांगतोली के 26 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हिमांशु पंवार का हृदयघात से निधन हो गया। रविवार को रामगंगा नदी के तट पर उनकी अंत्येष्टि की गई जिसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। उनके घर में 12 दिन पहले ही बेटी का जन्म हुआ था, जिससे खुशी का माहौल गम में बदल गया। बेटी का नामकरण सात जुलाई को होना तय था। नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। भंडारी ने कहा कि हिमांशु अपने चैनल के माध्यम से क्षेत्र की समस्याओं को उठाते थे। सुबेर संस्था के संस्थापक नवीन प्रकाश ने बताया कि हिमांशु संस्था के साथ मिलकर अनाथ बच्चों की पढ़ाई में मदद करते थे। उनके अचानक चले जाने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। रविवार को हिमांशु की अंत्येष्टि में स्थानीय लोगों के अलावा गौचर, कर्णप्रयाग, आदिबदरी, लंगासू आदि क्षेत्रों से लोगों ने पहुंचकर संवेदना जताई।
हृदयघात के लक्षण और बचाव
उपजिलाचिकित्सालय के फिजिशियन सतेंद्र कंडारी ने हृदयघात के संकेतों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल का दौरा पड़ने से पहले सीने में ऐंठन पड़ सकती है। सांस फूलना और हाथ में दर्द भी इसके लक्षण हैं। कई बार छाती पर भारीपन महसूस होता है। शरीर में बहुत पसीना आना भी एक संकेत है। कंडारी ने सलाह दी कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाना चाहिए।
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