पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   PSBs to Drive CD Ratio Improvement, Bank Credit Growth Projected at 14% in FY27: MOSFL Report

MOSFL: सरकारी बैंकों के दम पर सुधरेगा सीडी रेशियो, FY27 में 14% रहेगी क्रेडिट ग्रोथ; जानिए रिपोर्ट में क्या

Mon, 06 Jul 2026 02:39 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 06 Jul 2026 02:39 PM IST
सार

मोतीलाल ओसवाल (एमओएसएफएल) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में भारतीय बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ 14% रहने का अनुमान है। सरकारी बैंक सीडी रेशियो सुधारने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें।

विज्ञापन
PSBs to Drive CD Ratio Improvement, Bank Credit Growth Projected at 14% in FY27: MOSFL Report
भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala

विस्तार

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के लिए नया वित्त वर्ष काफी स्थिर रहेगा। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (एमओएसएफएल) के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ सालाना 14 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। इस विकास यात्रा में सरकारी बैंक (पीएसबी) सबसे आगे रहेंगे और क्रेडिट-टू-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो में सुधार का नेतृत्व करेंगे। बैंकिंग क्षेत्र में होने वाले ये बदलाव देश में कर्ज की मजबूत मांग और बदलती लिक्विडिटी आवश्यकताओं को दर्शाते हैं।

विज्ञापन

क्रेडिट ग्रोथ की वर्तमान स्थिति क्या है और इसके बढ़ने के पीछे मुख्य वजहें क्या हैं?

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, 15 जून 2026 तक बैंकिंग प्रणाली की सिस्टेमिक क्रेडिट ग्रोथ सालाना आधार पर बढ़कर 17.7 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। इस तेजी के पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण हैं:

विज्ञापन
  • वर्किंग कैपिटल लोन की मांग: कच्चे माल और इनपुट लागत बढ़ने से कंपनियों को अपने दैनिक काम के लिए अधिक वर्किंग कैपिटल लोन की जरूरत पड़ रही है।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • नियामकीय बदलाव: आरबीआई नियमों के कारण बैंकों का ध्यान लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो (LDR) से हटकर लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) और नेट स्टेबल फंडिंग रेशियो (NSFR) की ओर बढ़ा है।
  • बॉन्ड यील्ड में तेजी: वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से कंपनियों ने बाजार के बजाय सीधे बैंकों से लोन लेना शुरू किया।

आरबीआई के किस फैसले से बैंकों को 40-50 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह मिल सकता है?

बैंकिंग प्रणाली में लिक्विडिटी सुधारने के लिए आरबीआई ने एक बड़ा कदम उठाया है:

  • FCNR(B) डिपॉजिट को CRR और SLR से छूट: आरबीआई ने तीन से पांच साल की अवधि वाले विदेशी मुद्रा अनिवासी-B यानी FCNR(B) डिपॉजिट्स को कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) और स्टेट्यूटरी लिक्विडिटी रेशियो (एसएलआर) की अनिवार्यताओं से मुक्त किया है।
  • बिजनेस ग्रोथ को सहारा: इस अकेले उपाय से ही वित्त वर्ष 2027 (FY27) में देश में 40 से 50 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह होने की उम्मीद है, जिससे बैंकों के समग्र बिजनेस ग्रोथ को सहारा मिलेगा।

नए कर्जों की ब्याज दरों और बैंकों के मुनाफे पर इसका क्या असर हुआ है?

ब्याज दरों और शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) को लेकर रिपोर्ट में मिश्रित रुख दिखाया गया है:

  • लोन यील्ड में बदलाव: मई 2026 में नए ऋणों पर यील्ड में सरकारी बैंकों के लिए छह बेसिस पॉइंट (बीपी) की बढ़त हुई, जबकि निजी बैंकों के लिए यह 7 बीपी गिर गई। इससे पूरे बैंकिंग सेक्टर में केवल 1 बीपी की मामूली शुद्ध बढ़त दर्ज हुई।
  • मार्जिन पर दबाव: मध्यम आकार के बैंकों के नेट इंट्रेस्ट मार्जिन (एनआईएम) पर थोड़ा दबाव है। पिछले छह महीनों से रेपो रेट स्थिर रहने से ब्याज दरों में कटौती का असर पूरी तरह से खत्म हो चुका है। अब मार्जिन लोन प्रोडक्ट मिक्स और बचे हुए डिपॉजिट्स की रीप्राइसिंग से तय होगा।

बैंकों की एसेट क्वालिटी कैसी है और भविष्य का दृष्टिकोण क्या है?

एसेट क्वालिटी और भविष्य की लोन डिमांड को लेकर रिपोर्ट सकारात्मक संकेत देती है:

  • मजबूत एसेट क्वालिटी: अधिकांश लोन सेगमेंट में एसेट क्वालिटी बहुत अच्छी बनी हुई है। पश्चिम एशिया संकट का भी इस पर फिलहाल कोई तात्कालिक असर नहीं पड़ा है।
  • विकास के इंजन: आगे क्रेडिट ग्रोथ को कॉर्पोरेट कर्ज में सुधार, स्थिर रिटेल लोन मांग और एमएसएमई व गोल्ड लोन में लगातार आ रही तेजी से समर्थन मिलता रहेगा। हालांकि, ऊंची इनपुट लागत और ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव कर्जदारों की लाभप्रदता को प्रभावित कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed