क्या बदलने वाली है भारत की हवाई यात्रा?: आकासा का UDAN स्कीम में उतरने का प्लान; 226 विमानों का दिया ऑर्डर
आकासा एयर के CEO विनय दुबे के मुताबिक, एयरलाइन सरकार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना UDAN के तहत उड़ानें शुरू करने की तैयारी कर रही है। कंपनी हर रूट का अलग-अलग अध्ययन करेगी। साथ ही एयरलाइन अपने बेड़े और क्षमता का लगातार विस्तार कर रही है।
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आकासा एयर के CEO विनय दुबे ने रविवार को बताया कि एयरलाइन सरकार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना UDAN के तहत उड़ानें शुरू करने की योजना बना रही है। उन्होंने बताया कि एयरलाइन के बेड़े में नए विमान लगातार और तय गति से शामिल हो रहे हैं। अगले महीने अपनी व्यावसायिक उड़ानों के चार साल पूरे करने जा रही आकासा एयर ने इस साल अब तक 9 नए बोइंग 737 मैक्स विमान अपने बेड़े में शामिल किए हैं। एयरलाइन ने कुल 226 विमानों का ऑर्डर दिया है, जिनमें से शेष 186 विमान वर्ष 2032 के अंत तक बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है। एयरलाइन का लक्ष्य मौजूदा वित्त वर्ष में अपनी परिचालन क्षमता में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी करना है, जबकि अगले चार से पांच वर्षों में हर साल 30 से 40 प्रतिशत क्षमता वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।
क्या हर रूट पर उड़ान से पहले होगा गहन अध्ययन?
PTI को दिए एक इंटरव्यू में विनय दुबे ने कहा कि आकासा एयर UDAN योजना का हिस्सा बनने की तैयारी कर रही है। हालांकि, किसी भी रूट पर उड़ान शुरू करने से पहले उसका अलग-अलग अध्ययन किया जाएगा। UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) योजना का संशोधित संस्करण 4 जुलाई को लॉन्च किया गया। इस योजना का उद्देश्य कम किराये पर उन क्षेत्रों तक हवाई सेवाएं पहुंचाना है, जहां अब तक हवाई संपर्क नहीं है या बहुत सीमित है। अक्टूबर 2016 में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 669 रूट शुरू किए जा चुके हैं और 95 एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट तथा वाटर एयरोड्रोम को जोड़ा गया है। फिलहाल आकासा एयर 28 घरेलू और 7 अंतरराष्ट्रीय शहरों के बीच उड़ान सेवाएं संचालित कर रही है।
ATF फंड और ECLGS पर कब लेगी कंपनी अंतिम फैसला?
ATF प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड और ECLGS (इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम) में शामिल होने के सवाल पर दुबे ने कहा कि एयरलाइन फिलहाल दोनों योजनाओं के नियमों और शर्तों का अध्ययन कर रही है और सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी एयरलाइन हमेशा एक ही रणनीति पर नहीं चल सकती। बदलते बाजार और उद्योग की परिस्थितियों के अनुसार समय-समय पर अपनी रणनीति की समीक्षा करनी पड़ती है। उनके मुताबिक फिलहाल एक ही प्रकार के विमान और एक ही क्लास के साथ संचालन करना कंपनी के लिए सबसे उपयुक्त रणनीति है, लेकिन हर साल इसका पुनर्मूल्यांकन किया जाता है और जरूरत पड़ने पर बदलाव के लिए भी कंपनी तैयार रहती है।
क्या बोइंग समय पर विमान दे रहा है?
दुबे के अनुसार, बोइंग की ओर से विमानों की डिलीवरी तय समय के अनुसार हो रही है। उन्होंने कहा, 'पिछले 12 महीनों में हमने जितने विमान हासिल किए हैं, आने वाले समय में उससे अधिक विमान मिलने की उम्मीद है। विमान लगातार और अनुमानित गति से मिल रहे हैं।' हालांकि, एयरलाइन किसी निश्चित अवधि में मिलने वाले विमानों की संख्या का पूर्वानुमान सार्वजनिक नहीं करती। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दुनियाभर की एयरलाइन इंडस्ट्री इस समय सप्लाई चेन और इंजन से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रही है, जिसके कारण नए विमानों की डिलीवरी में देरी हो रही है।
क्या कर्मचारियों को बनाए रखने का फैसला सही साबित हुआ?
दुबे ने बताया कि कुछ वर्ष पहले विमानों की डिलीवरी में देरी के कारण आकासा एयर के पास उपलब्ध विमानों की तुलना में कर्मचारियों की संख्या अधिक हो गई थी। इसके बावजूद वर्ष 2024 में कंपनी ने किसी भी कर्मचारी की छंटनी नहीं करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा, 'उस समय हमारे पास जरूरत से ज्यादा कर्मचारी थे, लेकिन हमने सभी को बनाए रखा। आज उसी फैसले का फायदा मिल रहा है।' वर्तमान में आकासा एयर में 5,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 850 से अधिक पायलट शामिल हैं।
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क्या घाटे के बावजूद मुनाफे की राह पर है आकासा एयर?
घाटे में चल रही आकासा एयर ने सितंबर 2025 से मार्च 2026 की अवधि के दौरान EBITDA के स्तर पर सकारात्मक प्रदर्शन दर्ज किया। EBITDA का अर्थ है ब्याज, कर, मूल्यह्रास (Depreciation) और अमॉर्टाइजेशन से पहले की आय। इस अवधि में एयरलाइन EBITDA के आधार पर लाभ में रही। कंपनी का मानना है कि बेड़े का लगातार विस्तार, कर्मचारियों को बनाए रखने की रणनीति और परिचालन क्षमता बढ़ाने की योजना आने वाले वर्षों में उसके विकास को और गति देगी।