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थराली : मलबा आने से 16 सड़कें रहीं बंद
Thu, 02 Jul 2026 05:42 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 02 Jul 2026 05:42 PM IST
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सात से आठ घंटों बाद खुलीं सड़कें, कुछ जगहों पर चालकों ने खुद हटाया मलबा
संवाद न्यूज एजेंसी
थराली। बुधवार रात और बृहस्पतिवार सुबह हुई भारी बारिश से मलबा आने से तहसील की 16 सड़कें मलबे के कारण बंद हो गईं जिससे सैकड़ों लोगों का आपस में संपर्क कट गया। कई सड़कों को खोलने में सात से आठ घंटे लग गए। इस दौरान कुछ जगहों पर वाहन चालकों को खुद फावड़े लेकर मलबा हटाना पड़ा।
थराली-देवाल राज्य राजमार्ग केदारबगड़ और सौगांव में आठ घंटे तक बंद रहा। लोनिवि ने बृहस्पतिवार सुबह दस बजे इसे आवाजाही के लिए खोला। सोल क्षेत्र का थराली-डुंग्री मार्ग भी भूस्खलन और बोल्डर गिरने से बंद हो गया। इससे 16 गांवों के दस हजार से अधिक लोगों का संपर्क कट गया। ग्रामीणों ने आक्रोश जताया कि दोपहर बाद तक पीएमजीएसवाई ने सड़क खोलने के लिए जेसीबी नहीं भेजी थी। गेरूड़ की क्षेत्र पंचायत सुनीता देवी और अन्य ग्रामीणों ने रसद आपूर्ति के लिए शीघ्र सड़क खोलने की मांग की। वहीं नंदकेशरी-जौला और विजयपुर-तलवाड़ी मार्ग बंद होने से लोग बाजार नहीं पहुंच पाए। राड़ी गांव के पास घांघली गदेरे के उफान से लोगों को रातभर जागना पड़ा। यह स्थिति मानसून की तैयारियों पर सवाल उठाती है। वहीं लोनिवि की सहायक अभियंता बबीता आर्या ने बताया कि सड़कों को खोलने का काम जारी है। मुख्यालय पर दो जेसीबी तैनात हैं जिन्हें आवश्यकतानुसार भेजा जा रहा है।
देवाल-खेता मार्ग फिर बंद, कोटेड़ा गांव पर खतरा
देवाल। बुधवार रात हुई भारी बारिश के कारण देवाल-खेता मानमती मार्ग सुयालकोट में एक बार फिर बंद हो गया। इससे करीब दस हजार आबादी की यातायात व्यवस्था ठप हो गई है। सुयालकोट में मलबा और बोल्डर आने से यह मार्ग बाधित रहता है। विभाग इस भूस्खलन क्षेत्र का उपचार नहीं कर पाया है। बृहस्पतिवार को नलधूरा सहित कई गांवों का संपर्क कटा रहा। पीएमजीएसवाई की चोड़-कोटेड़ा सड़क पर करीब सौ मीटर हिस्से में दरारें आई हैं। सड़क की दीवार और पैराफिट भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं जिससे कोटेड़ा गांव को खतरा बना हुआ है। कोटेड़ा के मनोज कोठियाल ने प्रशासन से सर्वे कर कार्रवाई की मांग की। लोनिवि के अधिशासी अभियंता मनोज डोगरा ने मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन भेजने की जानकारी दी। संवाद
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सात से आठ घंटों बाद खुलीं सड़कें, कुछ जगहों पर चालकों ने खुद हटाया मलबा
संवाद न्यूज एजेंसी
थराली। बुधवार रात और बृहस्पतिवार सुबह हुई भारी बारिश से मलबा आने से तहसील की 16 सड़कें मलबे के कारण बंद हो गईं जिससे सैकड़ों लोगों का आपस में संपर्क कट गया। कई सड़कों को खोलने में सात से आठ घंटे लग गए। इस दौरान कुछ जगहों पर वाहन चालकों को खुद फावड़े लेकर मलबा हटाना पड़ा।
थराली-देवाल राज्य राजमार्ग केदारबगड़ और सौगांव में आठ घंटे तक बंद रहा। लोनिवि ने बृहस्पतिवार सुबह दस बजे इसे आवाजाही के लिए खोला। सोल क्षेत्र का थराली-डुंग्री मार्ग भी भूस्खलन और बोल्डर गिरने से बंद हो गया। इससे 16 गांवों के दस हजार से अधिक लोगों का संपर्क कट गया। ग्रामीणों ने आक्रोश जताया कि दोपहर बाद तक पीएमजीएसवाई ने सड़क खोलने के लिए जेसीबी नहीं भेजी थी। गेरूड़ की क्षेत्र पंचायत सुनीता देवी और अन्य ग्रामीणों ने रसद आपूर्ति के लिए शीघ्र सड़क खोलने की मांग की। वहीं नंदकेशरी-जौला और विजयपुर-तलवाड़ी मार्ग बंद होने से लोग बाजार नहीं पहुंच पाए। राड़ी गांव के पास घांघली गदेरे के उफान से लोगों को रातभर जागना पड़ा। यह स्थिति मानसून की तैयारियों पर सवाल उठाती है। वहीं लोनिवि की सहायक अभियंता बबीता आर्या ने बताया कि सड़कों को खोलने का काम जारी है। मुख्यालय पर दो जेसीबी तैनात हैं जिन्हें आवश्यकतानुसार भेजा जा रहा है।
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देवाल-खेता मार्ग फिर बंद, कोटेड़ा गांव पर खतरा
देवाल। बुधवार रात हुई भारी बारिश के कारण देवाल-खेता मानमती मार्ग सुयालकोट में एक बार फिर बंद हो गया। इससे करीब दस हजार आबादी की यातायात व्यवस्था ठप हो गई है। सुयालकोट में मलबा और बोल्डर आने से यह मार्ग बाधित रहता है। विभाग इस भूस्खलन क्षेत्र का उपचार नहीं कर पाया है। बृहस्पतिवार को नलधूरा सहित कई गांवों का संपर्क कटा रहा। पीएमजीएसवाई की चोड़-कोटेड़ा सड़क पर करीब सौ मीटर हिस्से में दरारें आई हैं। सड़क की दीवार और पैराफिट भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं जिससे कोटेड़ा गांव को खतरा बना हुआ है। कोटेड़ा के मनोज कोठियाल ने प्रशासन से सर्वे कर कार्रवाई की मांग की। लोनिवि के अधिशासी अभियंता मनोज डोगरा ने मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन भेजने की जानकारी दी। संवाद
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