{"_id":"6a9862e3b051b83de405f59a","slug":"accused-of-molesting-a-minor-acquitted-champawat-news-c-229-1-alm1014-143843-2026-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: नाबालिग से छेड़छाड़ करने का आरोपी दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: नाबालिग से छेड़छाड़ करने का आरोपी दोषमुक्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) अनुज कुमार संगल की अदालत ने नाबालिग से छेड़छाड़ करने के आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयान सुनने और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद यह फैसला सुनाया।
मामले के अनुसार, 19 मार्च 2024 को कोतवाली चंपावत में क्षेत्र निवासी पीड़िता के परिजनों ने तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने धीरवाली गली, अहबाबनगर, ज्वालापुर, हरिद्वार निवासी रिहान अली (19) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की विवेचना की। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 73 और 319, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 सी और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की धारा 11 (4) के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। मंगलवार को फैसला आया। विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयान सुनने के साथ प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण किया। इसके बाद अदालत ने आरोपी रिहान अली को उस पर लगाए गए आरोपों से दोषमुक्त करार दिया।
अभियोजन पक्ष भी आरोपों को साबित करने में रहा असफल
अदालत ने कहा कि पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के समग्र विश्लेषण से आरोपी रिहान अली के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं होते हैं। अभियोजन पक्ष भी आरोपों को साबित करने में सफल नहीं रहा। ऐसे में अदालत ने आरोपी रिहान अली को दोषमुक्त करार दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले के अनुसार, 19 मार्च 2024 को कोतवाली चंपावत में क्षेत्र निवासी पीड़िता के परिजनों ने तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने धीरवाली गली, अहबाबनगर, ज्वालापुर, हरिद्वार निवासी रिहान अली (19) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की विवेचना की। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 73 और 319, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 सी और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की धारा 11 (4) के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। मंगलवार को फैसला आया। विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयान सुनने के साथ प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण किया। इसके बाद अदालत ने आरोपी रिहान अली को उस पर लगाए गए आरोपों से दोषमुक्त करार दिया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष भी आरोपों को साबित करने में रहा असफल
अदालत ने कहा कि पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के समग्र विश्लेषण से आरोपी रिहान अली के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं होते हैं। अभियोजन पक्ष भी आरोपों को साबित करने में सफल नहीं रहा। ऐसे में अदालत ने आरोपी रिहान अली को दोषमुक्त करार दिया।
विज्ञापन