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Champawat News: एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक से जन्मीं बद्री नस्ल की पांच बछियां
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 15 Mar 2026 11:51 PM IST
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चंपावत। पशुपालन के क्षेत्र में उत्तराखंड को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जनपद के नारियालगांव पशु प्रजनन प्रक्षेत्र में मल्टीपल ओव्यूलेशन एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक के माध्यम से बद्री नस्ल की पांच मादा बछियों का सफलतापूर्वक जन्म हुआ है। स्वदेशी बद्री नस्ल के संरक्षण की दिशा में देश में इस तकनीक का यह पहला सफल प्रयोग माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रक्रिया लगभग 10 माह पूर्व शुरू की गई थी। सबसे पहले बद्री नस्ल की एक उत्कृष्ट (एलीट) डोनर गाय की पहचान की गई। इसके बाद मल्टीपल ओव्यूलेशन विधि से एक साथ कई अंडाणु विकसित किए गए और फिर लिंग वर्गीकृत वीर्य से भ्रूण तैयार किए गए। बताया गया कि इन भ्रूण को पांच अलग-अलग स्वस्थ ''रिसीपिएंट'' (सरोगेट) गायों में प्रत्यारोपित किया गया। इसके बाद करीब नौ माह की गर्भावधि के बाद अब पांचों मादा बछियों का जन्म हुआ है जो पूरी तरह स्वस्थ हैं।
इसमें पशु चिकित्सकों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसमें डॉ. अजय असवाल, डॉ. अमित देवराड़ी, परियोजना निदेशक डॉ. जीएस खड़ायत, डॉ. अतुल और डॉ. सुमित शामिल रहे।
पशुपालकों की बढ़ेगी आय
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल ने बताया कि एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक पशुधन सुधार की एक अत्याधुनिक विधि है। इससे श्रेष्ठ नस्ल के पशुओं की संख्या बहुत तेजी से बढ़ाई जा सकती है। भविष्य में इस तकनीक का विस्तार पूरे जनपद में किया जाएगा जिससे पशुपालकों को कम समय में उन्नत नस्ल के पशु मिल सकेंगे और उनके दुग्ध उत्पादन व आय में वृद्धि होगी।
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विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रक्रिया लगभग 10 माह पूर्व शुरू की गई थी। सबसे पहले बद्री नस्ल की एक उत्कृष्ट (एलीट) डोनर गाय की पहचान की गई। इसके बाद मल्टीपल ओव्यूलेशन विधि से एक साथ कई अंडाणु विकसित किए गए और फिर लिंग वर्गीकृत वीर्य से भ्रूण तैयार किए गए। बताया गया कि इन भ्रूण को पांच अलग-अलग स्वस्थ ''रिसीपिएंट'' (सरोगेट) गायों में प्रत्यारोपित किया गया। इसके बाद करीब नौ माह की गर्भावधि के बाद अब पांचों मादा बछियों का जन्म हुआ है जो पूरी तरह स्वस्थ हैं।
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इसमें पशु चिकित्सकों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसमें डॉ. अजय असवाल, डॉ. अमित देवराड़ी, परियोजना निदेशक डॉ. जीएस खड़ायत, डॉ. अतुल और डॉ. सुमित शामिल रहे।
पशुपालकों की बढ़ेगी आय
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल ने बताया कि एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक पशुधन सुधार की एक अत्याधुनिक विधि है। इससे श्रेष्ठ नस्ल के पशुओं की संख्या बहुत तेजी से बढ़ाई जा सकती है। भविष्य में इस तकनीक का विस्तार पूरे जनपद में किया जाएगा जिससे पशुपालकों को कम समय में उन्नत नस्ल के पशु मिल सकेंगे और उनके दुग्ध उत्पादन व आय में वृद्धि होगी।