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Champawat News: लोहाघाट के 16 सरकारी स्कूलों के लिए भूमि हस्तांतरण को मिली मंजूरी
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लोहाघाट/चंपावत। जनपद के शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। लोहाघाट तहसील के अंतर्गत संचालित 16 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के लिए भूमि अभिलेखों में हस्तांतरण की प्रक्रिया को शासन ने औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब तक ये विद्यालय राज्य सरकार की विभिन्न श्रेणियों की भूमि पर संचालित हो रहे थे, जिन्हें अब विधिवत रूप से विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखंड शासन के नाम दर्ज किया जाएगा।
लोक प्रयोजन के तहत स्वीकृत इस पहल के अंतर्गत कुल 0.597 हेक्टेयर भूमि का हस्तांतरण किया गया है। भूमि हस्तांतरित होने के बाद इन विद्यालयों में नए भवन निर्माण, चहारदीवारी, मरम्मत और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में आने वाली तकनीकी और कानूनी अड़चनें पूरी तरह दूर हो जाएंगी।
इन 16 विद्यालयों को मिलेगा सीधा लाभ:
राजकीय प्राथमिक विद्यालय निडिल, बडोली, असलाड़, कोटसारी, रौशाल, डैसली, नगरुघाट, दसलेख, ठांटा, पीपलखान, बटोली, नरसों, राइकोट कुंवर, खड़नौला, मटियाल और कुंडीमारा के पास अब अपनी स्थायी भूमि होगी।
दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर होगी शिक्षा की गुणवत्ता
इस कदम का सीधा लाभ लोहाघाट के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलेगा। जमीन विभाग के नाम दर्ज होने से अब इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, खेल के मैदान और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के लिए बजट आवंटन आसान हो जाएगा, जिससे सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा।
कोट
-भूमि अभिलेख में स्पष्टता आने से इन विद्यालयों के विकास कार्यों और नई निर्माण योजनाओं को गति मिलेगी। हमारा उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना है। - मनीष कुमार, जिलाधिकारी, चंपावत
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लोक प्रयोजन के तहत स्वीकृत इस पहल के अंतर्गत कुल 0.597 हेक्टेयर भूमि का हस्तांतरण किया गया है। भूमि हस्तांतरित होने के बाद इन विद्यालयों में नए भवन निर्माण, चहारदीवारी, मरम्मत और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में आने वाली तकनीकी और कानूनी अड़चनें पूरी तरह दूर हो जाएंगी।
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इन 16 विद्यालयों को मिलेगा सीधा लाभ:
राजकीय प्राथमिक विद्यालय निडिल, बडोली, असलाड़, कोटसारी, रौशाल, डैसली, नगरुघाट, दसलेख, ठांटा, पीपलखान, बटोली, नरसों, राइकोट कुंवर, खड़नौला, मटियाल और कुंडीमारा के पास अब अपनी स्थायी भूमि होगी।
दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर होगी शिक्षा की गुणवत्ता
इस कदम का सीधा लाभ लोहाघाट के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलेगा। जमीन विभाग के नाम दर्ज होने से अब इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, खेल के मैदान और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के लिए बजट आवंटन आसान हो जाएगा, जिससे सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा।
कोट
-भूमि अभिलेख में स्पष्टता आने से इन विद्यालयों के विकास कार्यों और नई निर्माण योजनाओं को गति मिलेगी। हमारा उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना है। - मनीष कुमार, जिलाधिकारी, चंपावत