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एनएचपीसी के बनबसा पावरहाउस से उत्तराखंड को निशुल्क मिल रही 12 प्रतिशत बिजली: महाप्रबंधक
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 07 Mar 2026 01:25 AM IST
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बनबसा (चंपावत)। एनएचपीसी के बनबसा स्थित टनकपुर पावर स्टेशन से उत्तराखंड राज्य को वर्ष भर में उत्पादित कुल विद्युत उत्पादन का 12 प्रतिशत निशुल्क दिया जाता है। एनएचपीसी क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा पर जनहित में करोड़ों का खर्च वहन कर रही है। इस पावर स्टेशन से नेपाल को भी प्रतिवर्ष 71 मिलियन यूनिट बिजली दी जाती है। पावर स्टेशन के रखरखाव में लगे करीब 260 कॉन्ट्रैक्टरों को भी रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। बात पावर स्टेशन मुखिया महाप्रबंधक ऋषि रंजन आर्य ने प्रेसवार्ता के दौरान कही।
शुक्रवार को एनएचपीसी के महाप्रबंधक आर्य ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि इस पावर स्टेशन से प्रतिवर्ष उत्तराखंड सरकार को कुल उत्पादित बिजली का 12 प्रतिशत यानी करीब 30 करोड़ रुपये की बिजली मुफ्त दी जाती है। पानी की रॉयल्टी के रूप में प्रतिवर्ष उत्तराखंड राज्य को 20 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है। उत्तराखंड को चार प्रतिशत अतिरिक्त बिजली दी जाती है, इसका उत्तराखंड सरकार भुगतान करती है। उन्होंने कहा कि एनएचपीसी परिसर में संचालित होने वाले केंद्रीय विद्यालय में एनएचपीसी के कुछ ही बच्चे अध्ययनरत हैं। जबकि प्रतिवर्ष एनएचपीसी 4.15 करोड़ रुपये खर्च करती है। बताया कि जनहित में क्षेत्र में कई कार्य कराए गए हैं। समय-समय में विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगा लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
टनकपुर बैराज की सुरक्षा को किए जाने हैं रखरखाव कार्य
बनबसा। टनकपुर पावर स्टेशन के महाप्रबंधक ऋषि रंजन आर्य ने बताया कि करीब 34 वर्ष पुरानी परियोजना का बड़े पैमाने पर रखरखाव किया जाना है। टनकपुर बैराज के आसपास सुरक्षा के तहत कई निर्माण कार्य किए जाने हैं। बाढ़ से बैराज के आसपास और पोंड तटबंध पर कटाव रोकने को वहां टेट्रापॉड लगाए जाने हैं, इसके लिए बैराज के आसपास टेट्रापॉड रखे गए हैं। सुरक्षा के तहत बैराज के आसपास अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। एनएचपीसी डिजाइनिंग विभाग के निर्देश पर रखरखाव, सुरक्षा और बदलाव के काम होते हैं। इसमें स्थानीय स्तर पर कोई काम नहीं होते हैं। ऊपर से मिले निर्देश के अनुसार ही कार्य किया जाता है।-- -- -- -- --
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शुक्रवार को एनएचपीसी के महाप्रबंधक आर्य ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि इस पावर स्टेशन से प्रतिवर्ष उत्तराखंड सरकार को कुल उत्पादित बिजली का 12 प्रतिशत यानी करीब 30 करोड़ रुपये की बिजली मुफ्त दी जाती है। पानी की रॉयल्टी के रूप में प्रतिवर्ष उत्तराखंड राज्य को 20 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है। उत्तराखंड को चार प्रतिशत अतिरिक्त बिजली दी जाती है, इसका उत्तराखंड सरकार भुगतान करती है। उन्होंने कहा कि एनएचपीसी परिसर में संचालित होने वाले केंद्रीय विद्यालय में एनएचपीसी के कुछ ही बच्चे अध्ययनरत हैं। जबकि प्रतिवर्ष एनएचपीसी 4.15 करोड़ रुपये खर्च करती है। बताया कि जनहित में क्षेत्र में कई कार्य कराए गए हैं। समय-समय में विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगा लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
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टनकपुर बैराज की सुरक्षा को किए जाने हैं रखरखाव कार्य
बनबसा। टनकपुर पावर स्टेशन के महाप्रबंधक ऋषि रंजन आर्य ने बताया कि करीब 34 वर्ष पुरानी परियोजना का बड़े पैमाने पर रखरखाव किया जाना है। टनकपुर बैराज के आसपास सुरक्षा के तहत कई निर्माण कार्य किए जाने हैं। बाढ़ से बैराज के आसपास और पोंड तटबंध पर कटाव रोकने को वहां टेट्रापॉड लगाए जाने हैं, इसके लिए बैराज के आसपास टेट्रापॉड रखे गए हैं। सुरक्षा के तहत बैराज के आसपास अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। एनएचपीसी डिजाइनिंग विभाग के निर्देश पर रखरखाव, सुरक्षा और बदलाव के काम होते हैं। इसमें स्थानीय स्तर पर कोई काम नहीं होते हैं। ऊपर से मिले निर्देश के अनुसार ही कार्य किया जाता है।