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उत्तराखंड की धरती पर पैदा हुए अनेक ज्योतिष विद्वान : प्रो. पांडेय
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Wed, 25 Mar 2026 07:35 PM IST
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- संस्कृत विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन
हरिद्वार। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित केदारमानस पंचांग संशोधन त्रिदिवसीय कार्यशाला का समापन हो गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर रमाकांत पांडेय ने कहा कि आदिकाल से ही उत्तराखंड की धरती पर अनेक ज्योतिष के विद्वान पैदा हुए हैं जिनकी भविष्यवाणियां सच साबित होती थीं। कहा, कालगणना करने वाले बहुत से विद्वान इस धरती की पहचान हुआ करते थे, उत्तराखंड संस्कृत विवि उस प्राचीन परंपरा को बनाए रखने लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि विवि से जल्दी ही पंचांग का प्रकाशन किया जाएगा। कहा, केदारमानस पंचांग की पहचान उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश में बनेगी। कार्यशाला में देश के कई ज्योतिषियों ने प्रतिभाग किया। केंद्रीय संस्कृत विवि देवप्रयाग के निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने विवि के लिए इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह पंचांग उत्तराखंड में ज्योतिष के अध्येताओं के लिए ज्ञान का प्रमुख स्रोत बनकर उभरेगा,। इस मौके पर कार्यशाला के संयोजक एवं वरिष्ठ प्रोफेसर मोहन चंद्र बलोदी, भारत भूषण, डॉ. भूपेंद्र पांडेय, डॉ. रोहित पचौरी, एमसी बलोदी, डॉ. राजेश सती आदि मौजूद रहे।
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