सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Panic Buttons in Gurugram Buses Turn into Showpieces Neither Sound Emits Nor Light Glows When Pressed

सरकार कागजी है ये सुरक्षा व्यवस्था: बसों में पैनिक बटन बने शो-पीस, दबाने पर न आती आवाज और न जलती है लाइट

शिवम राजपूत, अमर उजाला, गुरुग्राम Published by: विकास कुमार Updated Fri, 27 Mar 2026 06:09 PM IST
विज्ञापन
सार

रोडवेज की करीब 30 वातानुकूलित बसों में पैनिक बटन लगे हुए हैं, लेकिन वे भी शो-पीस बनकर रह गए हैं। कई पुरानी बसों में यह सुविधा उपलब्ध ही नहीं है।

Panic Buttons in Gurugram Buses Turn into Showpieces Neither Sound Emits Nor Light Glows When Pressed
सरकारी बस में काम नहीं कर रहा पैनिक बटन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार और रोडवेज भले ही बड़े-बड़े दावे कर रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के बिलकुल अलग है। बसों में अनिवार्य किए गए पैनिक बटन महज औपचारिकता बनकर रह गए हैं। कई सिटी बसों में यह सुविधा है ही नहीं, और जहां है भी, वहां अधिकांश बटन खराब पड़े हैं।

Trending Videos

अधिकांश महिला यात्रियों को इन पैनिक बटन की जानकारी तक नहीं 
सबसे चिंताजनक बात यह है कि अधिकांश महिला यात्रियों को इन पैनिक बटन की जानकारी तक नहीं है। वहीं, जिन महिलाओं को इसकी जानकारी है, उनका अनुभव भी निराशाजनक रहा है। बटन दबाने पर न तो कोई अलार्म बजता है और न ही कोई संकेत मिलता है कि सूचना संबंधित विभाग तक पहुंची है।

विज्ञापन
विज्ञापन

तकनीकी खामियां और लापरवाही उजागर
रोडवेज की करीब 30 वातानुकूलित बसों में पैनिक बटन लगे हुए हैं, लेकिन वे भी शो-पीस बनकर रह गए हैं। कई पुरानी बसों में यह सुविधा उपलब्ध ही नहीं है। इससे साफ जाहिर होता है कि सुरक्षा व्यवस्था कागजों में तो है, लेकिन जमीन पर नदारद है।

आपात स्थिति में इस पर भरोसा कैसे करें? 
रोडवेज दावा करता है कि महिलाओं को इस सुविधा की जानकारी दी जा रही है, लेकिन बस अड्डों पर न तो कोई घोषणा सुनाई देती है और न ही चालक या परिचालक यात्रियों को इसके बारे में बताते हैं। बसों में इसके उपयोग से जुड़े पोस्टर भी नजर नहीं आते। यात्री नेहा यादव ने बताया कि बस में पैनिक बटन लगा तो है, लेकिन दबाने पर न कोई लाइट जली और न ही कोई आवाज आई। ऐसे में आपात स्थिति में इस पर भरोसा कैसे करें? वहीं संगीता ने कहा अधिकतर सामान्य बसों में पैनिक बटन हैं ही नहीं, और जहां हैं भी, वहां महिलाओं को इसके इस्तेमाल की जानकारी नहीं है। कम से कम बसों में इसके उपयोग के पोस्टर तो लगाने चाहिए। रूपा मलिक और आरती सिंह ने बताया कि ऐसा कोई बटन भी होता है, यह हमें पता ही नहीं था। कभी किसी बस वाले ने हमें बताया ही नहीं इसके बारे में।

अधिकारी का बयान
मामला संज्ञान में नहीं है। अगर कहीं पैनिक बटन बंद हैं तो उन्हें ठीक कराया जाएगा। महिलाओं को जानकारी देने के लिए उद्घोषणा भी करवाई जाएगी। - गायत्री अहलावत, महाप्रबंधक गुरुग्राम डिपो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed