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45 करोड़ की जमीन, कागजों पर 75 लाख की: ED ने अल फलाह के अध्यक्ष पर कसा शिकंजा, इस मामले में किया गिरफ्तार

आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Fri, 27 Mar 2026 06:34 PM IST
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सार

ईडी के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने 24 मार्च को यह कार्रवाई की। एजेंसी ने आज शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में इसकी पुष्टि की। यह गिरफ्तारी अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़ी जांच का हिस्सा है। 

ED Arrests Al-Falah University Chairman Jawad Ahmed Siddiqui Under PMLA
अल फलाह का मालिक जावद और आतंकी डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अल-फलाह विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएलएमए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। सिद्दीकी तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन के निदेशक और प्रमुख शेयरधारक भी हैं।

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भूमि अधिग्रहण का खुलासा
ईडी के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने 24 मार्च को यह कार्रवाई की। एजेंसी ने आज शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में इसकी पुष्टि की। यह गिरफ्तारी अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़ी जांच का हिस्सा है। जांच में अपराध की आय उत्पन्न करने और उसे सफेद करने का आरोप है। अल-फलाह समूह 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट से जुड़ी जांच के दायरे में भी है। ईडी ने 17 जनवरी को सिद्दीकी के खिलाफ अभियोजन शिकायत (आरोप पत्र) दायर की थी। जांच में जाली और मनगढ़ंत दस्तावेजों का उपयोग कर धोखाधड़ी से भूमि अधिग्रहण का खुलासा हुआ है।

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भूमि अधिग्रहण में धोखाधड़ी
एजेंसी ने आरोप लगाया कि सिद्दीकी ने अन्य व्यक्तियों के साथ मिलीभगत की। उन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार करने और निष्पादित करने की सुनियोजित योजना बनाई। इसका उद्देश्य दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के मदनपुर खादर गांव में खसरा संख्या 792 वाली भूमि को अवैध रूप से हासिल करना था। यह भूमि लगभग 1.146 एकड़ है और इसका वर्तमान मूल्य करीब 45 करोड़ रुपये है। दस्तावेजों में बिक्री 75 लाख रुपये दिखाया गया था। हालांकि, वास्तविक लेनदेन मूल्य काफी अधिक होने का संदेह है।

आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया
जांचकर्ता अब पूरे धन के स्रोत का पता लगाने में जुटे हैं। वे अन्य लाभार्थियों और अपराध की आय से कथित तौर पर हासिल की गई अतिरिक्त संपत्तियों की पहचान कर रहे हैं। सिद्दीकी को 25 मार्च को साकेत स्थित विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 4 अप्रैल तक ईडी हिरासत में भेज दिया है ताकि आगे की पूछताछ की जा सके। एजेंसी ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है। 

तीन साल जेल काट चुका जवाद अहमद 
अल फलाह यूनिवर्सिटी का मालिक जवाद अहमद सिद्दीकी (61) तीन वर्ष जेल में बंद रह चुका है। वह पहले चिट फंड का काम करता था। उसके बाद उसने लोगों को पैसे नहीं दिए थे। उसके खिलाफ 14 से 15 प्राथमिकी दर्ज हुई थीं। माना जा रहा है कि उसने इन पैसों से यूनिवर्सिटी को खड़ा करने में लगाया। हालांकि बाद में उसने सभी लोगों का पैसा लौटा दिया। वह सभी केसों से बरी हो गया था। साल 2000 दर्ज हुई एफआईआर (संख्या 43/2000) में सिद्दीकी और उनके भाई सऊद अहमद का नाम दर्ज किया गया था, जो नई दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धाराओं 420 (धोखाधड़ी), 406 और 409 (आपराधिक न्यास का उल्लंघन), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेजों का उपयोग) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज की गई थी। उन पर 7.5 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप था।

इंजीनियरिंग की, जामिया में पढ़ाया भी
जवाद अहमद ने इंदौर से बीटेक सिविल इंजीजिनयर में किया हुआ है। इसके बाद उसने वर्ष 1992 में जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में एसिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर नौकरी करना शुरू किया। यहां इसने जनवरी, 1994 तक नौकरी की। इसकी दोनों बहनें दुबई में रहती हैं। दोनों बेटे भी दुबई में रहते हैं।

नौ कंपनियों से रहा संबंध
जवाद अहमद सिद्दीकी, अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट का अध्यक्ष है, जो फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर चलाता है। फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी का संबंध नौ कंपनियों से है, जिसका मैनेजिंग ट्रस्टी जावेद अहमद सिद्दीकी है। सिद्दीकी इन नौ कंपनियों का डायरेक्टर है, जो कि इनवेस्टमेंट, शिक्षा, सॉफ्टवेयर, ऊर्जा, निर्यात और कंसल्टेंसी से जुड़ा है।

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