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Delhi NCR News: 40 हजार करोड़ के आरकॉम फ्रॉड में ईडी की कार्रवाई, पुनीत गर्ग पर चार्जशीट
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रॉसीक्यूशन कंप्लेंट (आरोप पत्र के समतुल्य) दाखिल किया है। ईडी ने इस मामले में आरकॉम के पूर्व डायरेक्टर पुनीत गर्ग को मुख्य आरोपी बनाया है। चार्जशीट दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई स्पेशल जज अजय गुप्ता के सामने होगी। इस पर कल 28 मार्च को सुनवाई हो सकती है।
ईडी के अनुसार, पुनीत गर्ग ने वर्ष 2001 से 2025 तक कंपनी में सीनियर मैनेजमेंट और डायरेक्टर पद पर रहते हुए अपराध से प्राप्त धन के अधिग्रहण, कब्जे, छिपाने, लेयरिंग और इस्तेमाल में सक्रिय भूमिका निभाई। जांच में पता चला कि फ्रॉड के पैसे का उपयोग विदेशी सब्सिडियरी कंपनियों, ऑफशोर एंटिटीज और अन्य माध्यमों से हुआ। एजेंसी का आरोप है कि फ्रॉड से प्राप्त कुछ फंड्स पुनीत गर्ग की बेटियों की अमेरिका में पढ़ाई पर भी खर्च हुए। इसके अलावा, न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में स्थित 8.3 मिलियन डॉलर कीमत वाले लग्जरी कोंडोमिनियम अपार्टमेंट को फ्रॉडुलेंट तरीके से बेचकर प्राप्त राशि को दुबई स्थित एक एंटिटी में ट्रांसफर किया गया। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अगस्त 2025 में दर्ज की गई एफआईआर पर आधारित है। ईडी ने 29 जनवरी 2026 को अपनी स्पेशल टास्क फोर्स के माध्यम से पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें ईडी की नौ दिन की कस्टडी में भेजा था। यह केस अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की कंपनियों से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे बैंक लोन डिफॉल्ट और फ्रॉड की जांच का हिस्सा है।
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नई दिल्ली।
रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रॉसीक्यूशन कंप्लेंट (आरोप पत्र के समतुल्य) दाखिल किया है। ईडी ने इस मामले में आरकॉम के पूर्व डायरेक्टर पुनीत गर्ग को मुख्य आरोपी बनाया है। चार्जशीट दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई स्पेशल जज अजय गुप्ता के सामने होगी। इस पर कल 28 मार्च को सुनवाई हो सकती है।
ईडी के अनुसार, पुनीत गर्ग ने वर्ष 2001 से 2025 तक कंपनी में सीनियर मैनेजमेंट और डायरेक्टर पद पर रहते हुए अपराध से प्राप्त धन के अधिग्रहण, कब्जे, छिपाने, लेयरिंग और इस्तेमाल में सक्रिय भूमिका निभाई। जांच में पता चला कि फ्रॉड के पैसे का उपयोग विदेशी सब्सिडियरी कंपनियों, ऑफशोर एंटिटीज और अन्य माध्यमों से हुआ। एजेंसी का आरोप है कि फ्रॉड से प्राप्त कुछ फंड्स पुनीत गर्ग की बेटियों की अमेरिका में पढ़ाई पर भी खर्च हुए। इसके अलावा, न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में स्थित 8.3 मिलियन डॉलर कीमत वाले लग्जरी कोंडोमिनियम अपार्टमेंट को फ्रॉडुलेंट तरीके से बेचकर प्राप्त राशि को दुबई स्थित एक एंटिटी में ट्रांसफर किया गया। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अगस्त 2025 में दर्ज की गई एफआईआर पर आधारित है। ईडी ने 29 जनवरी 2026 को अपनी स्पेशल टास्क फोर्स के माध्यम से पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें ईडी की नौ दिन की कस्टडी में भेजा था। यह केस अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की कंपनियों से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे बैंक लोन डिफॉल्ट और फ्रॉड की जांच का हिस्सा है।
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