सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Terrorist Shabbir Ahmed story Jailed three times in two decades Shabir became a handler instead of reforming

Shabbir Ahmed: दो दशक में तीन बार जेल, सुधरने के बजाय हैंडलर बन गया शाबिर; पाकिस्तान जाकर ली थी आतंकी ट्रेनिंग

धनंजय मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sharukh Khan Updated Tue, 31 Mar 2026 09:09 AM IST
विज्ञापन
सार

लश्कर-ए-तैयबा का शाबिर अहमद के खतरनाक मंसूबे सामने आए हैं। शाबिर के कट्टरपंथी बनने की शुरुआत 2004-2005 में हुई थी। 2004 में लश्कर का मददगार बना था। दो बार पाकिस्तान जाकर आतंकी ट्रेनिंग ले चुका है। कोलकाता में ठिकाना बनाया था। 

Terrorist Shabbir Ahmed story Jailed three times in two decades Shabir became a handler instead of reforming
Terrorist Shabbir Ahmed - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

सलाखें उसे सुधार न सकीं और न ही कानून का खौफ उसके सिर से आतंक का भूत उतार पाया। लश्कर-ए-तैयबा का शाबिर अहमद पिछले 21 वर्षों से आतंक की काली दुनिया का हिस्सा है। इस दौरान वह तीन बार (2007, 2016 और अब 2026) गिरफ्तार हुआ, जेल की सलाखें देखीं, सजा काटी, लेकिन हर बार बाहर आने के बाद वह पहले से ज्यादा खतरनाक होकर उभरा।
Trending Videos


जांच में सामने आया है कि शाबिर के कट्टरपंथी बनने की शुरुआत 2004-2005 में हुई थी। इसके बाद वह पाकिस्तान जाकर दो तरह की आतंकी ट्रेनिंग ले चुका हैं। गांदरबल के कंगन इलाके में स्थित उसके घर पर लश्कर के खूंखार आतंकी अबू हुजैफा, अबू बकर और फैसल अक्सर पनाह लेने और खाने-पीने के लिए आते थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

उसी दौरान अबू हुजैफा ने शाबिर के जेहन में जहर भरा और उसे लश्कर के कैडर में शामिल कर लिया। तब से लेकर आज तक उसने आतंक की राह नहीं छोड़ी, शाबिर का नेटवर्क कितना गहरा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2016 में जब उसे जम्मू-कश्मीर के परिमपोरा में हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया था, तब उसका साथी सज्जाद गुल था। 

 

सज्जाद गुल अभी पाकिस्तान में बैठकर द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) नामक संगठन चला रहा है। सज्जाद के पाकिस्तान जाने के बाद शाबिर उसका भारत और बांग्लादेश में सबसे भरोसेमंद मोहरा बन गया। पुलिस अधिकारी का कहना है कि वह 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद व ऑपरेशन चीफ जकीउर रहमान लखवी के भी संपर्क में था।

कोलकाता में बनाया था ठिकाना
2025 में पाकिस्तान में बैठे आका सुमामा बाबर ने शाबिर को निर्देश दिया कि अब कश्मीर के बजाय भारत के अन्य राज्यों और बांग्लादेशी युवाओं को निशाना बनाना है, तो शाबिर ने तुरंत अपनी योजना बदली। वह कश्मीर छोड़कर हरियाणा के गुरुग्राम में आकर बस गया। 

 

यहीं उसने मालदा के उमर फारूक को अपने जाल में फंसाया, जिसने बाद में सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास देशविरोधी पोस्टर लगाए। स्पेशल सेल की जांच में खुलासा हुआ है कि शाबिर ने केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि कोलकाता (हाथी यारा गोथे इलाका) को अपना नया बेस बनाया था। 

वह तमिलनाडु के तिरुपुर में अवैध रूप से रह रहे छह बांग्लादेशी नागरिकों को कोलकाता लाकर वहां से एक बड़ा आतंकी हमला करने की फिराक में था। दिल्ली और कोलकाता में लगे पोस्टर महज प्रचार का हिस्सा नहीं थे। 

 

पुलिस के मुताबिक, यह शाबिर और उसके आका सुमामा बाबर की एक सोची-समझी टेस्टिंग थी। वह यह देखना चाहता था कि उसके द्वारा भर्ती किए गए लड़के भीड़भाड़ वाले व्यापारिक और धार्मिक स्थलों पर बिना पकड़े गए कितनी प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं।

आतंकी षड्यंत्र के आरोपी सात विदेशी नागरिकों की हिरासत 10 दिन बढ़ी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक संवेदनशील आतंकवाद षड्यंत्र मामले में दिल्ली की विशेष अदालत ने पिछले हफ्ते सात विदेशी नागरिकों की हिरासत 10 दिन और बढ़ा दी। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अभी तक नहीं मिले हैं, जिनमें आरोपी व्यक्तियों के भारत आने का मकसद, म्यांमार यात्रा, ड्रोन का उपयोग और संभावित प्रशिक्षण गतिविधियां शामिल हैं। 
 

एनआईए विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने 27 मार्च को दिए गए आदेश में कहा, इस मामले के तथ्यों को समग्र रूप से देखा जाना चाहिए। आरोपी व्यक्ति भारत क्यों आए? वे म्यांमार क्यों गए? ड्रोन का उपयोग करने का उनका उद्देश्य क्या था? क्या आरोपी व्यक्तियों ने किसी व्यक्ति को ड्रोन से प्रशिक्षण दिया? अदालत ने पूछा कि क्या कोई भारतीय या भारत में किसी विद्रोही जातीय समूह का सदस्य आरोपी व्यक्तियों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है?
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed