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Kotdwar News: लालढांग मार्ग निर्माण के लिए पूर्व सैनिक रविंद्र सौंद का अनशन शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 12 Feb 2026 04:19 PM IST
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चिल्लरखाल बैरियर पर धरना-प्रदर्शन जारी, राज्य सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
कण्वघाटी/कोटद्वार। भाबर के चिल्लरखाल में संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे आंदोलन के 153वें दिन पूर्व सैनिक रविंद्र सौंद तीन दिन के लिए अनशन पर बैठ गए हैं। वहीं, सड़क निर्माण के लिए चल रहा ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा।
बृहस्पतिवार को समिति के संयोजक प्रवीण थापा के नेतृत्व में लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग निर्माण के लिए धरना प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार मामले की सुप्रीम कोर्ट में ठीक से पैरवी नहीं कर पा रही है। आंदोलन 153वें दिन में पहुंच गया है लेकिन शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई भी धरना स्थल पर नहीं पहुंचा है।
पूर्व सैनिक रविंद्र सौंद ने बताया कि चिल्लरखाल में आंदोलन की रणनीति बदलकर अब दिन-रात कर दी गई है। बृहस्पतिवार सुबह से वह तीन दिन के लिए क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं। सरकार को मार्ग पर लगी रोक हटाने के लिए तेजी से काम करना चाहिए। कहा कि क्षेत्रवासी वन कानूनों की अड़चन को देखते हुए मार्ग को एलिवेटेड बनाने की मांग कर रही है। धरना देने वालों में प्रकाश रावत, नरेश धस्माना, अमित अमोली, कृपाल सिंह गुसाईं, पीतांबर कपटियाल, देवीदत्त, गोवर्धन काला, मोहन जोशी, कल्पना जोशी, दीपा अधिकारी, आरती, अंजू देवी, राधा देवी, पुष्पा मेहरा, पुष्पा रावत आदि शामिल रहे।
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कण्वघाटी/कोटद्वार। भाबर के चिल्लरखाल में संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे आंदोलन के 153वें दिन पूर्व सैनिक रविंद्र सौंद तीन दिन के लिए अनशन पर बैठ गए हैं। वहीं, सड़क निर्माण के लिए चल रहा ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा।
बृहस्पतिवार को समिति के संयोजक प्रवीण थापा के नेतृत्व में लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग निर्माण के लिए धरना प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार मामले की सुप्रीम कोर्ट में ठीक से पैरवी नहीं कर पा रही है। आंदोलन 153वें दिन में पहुंच गया है लेकिन शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई भी धरना स्थल पर नहीं पहुंचा है।
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पूर्व सैनिक रविंद्र सौंद ने बताया कि चिल्लरखाल में आंदोलन की रणनीति बदलकर अब दिन-रात कर दी गई है। बृहस्पतिवार सुबह से वह तीन दिन के लिए क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं। सरकार को मार्ग पर लगी रोक हटाने के लिए तेजी से काम करना चाहिए। कहा कि क्षेत्रवासी वन कानूनों की अड़चन को देखते हुए मार्ग को एलिवेटेड बनाने की मांग कर रही है। धरना देने वालों में प्रकाश रावत, नरेश धस्माना, अमित अमोली, कृपाल सिंह गुसाईं, पीतांबर कपटियाल, देवीदत्त, गोवर्धन काला, मोहन जोशी, कल्पना जोशी, दीपा अधिकारी, आरती, अंजू देवी, राधा देवी, पुष्पा मेहरा, पुष्पा रावत आदि शामिल रहे।