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Kotdwar News: लैंसडौन हिल स्टेशन पर नहीं हो सका पर्यटन विकास
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 18 Jan 2026 05:32 PM IST
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सामाजिक संस्था स्वर की सचिव ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र, पर्यटन मंत्रालय की चुप्पी पर जताई चिंता
लैंसडौन। सामाजिक संस्था स्वर की सचिव लता खंडेलवाल ने लैंसडौन क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग की है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि लैंसडौन क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं होने के बाद भी यह पर्यटन विकास में पिछड़ा हुआ है।
पत्र में कहा कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज राज्य निर्माण से पूर्व जब गढ़वाल सांसद चुने गए थे तब उन्होंने लैंसडौन को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने का दावा किया था। अब उनके पर्यटन मंत्री रहते भी क्षेत्र का पर्यटन विकास नहीं हो पाया है। राज्य निर्माण होने के पूर्व लैंसडौन में पर्यटकों को राज्य की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराने व उनके स्वस्थ मनोरंजन के लिए पर्यटन विभाग की ओर से अक्तूबर व नवंबर में औटम फेस्टिवल का आयोजन होता था।
लता खंडेलवाल ने पत्र में कहा है कि क्षेत्रीय विधायक की पहल पर सकमुंडा में झील और चिनबो वाटर फाल पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर पर्यटन मंत्रालय चुप्पी साधे हुए है। भैरवगढ़ी और लैंसडौन में रोपवे फाइलों तक ही सीमित होकर रह गई है। होटलों के कूड़ा निस्तारण की योजना भी ठंडे बस्ते में है। पर्यटक दो दिन से अधिक समय तक यहां रुके। ऐसी कोई योजना लैंसडौन के लिए नहीं बन सकी है। दूरदराज से आने वाले पर्यटकों को मायूस होना पड़ रहा है।
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लैंसडौन। सामाजिक संस्था स्वर की सचिव लता खंडेलवाल ने लैंसडौन क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग की है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि लैंसडौन क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं होने के बाद भी यह पर्यटन विकास में पिछड़ा हुआ है।
पत्र में कहा कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज राज्य निर्माण से पूर्व जब गढ़वाल सांसद चुने गए थे तब उन्होंने लैंसडौन को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने का दावा किया था। अब उनके पर्यटन मंत्री रहते भी क्षेत्र का पर्यटन विकास नहीं हो पाया है। राज्य निर्माण होने के पूर्व लैंसडौन में पर्यटकों को राज्य की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराने व उनके स्वस्थ मनोरंजन के लिए पर्यटन विभाग की ओर से अक्तूबर व नवंबर में औटम फेस्टिवल का आयोजन होता था।
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लता खंडेलवाल ने पत्र में कहा है कि क्षेत्रीय विधायक की पहल पर सकमुंडा में झील और चिनबो वाटर फाल पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर पर्यटन मंत्रालय चुप्पी साधे हुए है। भैरवगढ़ी और लैंसडौन में रोपवे फाइलों तक ही सीमित होकर रह गई है। होटलों के कूड़ा निस्तारण की योजना भी ठंडे बस्ते में है। पर्यटक दो दिन से अधिक समय तक यहां रुके। ऐसी कोई योजना लैंसडौन के लिए नहीं बन सकी है। दूरदराज से आने वाले पर्यटकों को मायूस होना पड़ रहा है।