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Nainital News: बोर्ड परीक्षा ड्यूटी पर नहीं मिलेगा बाल्य देखभाल के लिए अवकाश
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Fri, 06 Feb 2026 03:21 AM IST
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हल्द्वानी। बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी वाले शिक्षक, शिक्षिकाओं को बाल्य देखभाल अवकाश नहीं मिलेगा। खंड शिक्षाधिकारी रामनगर और कोटाबाग की ओर से प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों को बाल्य देखभाल अवकाश स्वीकृत करने के लिए पत्र जारी होने के बाद शिक्षकों में रोष है।
पत्र में कहा गया कि विकासखंड के कुछ विद्यालय बाल्य देखभाल अवकाश के आवेदन कर रहे हैं। 21 फरवरी से हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षाएं होनी हैं। इसके लिए ब्लाॅक में कार्यरत अध्यापक, अध्यापिकाओं की डयूटी लगाई जानी है। इस कारण वर्तमान में बाल्य देखभाल अवकाश स्वीकृत करना संभव नहीं हैं।
प्रधानाचार्यों को किसी भी कार्मिक का परिषदीय परीक्षा की अवधि में बाल्य देखभाल अवकाश आवेदन स्वीकृत नहीं करने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा गया है कि अपरिहार्य कारणों से विद्यालय स्तर से 15 दिन का बाल्य देखभाल अवकाश मात्र उन्हीं अध्यापिकाओं का स्वीकृत होगा जिनके पाल्यों की बोर्ड परीक्षा प्रस्तावित हो।
बोर्ड परीक्षा के आरंभ होने से एक सप्ताह पूर्व यह अवकाश समाप्त हो जाए। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी का कहना है कि खंड शिक्षाधिकारी का यह तानाशाही रवैया है। वह शिक्षिकाओं को बोर्ड एग्जाम में बच्चों के लिए चाइल्ड केयर लीव देने से मना कर रहे हैं।
पत्र में कहा गया कि विकासखंड के कुछ विद्यालय बाल्य देखभाल अवकाश के आवेदन कर रहे हैं। 21 फरवरी से हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षाएं होनी हैं। इसके लिए ब्लाॅक में कार्यरत अध्यापक, अध्यापिकाओं की डयूटी लगाई जानी है। इस कारण वर्तमान में बाल्य देखभाल अवकाश स्वीकृत करना संभव नहीं हैं।
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प्रधानाचार्यों को किसी भी कार्मिक का परिषदीय परीक्षा की अवधि में बाल्य देखभाल अवकाश आवेदन स्वीकृत नहीं करने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा गया है कि अपरिहार्य कारणों से विद्यालय स्तर से 15 दिन का बाल्य देखभाल अवकाश मात्र उन्हीं अध्यापिकाओं का स्वीकृत होगा जिनके पाल्यों की बोर्ड परीक्षा प्रस्तावित हो।
बोर्ड परीक्षा के आरंभ होने से एक सप्ताह पूर्व यह अवकाश समाप्त हो जाए। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी का कहना है कि खंड शिक्षाधिकारी का यह तानाशाही रवैया है। वह शिक्षिकाओं को बोर्ड एग्जाम में बच्चों के लिए चाइल्ड केयर लीव देने से मना कर रहे हैं।
