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Haldwani: 129 किमी सड़कें खोदकर एक लाख से अधिक लोगों को भगवान भरोसे छोड़ा, बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक परेशान

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Tue, 24 Feb 2026 11:09 AM IST
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सार

हल्द्वानी में सीवरेज और पाइपलाइन कार्य के लिए 129 किलोमीटर सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है जिन पर हर दिन एक लाख से ज्यादा लोग जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं।

Digging up 129 km of roads, leaving over a lakh people at the mercy of God
हल्द्वानी, पीलीकोठी में सीवर लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे के किनारे से खतरनाक रास्ते से जाती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हल्द्वानी में विकास के नाम पर खोदी गईं सड़कों ने शहर की रफ्तार ही नहीं, लोगों की जिंदगी भी थाम दी है। कहीं धूल के गुबार में मासूम स्कूली बच्चों के चेहरे पहचान में नहीं आ रहे तो कहीं गहरे गड्ढों ने बुजुर्गों के कदम घरों में कैद कर दिए हैं। अस्पताल तक पहुंचने से पहले ही मरीज दर्द से कराह रहे हैं और रोजी-रोटी के लिए निकलने वाले लोग हर मोड़ पर हादसे के डर के साथ सफर करने के लिए मजबूर हैं।

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शहरी विकास की कार्यदायी संस्था उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) की ओर से दो साल पहले शुरू हुआ पाइपलाइन और सीवरेज का काम अब शहरवासियों के लिए राहत नहीं बल्कि रोजाना की सजा बन चुका है। करीब 129 किलोमीटर सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है जिन पर हर दिन एक लाख से ज्यादा लोग जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। गड्ढों में तब्दील रास्ते, उड़ती धूल, टूटती पाइप लाइनें और जलभराव ने हल्द्वानी के कई वार्डों को विकास की प्रयोगशाला नहीं बल्कि बदइंतजामी के जख्मों में बदल दिया है।

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वार्ड 50

आदर्शनगर मुखानी शहर के बीचों-बीच और बड़ी आबादी वाला क्षेत्र है। यहां करीब एक साल पहले पेयजल और तीन महीने पहले सीवरेज के लिए सड़क खोदी गई हैं। वार्ड के बसंत विहार के अलावा शिवपुरम के ए, बी व सी ब्लॉक, श्याम गार्डन आदि कॉलोनियों में 2.33 किमी सड़कें बदहाल हो गई हैं। जेसीबी से खोदाई करने के कारण गूल क्षतिग्रस्त हो गई और घरों में पानी घुसने से लोग परेशान हैं। पाइपलाइन उखड़ने से पेयजल संकट भी खड़ा हो रहा है।

वार्ड-51

मुखानी प्रथम का क्षेत्र पीलीकोठी में आता है। देवलचौड़, छड़ायल को जोड़ने वाले इस वार्ड में करीब 10 किमी सड़कें हैं जिनमें इनमें बड़ी मुखानी, पंचशील कॉलोनी, भगत देशराज काॅलोनी, सर्वोदय विहार आदि में छह किमी सड़कें एक साल से खुदी पड़ी हैं। लोग सड़कें खराब होने के साथ ही पीलीकोठी तिराहे से सीवरेज कार्य के लिए बंद पड़े मार्ग की वजह से एक माह से परेशानी उठा रहे हैं।

वार्ड-52

मुखानी द्वितीय क्षेत्र में जज फार्म का रिहायशी इलाका शामिल है। 20 हजार से अधिक की आबादी वाले इस इलाके में 27.64 किमी सड़कों का जाल है। वार्ड की खड़िया फैक्ट्री सड़क, जोशी काॅलोनी, कोहली कॉलोनी, उत्तरांचल विहार फेस-1 और 2, उदय भवानी विहार आदि में करीब नौ किमी सड़कें खुदी हैं।

वार्ड-56

मानपुर की आबादी 10 से 13 हजार के बीच है और 40.09 किमी सड़कें इस वार्ड से निकलती हैं। गली-मोहल्ले व मुख्य मार्ग को मिलाकर 13 किमी से अधिक लंबीं सड़कें खुदी पड़ी हैं। इसमें देवलचौड़ चौराहे से समाज कल्याण निदेशालय और नैनीताल सड़क की ओर जाने वाली सड़क का बुरा हाल है। प्रीतमपुरी, समाज कल्याण निदेशालय, जीतपुर नेगी आदि क्षेत्र की सड़कों ने लोगों को परेशान किया हुआ है।

वार्ड-58

नगर निगम में शामिल नए वार्ड 58 तल्ली हल्द्वानी में हो रहा विकास लोगों की गले की फांस बनता जा रहा है। इस वार्ड की कुल 6.95 किमी सड़कों में से सीवरेज कार्य के लिए 5.34 किमी सड़कें नौ माह पूर्व खोदी गईं और करीब तीन किमी सड़कें अभी बननी शेष हैं। उबड़-खाबड़ सड़कों पर आवाजाही जोखिम भरी है। 20 हजार से अधिक की आबादी वाला यह वार्ड रामपुर सड़क और बरेली सड़क से जुड़ा है।

खोदी गईं सड़कों से होने वाली परेशानी

स्वास्थ्य: सड़कों पर उड़ रही धूल के कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। इससे लोगों के सांस और एलर्जी रोग की चपेट में आने की आशंका बढ़ गई है। गड्ढों में वाहन चलाने से रीढ़ की हड्डी, गर्दन और कूल्हे में दर्द के मामले बढ़ रहे हैं।

परिवहन : सड़कों पर बिना योजना हो रहे कार्यों से एक यातायात जाम हो रहा है। कई वार्डों के मुख्य मार्ग बंद हैं। ऐसे में लोगों को संकरे आंतरिक रास्तों से आवाजाही करनी पड़ रही है। लंबे चक्कर लगाने से ईंधन भी अधिक खर्च हो रहा है।

शिक्षा: सड़कें बंद होने के कारण कई स्कूलों की बसें कॉलोनियों में बच्चों को लेने नहीं पहुंच पा रही है। कई बार गाड़ी नहीं पकड़ पाने की वजह से स्कूल की छुट्टी भी करनी पड़ रही है। धूल के गुबार से कपड़े भी गंदे हो जाते हैं।

हादसे : खोदाई के कारण सड़कों उबड़-खाबड़ हो गई है। इस पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। इस कारण अक्सर बाइक और साइकिल सवार चोटिल हो रहे हैं। यहां तक की लोग जान तक गंवा रहे हैं।

वाहनों को नुकसान: बदहाल सड़कों से गुजरने के कारण वाहनों में टूट-फूट और रखरखाव का खर्चा बढ़ गया है। लोग सड़कों का निर्माण पूरा न होने से अपने वाहन बाहर खुले में खड़े कर रहे हैं।

क्या कहते हैं लोग

करीब आठ माह पहले सड़क खोद सीवर लाइन बिछाई थी लेकिन अभी तक न तो लाइन और न ही सड़क को बनाया गया है। उबड़-खाबड़ मार्ग पर आए दिन लोग जख्मी हो रहे हैं। - नारायण सिंह बिष्ट बड़ी मुखानी वार्ड-51

सड़कों की दुर्दशा होने से घर के बच्चे और बुजुर्ग सभी परेशान हैं। बच्चे स्कूल से घर पहुंचते हैं तो पूरी ड्रेस मिट्टी से सनी होती है। धूल के कारण दिन भर खिड़कियां भी बंद करनी पड़ रही है। - गीता, मानपुर पश्चिम

सड़क पर जेसीबी से हुई खोदाई में गूल टूट रही है। इससे घरों में पानी घुस रहा है। हमें तो असुविधा होती ही है, किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंचने से उन्हें भी नुकसान हो रहा है। - सुरेश चंद्र पांडे, बसंत विहार

घर के आगे की सड़क पर गूल का पानी भरने से मकान की दीवार को खतरा पैदा हो गया है। स्कूली बच्चे जैसे-तैसे घर से निकल पा रहे हैं। जल्द इसका जल्द समाधान किया जाना चाहिए। - नंदकिशोर जोशी, शिवपुरम मुखानी

सीवर लाइन तो बिछा दी लेकिन सड़क नहीं बनी है। इससे जर्जर सड़क पर वाहन रपट रहे हैं। आवाजाही प्रभावित हो रही है। आंगन में धूल जम रही है। सफाई करने में ही पूरा दिल लग रहा है। - शालू रावत, फ्रेंड्स कॉलोनी वार्ड-58

कॉलोनी में सीवर लाइन के चेंबर दुरुस्त न होने से हादसों का खतरा बना हुआ है। पिछले दिनों इसमें एंबुलेंस फंस गई थी। सड़क चलने लायक नहीं, कार बाहर खड़ी करनी पड़ रही है।- राजेंद्र सिंह, सुयाल कॉलोनी तल्ली हल्द्वानी

यूयूएसडीए के कार्यों की हर सप्ताह समीक्षा की जाएगी। तय किया गया कि तीनों पैकेज में पहले जो काम पेंडिंग हैं उसे पूरा किया जाए। लोगों को असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। - एपी बाजपेयी, सिटी मजिस्ट्रेट

शहर में 275 किमी सड़कों में से 146 किमी का पुनर्निर्माण हो गया है। 92 किमी सड़कों पर सर्फेसिंग का काम भी पूर्ण है। सोमवार को शासन स्तर पर हुई बैठक में तय किया गया है कि अब नई सड़कें नहीं खोदी जाएंगी। पहले पुरानी सड़कों को चकाचक बनाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। डामर वाली सड़कें बनने लगी हैं। - कुलदीप सिंह, परियोजना प्रबंधक यूयूएसडीए
 

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