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Nainital News: सेब पर ओलों की मार फीकी हो गई मेहनत की मिठास
Mon, 03 Aug 2026 01:11 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 03 Aug 2026 01:11 AM IST
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प्रतीकात्मक।
- फोटो : प्रतीकात्मक।
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धानाचूली (नैनीताल)। मौसम की अनिश्चितता की मार सेब के बागवानों पर भारी पड़ रही है। नैनीताल के प्रमुख फल उत्पादन क्षेत्र धानाचूली में हाल ही में हुई ओलावृष्टि ने सेब की गुणवत्ता और बाजार मूल्य दोनों धड़ाम हो गए हैं। बाजार दाम गिरने से स्थानीय बागवानों की मेहनत की मिठास फीकी पड़ गई है।
मुक्तेश्वर, रामगढ़, धानाचूली, हरतोला, नथुवाखान क्षेत्र में सेब का अच्छा उत्पादन होता है। क्षेत्र में इस बार सेब उत्पादकों को मौसम की मार का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। ओलावृष्टि से फलों पर दाग लगने के कारण बाजार में सेब की कीमतें गिर गई हैं। इससे किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। आमतौर पर सीजन में सेब की 10 किलो की एक पेटी का दाम 600 रुपये से शुरू होकर अच्छी गुणवत्ता होने पर 700 से 750 रुपये तक पहुंच जाता है। इस बार बागवानों को पेटी के 350 से 400 रुपये मिल रहे हैं। किसानों का कहना है कि ओले गिरने से बड़ी संख्या में फलों पर दाग आ गए, जिसके कारण व्यापारी उन्हें बेहतर कीमत देने को तैयार नहीं हैं। बागवानों से सरकार से प्रभावित किसानों को राहत देने की मांग की है। संवाद
किसानों की पीड़ा-
ग्राम पाटा के सुरेश सिंह नयाल ने बताया कि इस बार फसल अच्छी होने की उम्मीद थी लेकिन ओलावृष्टि ने मेहनत पर पानी फेर दिया। दागदार सेब का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। ग्राम गल्ला के चंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि इस बार अधिकतर पेटियां 400 रुपये से भी कम में बिक रही हैं। ग्राम कपूवा के मोहन सिंह गौड़ का कहना है कि दाम घटने से किसानों के लिए बागवानी की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। ग्राम दुत्कानेधार के मोहन सिंह लोधियाल ने बताया कि ओलों के कारण फलों का रंग और गुणवत्ता प्रभावित हुई है। ग्राम सतबुंगा के मनोज सिंह गौड़ ने कहा कि बागवानों को इस बार भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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मुक्तेश्वर, रामगढ़, धानाचूली, हरतोला, नथुवाखान क्षेत्र में सेब का अच्छा उत्पादन होता है। क्षेत्र में इस बार सेब उत्पादकों को मौसम की मार का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। ओलावृष्टि से फलों पर दाग लगने के कारण बाजार में सेब की कीमतें गिर गई हैं। इससे किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। आमतौर पर सीजन में सेब की 10 किलो की एक पेटी का दाम 600 रुपये से शुरू होकर अच्छी गुणवत्ता होने पर 700 से 750 रुपये तक पहुंच जाता है। इस बार बागवानों को पेटी के 350 से 400 रुपये मिल रहे हैं। किसानों का कहना है कि ओले गिरने से बड़ी संख्या में फलों पर दाग आ गए, जिसके कारण व्यापारी उन्हें बेहतर कीमत देने को तैयार नहीं हैं। बागवानों से सरकार से प्रभावित किसानों को राहत देने की मांग की है। संवाद
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किसानों की पीड़ा-
ग्राम पाटा के सुरेश सिंह नयाल ने बताया कि इस बार फसल अच्छी होने की उम्मीद थी लेकिन ओलावृष्टि ने मेहनत पर पानी फेर दिया। दागदार सेब का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। ग्राम गल्ला के चंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि इस बार अधिकतर पेटियां 400 रुपये से भी कम में बिक रही हैं। ग्राम कपूवा के मोहन सिंह गौड़ का कहना है कि दाम घटने से किसानों के लिए बागवानी की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। ग्राम दुत्कानेधार के मोहन सिंह लोधियाल ने बताया कि ओलों के कारण फलों का रंग और गुणवत्ता प्रभावित हुई है। ग्राम सतबुंगा के मनोज सिंह गौड़ ने कहा कि बागवानों को इस बार भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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