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Lalkuan: विभिन्न मांगों के लिए मदरसन कंपनी के कर्मचारी हड़ताल पर, छात्र नेताओं और पुलिस के बीच हुई नोकझोंक
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: गायत्री जोशी
Updated Mon, 20 Apr 2026 04:40 PM IST
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सार
लालकुआं के मोटाहल्दू क्षेत्र में स्थित मदरसन कंपनी के कर्मचारियों ने वेतन बढ़ोतरी, 8 घंटे कार्य समय और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।
प्रदर्शन करते कर्मचारी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
लालकुआं के मोटाहल्दू क्षेत्र के अन्तर्गत बरेली रोड स्थित मदरसन कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। सुबह से ही कंपनी के बाहर सैकड़ों कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसी बीच छात्र नेताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई जिसके बाद पुलिस ने धक्का मुक्की कर लोगों को मौके से खदेड़ा दिया।
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इधर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन ₹20,000 किए जाने और शिफ्ट की समय अवधि 8 घंटे निर्धारित करने की मांग शामिल है। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्तमान में उनसे निर्धारित समय से अधिक काम कराया जाता है, लेकिन उसके अनुरूप वेतन नहीं दिया जाता।
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वहीं करीब 500 महिला और पुरुष कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर आर्थिक शोषण और मनमानी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला कर्मचारियों ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि कार्यस्थल पर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है। उनका कहना है कि काम के दौरान पानी पीने या वॉशरूम जाने तक पर रोक-टोक की जाती है और कई बार प्रबंधन के अधिकारियों द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया जाता है।
कर्मचारियों ने हाल ही में निकाले गए अपने साथियों की पुनः नियुक्ति की मांग भी प्रमुखता से उठाई है। उनका कहना है कि बिना उचित कारण कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है, जिससे उनमें असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। इसके अलावा, कर्मचारियों ने कंपनी की बसों के खराब मेंटेनेंस, चालकों के अनुचित व्यवहार और ‘नो ब्रेक सिस्टम’ जैसी व्यवस्थाओं पर भी कड़ा रोष जताया है। उनका कहना है कि ये सभी समस्याएं उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं।
इधर सूचना पाकर मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डाक्टर मोहन सिंह बिष्ट की प्रशासन की मौजूदगी में कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच सुलह वार्ता कराने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है और कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
