{"_id":"69aa5de5d3eddae6bb0ef519","slug":"the-hospital-emergency-room-was-filled-with-injured-people-and-about-five-hundred-people-arrived-2026-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"होली पर हुड़दंग... चोटिल लोगोंं से भरी अस्पताल की इमरजेंसी, करीब पांच सौ लोग हॉस्पिटल पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होली पर हुड़दंग... चोटिल लोगोंं से भरी अस्पताल की इमरजेंसी, करीब पांच सौ लोग हॉस्पिटल पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
Published by: गायत्री जोशी
Updated Fri, 06 Mar 2026 10:24 AM IST
विज्ञापन
सार
होली के दिन मारपीट और हुड़दंग के कारण चोटिल होकर करीब 500 लोग सुशीला तिवारी और बेस अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचे। त्योहार के बाद त्वचा संबंधी समस्याओं के मरीज भी बढ़ने लगे हैं।
बेस अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़।
- फोटो : संवाद
विज्ञापन
विस्तार
मारपीट समेत शरीर के विभिन्न अंगों में चोट लगने के कारण होली के दिन चार मार्च को सुशीला तिवारी अस्पताल और बेस हॉस्पिटल में करीब 500 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें सबसे अधिक मामले शराब पीकर मारपीट के रहे। देर शाम तक अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों का जमावड़ा रहा। सुशीला तिवारी अस्पताल की इमरजेंसी में चार मार्च को 244 लोग पहुंचे। इनमें कई लोग नशे में चोटिल होने के कारण अस्पताल लाए गए थे। इमरजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार कई मरीजों के सिर, हाथ और पैर पर चोट थी। सीएमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि करीब 55 मामले होली के हुड़दंग में चोटिल होने के थे जिनको काफी चोटें आईं। होली पर्व से पहले ही इमरजेंसी में नेत्र, ईएनटी, न्यूरो, हड्डी, त्वचा रोग समेत फिजिशियन आदि डॉक्टरों की डयूटी तय कर दी गई थी।
बेस अस्पताल में होली के दिन 255 मरीज पहुंचे। यहां दो दिन में इमरजेंसी में 300 मरीजों की जांच हुई। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार अधिकतर मामले यहां भी मारपीट और होली के दौरान चोटिल होने के थे।
त्वचा संबंधी परेशानियों में इजाफा
होली का त्योहार बीतने के बाद अब अस्पतालों में त्वचा संबंधी समस्याओं के मरीज बढ़ने लगे हैं। रसायन युक्त रंगों से खेलने के कारण कई लोगों कीं त्वचा में एलर्जी, जलन आदि की समस्या हो रही है। अकेले सुशीला तिवारी अस्पताल में रोजाना 10-12 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार होली में इस्तेमाल होने वाले अधिकतर रंगों में केमिकल की मात्रा अधिक होती है जो त्वचा के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। कई लोग सस्ते रंगों का उपयोग करते हैं जिससे ऊपरी त्वचा को नुकसान पहुंचता है जिससे एलर्जी की समस्या उत्पन्न होती है।
होली के बाद त्वचा संबंधी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं। ऐसे में डॉक्टर की बिना सलाह के कोई भी दवा या क्रीम का प्रयोग न करें। चेहरे पर केवल मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन का ही इस्तेमाल करें। - डॉ. दीपांक चौधरी, त्वचा रोग विशेषज्ञ, एसटीएच
Trending Videos
बेस अस्पताल में होली के दिन 255 मरीज पहुंचे। यहां दो दिन में इमरजेंसी में 300 मरीजों की जांच हुई। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार अधिकतर मामले यहां भी मारपीट और होली के दौरान चोटिल होने के थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
त्वचा संबंधी परेशानियों में इजाफा
होली का त्योहार बीतने के बाद अब अस्पतालों में त्वचा संबंधी समस्याओं के मरीज बढ़ने लगे हैं। रसायन युक्त रंगों से खेलने के कारण कई लोगों कीं त्वचा में एलर्जी, जलन आदि की समस्या हो रही है। अकेले सुशीला तिवारी अस्पताल में रोजाना 10-12 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार होली में इस्तेमाल होने वाले अधिकतर रंगों में केमिकल की मात्रा अधिक होती है जो त्वचा के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। कई लोग सस्ते रंगों का उपयोग करते हैं जिससे ऊपरी त्वचा को नुकसान पहुंचता है जिससे एलर्जी की समस्या उत्पन्न होती है।
होली के बाद त्वचा संबंधी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं। ऐसे में डॉक्टर की बिना सलाह के कोई भी दवा या क्रीम का प्रयोग न करें। चेहरे पर केवल मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन का ही इस्तेमाल करें। - डॉ. दीपांक चौधरी, त्वचा रोग विशेषज्ञ, एसटीएच