फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   UK High Court directed to initiate the process of adjustment and regularization of contract junior engineers

Uttarakhand News: हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, 10-15 साल के संविदा JE का होगा नियमितीकरण

Fri, 14 Aug 2026 10:49 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: Heera Updated Fri, 14 Aug 2026 10:49 PM IST
सार

नैनीताल हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग में 10 से 15 वर्षों से कार्यरत संविदा जूनियर इंजीनियरों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को उनके समायोजन और नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। 

विज्ञापन
UK High Court directed to initiate the process of adjustment and regularization of contract junior engineers
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग में दस से 15 वर्षों से कार्यरत संविदा जूनियर इंजीनियरों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए याचिकाकर्ता संविदा कनिष्ठ अभियंताओं के समायोजन और उनके नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश राज्य सरकार को दिए हैं। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

विज्ञापन


मामले के अनुसार प्रसून नौटियाल व कई अन्य संविदा जूनियर इंजीनियरों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर कहा था कि वे 10-15 वर्षों  से लोक निर्माण विभाग में संविदा पर कार्यरत थे, लेकिन विभाग ने उनकी संविदा अवधि का विस्तार न करते हुए उन्हें काम से हटा दिया था। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा उनके नियमितीकरण के दावों को भी खारिज कर दिया गया था। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से मांग की थी कि उन्हें वापस सेवा में लिया जाए और उनकी सेवाओं को नियमित किया जाए।

विज्ञापन

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि अंतरिम आदेशों के तहत 102 संविदा अभियंताओं को उपलब्ध पदों 83 रिक्त पदों तथा 19 पदोन्नति से बने पदों पर समायोजित कर लिया गया है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों के पास अंतरिम आदेश देरी से आए या नहीं आ सके, उन्हें वरिष्ठ होने के बावजूद सूची से बाहर कर दिया गया। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल अंतरिम आदेश की तिथि के आधार पर किसी योग्य अभ्यर्थी को समायोजन से वंचित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया कि छूटे हुए सभी संविदा जूनियर इंजीनियरों को दिव्यांग श्रेणी के लिए आरक्षित 10 पदों पर जब तक कि नियमित अभ्यर्थी नहीं आ जाते और भविष्य में आने वाली रिक्तियों के सापेक्ष समायोजित किया जाए। साथ ही, अदालत ने राज्य सरकार को यह भी आदेश दिया कि सभी याचिकाकर्ताओं का समायोजन करने के पश्चात, उनके नियमितिकरण के पूर्व में खारिज किए गए दावों को दरकिनार करते हुए, नियमानुसार उनके नियमितिकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed